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सूर्यग्रहण पर आसमान में दिखेगा अनोखा नजारा, छह ग्रह एक साथ एक कतार में आएंगे नजर
Solar Eclipse 2026 : अगस्त के महीने में दुनियाभर के आसमान में एक नहीं दो नहीं बल्कि एक साथ चार खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं। जो कि एक बेहद ही दुर्लभ संयोग है। यूं तो आसमान में खगोलीय घटनाएं होती रहती हैं लेकिन इन चार घटनाओं के साथ होना बेहद ही खास है।
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12 अगस्त 2026 है बेहद ही खास तारीख
12 अगस्त 2026 ये तारीख अपने आप में ही बेहद खास है क्योंकि इसी दिन आसमान में ऐसा नजारा देखने को मिलने जा रहा है जो एक साथ दिखना लगभग असंभव है। इस दिन आसमान में बृहस्पति, बुध, मंगल, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून ये सभी ग्रह पूरब से लेकर पश्चिम तक एक साथ एक कतार में देखे जाएंगे।
बिना उपकरण के भी देखे जा सकेंगे ये ग्रह
सबसे खास बात तो ये है कि इनमें से कुछ ग्रह बिना किसी उपकरण के भी देखे जा सकगें। मंगल और शनि जैसे ग्रह उन्हीं ग्रहों में शामिल हैं जिन्हें बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा। हालांकि यूरेनस और नेप्च्यून जैसे दूर वालों ग्रहों को देखने के लिए आपको उपकरणों की आवश्यकता पड़ेगी।

इन देशों से देखने को मिलेगा नजारा
‘प्लैनेट परेड’ (Planet Parade) कोई आधिकारिक खगोलीय शब्द नहीं है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कई ग्रह आसमान के एक ही हिस्से में करीब-करीब नजर आते हैं। इसी दौरान चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आने से पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भी देखने को मिलेगा। ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण दिखेगा, जबकि यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा।
भारत में देखने को नहीं मिल सकेगा अद्भुत नजारा
ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन अलावा इसे कई देशों से देखा जा सकेगा। लेकिन भारत में ये नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इसका कारण ये है कि ये पूरी घटना भारतीय समयानुसार 12 अगस्त को रात करीब 9:45 बजे से लेकर 13 अगस्त 2:15 बजे तक चलेगी। इस दौरान सूरज क्षितिज से काफी नीचे रह चुका होगा जिस कारण ये भारत में दिखाई नहीं देगी। देश के किसी भी हिस्से से इसे नहीं देखा जा सकेगा।
FAQs : Solar Eclipse 2026
Q1. 12 अगस्त 2026 को आसमान में क्या खास देखने को मिलेगा?
12 अगस्त 2026 को कई ग्रह आसमान में एक ही दिशा में कतारनुमा दिखाई देंगे। इसे आम तौर पर ‘प्लैनेट परेड’ कहा जाता है।
Q2. 12 अगस्त 2026 को कौन-कौन से ग्रह नजर आएंगे?
बृहस्पति, बुध, मंगल, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून एक साथ आसमान में दिखाई देने की स्थिति में होंगे।
Q3. क्या सभी ग्रहों को बिना टेलीस्कोप देखा जा सकेगा?
नहीं। मंगल और शनि जैसे ग्रहों को बिना उपकरण के देखा जा सकता है, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए टेलीस्कोप या अन्य उपकरण की जरूरत पड़ सकती है।
Q4. क्या 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
नहीं। इस खगोलीय घटना का समय भारत में रात का होगा, इसलिए भारत के किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
Q5. ‘प्लैनेट परेड’ क्या होता है?
‘प्लैनेट परेड’ कोई आधिकारिक वैज्ञानिक शब्द नहीं है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कई ग्रह आसमान में एक-दूसरे के करीब और लगभग एक ही दिशा में दिखाई देते हैं।
Q6. 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा?
पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।