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देवभूमि की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, अब “ऑपरेशन कालनेमि” शुरू: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने सनातन धर्म की आड़ में लोगों को ठगने वाले छद्मवेशधारी फर्जी बाबाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत देते हुए “ऑपरेशन कालनेमि” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश में हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी साधु-संत धार्मिक भेष धारण कर महिलाओं व आम नागरिकों को धोखा दे रहे थे। यह न केवल लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सनातन संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा :

“जिस प्रकार असुर कालनेमि ने साधु का भेष धरकर समाज को भ्रमित किया था, उसी प्रकार आज भी कई ‘कालनेमि’ समाज में सक्रिय हैं। राज्य सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करेगी।”

क्या है “ऑपरेशन कालनेमि”?

“ऑपरेशन कालनेमि” उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ऐसे पाखंडी साधु-संतों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाना है जो धर्म का चोला ओढ़कर अपराध कर रहे हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में:

  • सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने और असली-नकली साधु की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • महिलाओं व बुजुर्गों से ठगी के मामलों की गहराई से जांच की जा रही है।
  • किसी भी धर्म के व्यक्ति द्वारा ऐसी गतिविधि में संलिप्तता पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आस्था के नाम पर पाखंड फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान उत्तराखंड में धार्मिक विश्वास की रक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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