Dehradun

नैनीताल की दो बहनों को फर्जी कंपनी ने दिखाया सुनहरा सपना, 38 दिन कैद में रखकर किया उत्पीड़न

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देहरादून: नैनीताल की रहने वाली दो बहनों ने देहरादून में नौकरी के बहाने बंधक बनाकर मानसिक उत्पीड़न करने और 38,500 रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मंगलवार को 11 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार हल्द्वानी निवासी एक युवती की छोटी बहन 15 जुलाई को देहरादून स्थित ‘न्यूविजन शॉपर्स लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में नौकरी के लिए आई थी। आरोप है कि 15 जुलाई से 21 अगस्त तक उसे कंपनी में बंधक बनाकर रखा गया….तरह-तरह के झूठे लालच देकर 38,500 वसूले गए।

जब कंपनी की ओर से पैसों की मांग बढ़ी तो आरोपियों ने पीड़िता की बड़ी बहन को भी नौकरी का लालच देकर बुला लिया। उससे कहा गया कि उसे बिलिंग का काम दिया जाएगा और 20,000 मासिक वेतन मिलेगा। बड़ी बहन 18 अगस्त को देहरादून पहुंची और कंपनी की कर्मचारी किरण टम्टा और बबीता जोशी के कमरे पर रुकी।

यहां पूजा नेगी नाम की महिला ने उससे किराए और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 3,000 वसूल लिए। इसके बाद उसे हर रोज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक एक कथित क्लास में भेजा जाने लगा…जिसका असल में कोई औचित्य नहीं था।

इन 11 लोगों पर लगे हैं आरोप

पवन पांडे, ईश्वर पांडे, नयन टम्टा, कृष्णा टम्टा, गणेश मेहरा, प्रदीप जलाल, बबीता जोशी, किरण टम्टा, दीक्षा पांडे, शीतल अधिकारी और चंदू पांडे।

थानाध्यक्ष संजीत कुमार के अनुसार शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि नौकरी का झांसा देकर रुपए ठगे गए और धमकियाँ दी गईं। हालांकि बंधक बनाए जाने के सीधे साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसी आधार पर सोमवार को केस दर्ज कर विधिवत जांच शुरू कर दी गई है।

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