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उत्तराखंड लोन योजना 2025: सीएम धामी का बड़ा ऐलान, अक्टूबर में मिलेगा आसान लोन!

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उत्तराखंड लोन योजना 2025 के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अक्टूबर में राज्य के सभी जिलों में लोन कैंप आयोजित करने का बड़ा फैसला किया। सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों को मिलेगा विशेष लाभ।

देहरादून: राज्य सरकार ने उत्तराखंड लोन योजना 2025 के तहत आम जनता को सरल और तेज़ ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में शुक्रवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इस योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है – पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को लोन वितरण में आसानी देना।

उत्तराखंड लोन योजना 2025 – अब लोन पाना होगा और भी आसान
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोन प्रक्रिया को इस कदर आसान बनाया जाए कि आम आदमी को बैंक के चक्कर न काटने पड़ें। उत्तराखंड लोन योजना 2025 के अंतर्गत अक्टूबर महीने में राज्य के हर जिले में बड़े स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां बैंक और प्रशासन के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहेंगे।

सीमांत जिलों में खास फोकस के साथ लगेंगे कैंप
मुख्यमंत्री ने बताया कि टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिलों में ऋण जमा अनुपात अपेक्षाकृत कम है। इन्हीं क्षेत्रों में उत्तराखंड लोन योजना 2025 को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। कैंपों के ज़रिए एक ही दिन में लोन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि, स्वरोज़गार और बीमा योजनाओं को जोड़ेगा यह अभियान
बैठक में यह भी बताया गया कि कृषि बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जन धन योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को भी उत्तराखंड लोन योजना 2025 से जोड़ा जाएगा।

उत्तराखंड में 93,900 रुपए प्रति व्यक्ति औसतन मुद्रा लोन वितरित किया गया है (राष्ट्रीय औसत 62,686 से अधिक)।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत राज्य में प्रति लाख 48,000 व्यक्ति कवर हो चुके हैं।

अब तक 39 लाख जन धन खाते खोले जा चुके हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार योजनाओं को धरातल पर उतारने में गंभीर है।

मुख्यमंत्री का निर्देश – हर पात्र को मिले लाभ
सीएम धामी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि लोन योजनाओं की प्रक्रिया को इतना पारदर्शी और सरल बनाया जाए कि हर पात्र नागरिक तक सहायता पहुंचे। उन्होंने कहा बरसात के बाद अक्टूबर में प्रदेश के सभी जिलों में बड़े मेले आयोजित किए जाएंगे। एक ही जगह पर बैंक और प्रशासन के लोग मौजूद रहेंगे ताकि लोन आवेदन की औपचारिकताएं मौके पर ही पूरी हो सकें।

उत्तराखंड में वित्तीय प्रगति के आँकड़े

वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54% से बढ़कर 54.26% हुआ है।

सरकार का लक्ष्य है इसे 60% तक पहुंचाना।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के अंतर्गत 6,10,000 किसानों को लाभ मिला, जिनमें से 67% सीमांत और छोटे किसान हैं।

स्वयं सहायता समूहों की संख्या में 21% की वृद्धि, और इनमें से 70.23% SHGs का क्रेडिट लिंकेज हो चुका है।

 

 

अधिक जानकारी के लिए देखें:

उत्तराखंड सरकार आधिकारिक वेबसाइट

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना

 

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