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दिवाली बीती होली भी गई लेकिन नहीं हो सका मंत्रिमंडल विस्तार, यशपाल आर्य बोले- BJP सरकार में सब कुछ ठीक नहीं…
Uttarakhand Politics : दिवाली बीती, नया साल आ गया और अब तो होली भी चली गई लेकिन भाजपा नेताओं को जिस खुशखबरी का इंतजार था वो नहीं मिल सकी। ना तो मंत्रिमंडल विस्तार हुआ ना ही दर्जाधारियों की सूची ही जारी हुई। जबकि दिवाली से लेकर होली तक इसे लेकर बार-बार चर्चाओं के बाजार गर्म थे।
अब तो मंत्रिमंडल विस्तार की आस में बैठे नेताओं के मन में भी एक ही ख्याल आ रहा है कि इतंहा हो गई इंतजार की लेकिन आई ना खबर मंत्रिमंडल विस्तार की.. वहीं दर्जाधारियों की सूची में आने का ख्वाब देख रहे नेताओं की भी कुछ ऐसी ही हालत है।
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दिवाली बीती होली भी गई लेकिन नहीं हो सका मंत्रिमंडल विस्तार
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तो अब आम हो चली हैं बीते दो सालों में कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं हुईं तो सही लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार ना हो सका। दिवाली पर इस बात की चर्चाएं थी कि कई नेताओं को मंत्रिमंडल विस्तार का तोहफा मिल सकता है। दिवाली के बाद होली भी चली गई लेकिन ना तो मंत्रिमंडल विस्तार हुआ और ना ही दर्जाधारियों की सूची ही जारी हो पाई।
दर्जाधारियों की भी टूट रही है आस
दर्जाधारियों को लेकर तो चर्चाएं थी कि ये सूची बनकर लगभग तैयार है और कभी भी इसे जारी किया जा सकता है। चर्चाएं तो यहां तक थी कि दर्जाधारियों की लिस्ट आने पर कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं की किस्मत भी खुल सकती है। कहा जा रहा था कि इस सूची में तीन से चार ऐसे नाम शामिल हो सकते हैं जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी के खेमे में शामिल हो गए हैं। लेकिन हर बार की तरह ही जमीनी हकीकत ढाक के तीन पात वाली ही रही है।

मंत्रिमंडल विस्तार ना होने पर सियासी बयानबाजी हुई तेज
होली के बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार ना होने के कारण उत्तराखंड की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार और संगठन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल नहीं है, विधायकों में असंतोष बढ़ रहा है और इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार लगातार टल रहा है।
भाजपा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं
यशपाल आर्य ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के भीतर ही कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने ये तक कहा कि सरकार और संगठन के बीच सामंजस्य की कमी साफ दिखाई दे रही हैय़
उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक होता तो मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी देरी नहीं होती। सिर्फ यशपाल आर्य ही नहीं इस से पहले हरीश रावत और हरक सिंह रावत भी इसे लेकर चुटकी ले चुके हैं।