Uttarkashi
यमुनोत्री जाने वालों के लिए बड़ी खबर, चारधाम यात्रा से पहले खुलेगी सिलक्यारा सुरंग
Uttarkashi News : आगामी चारधाम यात्रा में यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिल सकती है। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग को अगले यात्रा सीजन तक यातायात के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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यमुनोत्री जाने वालों के लिए बड़ी खबर
निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, सुरंग का सिविल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद बिजली, लाइटिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल कार्य किए जाएंगे। सभी काम तय समय पर पूरे होने पर आगामी यात्रा सीजन में सुरंग से वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
करीब 4.5 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के चालू होने से यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए मौजूदा मार्ग की तुलना में लगभग 26 किलोमीटर की दूरी कम होने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं के यात्रा समय और वाहनों के ईंधन की बचत हो सकती है। यह परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना का हिस्सा है।
2018 में शुरू हुआ था सुरंग निर्माण का काम
सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 858 करोड़ रुपये रखी गई थी और इसे वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य था। हालांकि, तकनीकी समस्याओं और निर्माण के दौरान आई चुनौतियों के कारण काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका।

चारधाम यात्रा से पहले खुलेगी सिलक्यारा सुरंग
सुरंग निर्माण के दौरान 12 नवंबर 2023 को बड़ा हादसा हुआ था। भूस्खलन के कारण सुरंग के भीतर 41 श्रमिक फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब 17 दिनों तक बचाव अभियान चलाया गया। विभिन्न बचाव एजेंसियों और विशेषज्ञों के प्रयासों से सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस हादसे के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। जनवरी 2024 में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को दोबारा निर्माण शुरू करने की अनुमति मिली। इसके बाद सुरक्षा संबंधी सावधानियों के साथ काम आगे बढ़ाया गया। अप्रैल 2024 में सुरंग को आर-पार करने में सफलता मिली।
जल्द ही पूरा हो जाएगा परियोजना का बाकी काम
निर्माण के दौरान सुरंग के लगभग एक किलोमीटर हिस्से में विकृति आने के कारण री-प्रोफाइलिंग का काम भी करना पड़ा। इस प्रक्रिया में प्रभावित हिस्से को निर्धारित आकार में लाया गया। निर्माण कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, यह काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा जुलाई में कंक्रीट का ब्लॉक गिरने से एक श्रमिक की मौत भी हुई थी।
अब परियोजना के शेष कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। यदि सिविल निर्माण और इसके बाद होने वाले इलेक्ट्रिकल कार्य तय समय पर पूरे हो जाते हैं, तो आगामी चारधाम यात्रा में इस सुरंग से आवाजाही शुरू होने की संभावना है। हालांकि, यात्रियों के लिए मार्ग खोलने की वास्तविक तारीख संबंधित कार्यों की पूर्णता और आवश्यक मंजूरी पर निर्भर करेगी।