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आम बजट 2026-27 पेश करेंगी निर्मला सीतारामण, PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी
Aam Budget 2026-27: आज होगा संसद में पेश होगा आम बजट, सबकी निगाहें टैक्स दरों पर
मुख्य बिंदु
Aam Budget 2026-27: आज रविवार 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में लगातार 9 वीं बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी. साथ ही ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का लगातार 15 वां बजट होगा. ये बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है.
आम बजट 2026-27 : संसद में आज होगा पेश
आज रविवार 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में लगातार 9 वां बजट पेश करेंगी. आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा. ये प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का लगातार 15 वां बजट होगा. इस बजट दुनिया भर के तमाम अर्थशास्त्रियों की निगाहें टिकी रहेंगी, क्यूंकि ये ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है.
सबकी निगाहों पर होगा आम बजट 2026
इसके साथ ही देश के हर वर्ग की निगाहें भी इस बजट पर टिकी हुई हैं. मिडिल क्लास से लेकर अपर क्लास तक, किसान हो या व्यवसाई सबकी नजर बजट पर रहेंगी. ये आम बजट सरकार के लिए भी एक अग्निपरीक्षा है, क्यूंकि इस वक़्त देश भर में महंगाई चरम पर है, घरेलू मांग बड़ी हुई है और इकॉनमी पर संकट छाया हुआ है.
मिडिल क्लास को महंगाई से राहत की उम्मीद
लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक ओर मिडिल क्लास तो दूसरी ओर व्यापारी वर्ग, हर कोई इसे लेकर उत्सुक नजर आ रहा है। खास तौर पर महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद आम लोगों के बीच सबसे बड़ी चिंता और अपेक्षा बनी हुई है। माना जा रहा है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं जैसे दाल, तेल, चावल, सब्जियां, दवाइयां और बिजली-पानी पर टैक्स में कमी की जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो घरेलू खर्च में कुछ राहत मिलेगी और आम आदमी की जेब में थोड़ी बचत संभव होगी।
टैक्स सिस्टम हो सकता है पारदर्शी
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले बजटों में भी महंगाई को काबू में रखने के लिए कई कदम उठाए थे और इस बार भी उसी दिशा में ठोस फैसलों की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा, टैक्स सिस्टम को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है, ताकि करदाताओं को टैक्स भरने में कम दिक्कत हो और अनावश्यक झंझट से राहत मिले। कुल मिलाकर, यह बजट आम आदमी की जरूरतों और आर्थिक राहत पर केंद्रित रहने की उम्मीद जगाता है।