Uttarakhand
चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़, पीड़िता ने कबूला- “दोस्त के कहने पर रचा था षड्यंत्र”..
चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़
उत्तराखंड के चम्पावत जनपद में पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं और आक्रोश का केंद्र बने कथित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, वह अब पूरी तरह से झूठा और एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा निकला है।
नाबालिग ने खुद खोला राज
मामले में नया मोड़ तब आया जब नाबालिग लड़की ने पुलिस के समक्ष अपने पहले के बयानों को पूरी तरह से नकार दिया। पीड़िता ने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था। उसने स्पष्ट किया कि यह पूरा घटनाक्रम उसके एक दोस्त के उकसावे पर रचा गया एक सुनियोजित षड्यंत्र था।
बिना किसी दबाव के दिए बयान
पुलिस को दिए बयान में नाबालिग ने कहा कि वह यह स्वीकारोक्ति किसी भी बाहरी दबाव, डर या प्रलोभन में आकर नहीं दे रही है, बल्कि पूरे होशो-हवास में सच्चाई सामने ला रही है। उसने स्वीकार किया कि पूर्व में लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार थे।
पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की गई थी। सच्चाई सामने लाने में निम्नलिखित बिंदुओं ने अहम भूमिका निभाई:
- मेडिकल रिपोर्ट: डॉक्टरी परीक्षण में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
- गहन पूछताछ: पुलिस की निरंतर पूछताछ में बयानों में विरोधाभास पाया गया।
- तकनीकी साक्ष्य: अन्य डिजिटल और भौतिक तथ्यों के आधार पर मामले की परतें खुलीं।
अफवाहों पर लगाम लगाने की अपील
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही थी। पुलिस प्रशासन ने अब लोगों से अपील की है कि:
“किसी भी संवेदनशील मामले में बिना तथ्यों की पुष्टि किए अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें प्रसारित करें। इस प्रकार के जल्दबाजी में दिए गए बयान और अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकती हैं।”
संपादन नोट: पुलिस अब उन कारणों की भी जांच कर रही है जिनके तहत इस साजिश को अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।