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वक्फ बोर्ड की नीतियों पर बड़ा सवाल, 15 लाख किरायेदारों का भविष्य खतरे में, JPC ने की आलोचना…
नई दिल्ली – वक्फ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ संपत्तियों में रहने वाले किरायेदारों के अधिकारों को लेकर अपनी रिपोर्ट में एक गंभीर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली वक्फ किरायेदार कल्याण संघ ने समिति के सामने अपनी परेशानियों को रखा था। उनका कहना है कि वे पिछले 75 वर्षों से वक्फ बोर्ड की दुकानों में रोजी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन अब वक्फ बोर्ड उनके साथ अतिक्रमणकारी की तरह व्यवहार कर रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि पूरे देश में वक्फ संपत्तियों पर 10 से 15 लाख किरायेदार हैं, जबकि दिल्ली में अकेले 2600 किरायेदार वक्फ संपत्तियों पर रहते हैं। दिल्ली के किरायेदारों ने बताया कि वे तीन पीढ़ियों से वक्फ संपत्तियों में रह रहे हैं और कई बार अपनी दुकानों की मरम्मत भी की है, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड ने इन किरायेदारों से दान के नाम पर बड़ी राशि ली है और किराया भी बढ़ाया है, लेकिन अब उन्हें वक्फ संपत्तियों की नीलामी का सामना करना पड़ रहा है।
किरायेदारों ने जताई चिंता
संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि दिल्ली के वक्फ किरायेदारों ने चिंता जताई कि जब एक किरायेदार की मृत्यु होती है, तो उनके परिवार को संपत्ति पर अधिकार नहीं मिलता और वक्फ बोर्ड उनसे फीस वसूलने की कोशिश करता है, जो पूरी तरह से गलत है।
‘दोनों पक्षों का हो भला’- JPC
समिति ने इन सभी चिंताओं को गंभीरता से लिया है और सरकार से अपील की है कि वह वक्फ किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए। समिति का कहना है कि वक्फ बोर्ड और किरायेदारों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति होनी चाहिए, ताकि दोनों पक्षों का भला हो सके। सरकार पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह वक्फ किरायेदारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाए।
‘कानूनी कदम उठाए सरकार’- समिति की सिफारिश
समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है कि वक्फ किरायेदारों के बीच डर को खत्म करने के लिए वक्फ संपत्तियों का किराया बढ़ने और बेदखली से बचने के लिए लंबी अवधि के पट्टे दिए जाएं। इससे किरायेदारों का भविष्य सुरक्षित रहेगा और वक्फ संपत्तियों की स्थिति भी बेहतर होगी। समिति ने सरकार से अपील की है कि वह पूरे देश में वक्फ किरायेदारों की समस्याओं पर विचार करे और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाए।
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