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संसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….
Budget 2026-27: विकसित भारत की दिशा में तीन कर्तव्यों पर आधारित दूरदर्शी रोडमैप
मुख्य बिंदु
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। इस बजट को तीन राष्ट्रीय कर्तव्यों से प्रेरित बताया गया. सरकार ने इसे युवा शक्ति संचालित, गरीब-कल्याण केंद्रित और समावेशी विकास का बजट करार दिया है।
आम बजट 2026-27 विकसित भारत 2047 के लिए निर्णायक: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बजट भारत को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर निर्णायक रूप से आगे ले जाने का प्रयास है, जिसमें आर्थिक वृद्धि, मानव क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास को समान प्राथमिकता दी गई है।
बजट की मूल भावना: तीन राष्ट्रीय कर्तव्य
वित्त मंत्री के मुताबिक, बजट 2026-27 तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—
1️⃣ आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना
इस कर्तव्य का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता विकसित करना और भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।
2️⃣ लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण
युवाओं, महिलाओं, पेशेवरों और श्रमिकों को सशक्त बनाकर उन्हें भारत की विकास यात्रा का भागीदार बनाना इस कर्तव्य का मूल उद्देश्य है।
3️⃣ सबका साथ, सबका विकास
ये दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, अवसरों और सुविधाओं तक समान पहुंच मिले।
युवा शक्ति और वंचित वर्गों पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन बनाते हुए देश को आगे बढ़ाना है।
आर्थिक वृद्धि के लिए छह रणनीतिक हस्तक्षेप क्षेत्र
पहले कर्तव्य के अंतर्गत सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप की घोषणा की—
- रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार
- विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
- एमएसएमई को “चैम्पियन” के रूप में विकसित करना
- अवसंरचना पर सशक्त निवेश
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
- शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास
बायोफॉर्मा शक्ति: भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की तैयारी
भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से बायोफॉर्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई। इसके तहत—
- बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- 3 नए NIPER और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन
- 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स
- दवा नियामक प्रणाली को और सशक्त करना
वस्त्र और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती
श्रम-गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं लाई गई हैं।
वहीं, एमएसएमई को भविष्य का विकास इंजन मानते हुए 10,000 करोड़ रुपये का SME विकास कोष प्रस्तावित किया गया है।
रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय
सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को—
- 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ से
- 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है
यह अवसंरचना, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।
हाई-स्पीड रेल और लॉजिस्टिक्स में बड़ा कदम
पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा नए फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की भी घोषणा की गई।
शिक्षा, कौशल और पर्यटन पर विशेष जोर
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट लैब
- हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास
- 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों का कौशल उन्नयन
- राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना
खेलो इंडिया मिशन: खेल क्षेत्र में क्रांति
खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण, कोचिंग और खेल विज्ञान को नई दिशा दी जाएगी।
कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण
- भारत विस्तार नामक बहुभाषी AI कृषि टूल
- लखपति दीदी योजना का विस्तार
- सहकारी समितियों को अतिरिक्त कर रियायतें
प्रत्यक्ष कर सुधार: नया आयकर अधिनियम 2025
- नया आयकर कानून अप्रैल 2026 से लागू
- सरल नियम और फॉर्म
- TCS और TDS दरों में कटौती
- दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाना
आईटी, क्लाउड और विदेशी निवेश को बढ़ावा
- आईटी सेवाओं के लिए एकल सेफ हार्बर श्रेणी
- सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये
- विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे
सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता
- निजी उपयोग के आयात पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%
- 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट
- डिजिटल सिंगल विंडो कस्टम क्लीयरेंस
राजकोषीय स्थिति और घाटा
- FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3%
- ऋण-GDP अनुपात में गिरावट
- मजबूत वित्तीय अनुशासन का संकेत
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