Uttarakhand

गंगा दशहरा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर की पौड़ी पर तड़के से श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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Haridwar News : धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा दशहरा स्नान पर्व पर सोमवार सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर की पौड़ी समेत आसपास के गंगा घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाकर मां गंगा का पूजन-अर्चन किया।

गंगा दशहरा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब

गंगा दशहरा के अवसर पर स्नान का विशेष महत्व माना जाता है, यही वजह है कि दूर-दराज राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु दान-पुण्य कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने बताया कि आज ही के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए गंगा दशहरा को मां गंगा का जन्मोत्सव भी कहा जाता है।

हर की पौड़ी पर तड़के से श्रद्धालुओं की भारी भीड़

जेठ शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाने वाला ये पर्व विशेष रूप से हरिद्वार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहाड़ों से निकलकर मां गंगा धरती पर हरिद्वार से ही कल-कल बहती हुई आगे बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा पर स्नान करने से श्रद्धालुओं को वही पुण्य फल प्राप्त होता है, जो कुंभ स्नान से मिलता है। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने श्रद्धालुओं से प्रशासन का सहयोग करने, नियमों का पालन करने और गंगा घाटों व शहर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

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इसके साथ ही नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से कहा कि गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि चारधाम यात्रा के चरम पर होने के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगा को दूषित करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर

वहीं गंगा दशहरा पर्व को लेकर हरिद्वार पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते दिखे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हर की पौड़ी से लेकर प्रमुख घाटों और चौराहों तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्थाई पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जबकि गंगा में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए जल पुलिस, गोताखोर और बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है।

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