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Gold Silver Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट जारी , जाने आज का ताज़ा भाव…

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Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट

Gold Silver Rate Today (2 फरवरी 2026): भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जो कोहराम मचा है, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतें अब ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर हाजिर बाजार तक, हर तरफ ‘लोअर सर्किट’ और ‘पैनिक सेलिंग’ का माहौल है।

विशेष रूप से चांदी में आई गिरावट ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार का ताजा हाल और एक्सपर्ट्स की राय जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।


चांदी की कीमतों में ‘महाविस्फोट’, 37% तक टूटे दाम

पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, वह किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं है। 23 जनवरी 2026 को जो चांदी Rs3.34 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, वह अब अपने उस शिखर से करीब 37% नीचे ट्रेड कर रही है।

  • MCX का हाल: रविवार को विशेष सत्र के दौरान चांदी 9% लुढ़क कर Rs2.65 लाख के स्तर पर आ गई थी।
  • आज का भाव: 2 फरवरी 2026 को चांदी का भाव Rs2,30,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है, जो पिछले सप्ताह के Rs 4,20,000 (30 जनवरी) के ऑल-टाइम हाई से Rs1.20 लाख सस्ता है।

सोने में भी भारी गिरावट, ₹1.36 लाख पहुंचा भाव

सोने के निवेशकों के लिए भी समय चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार को सोना Rs1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन अब यह वहां से लगभग 20% सस्ता हो चुका है।


क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? 4 मुख्य कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मेल है:

  1. केविन वार्श की नियुक्ति और मजबूत डॉलर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेड चेयरमैन बनाने का संकेत दिया है। वार्श को ‘महंगाई के प्रति सख्त’ (Inflation Hawk) माना जाता है। इस खबर से डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त उछाल आया, जिससे डॉलर-प्राइस वाली धातुओं (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ गया।
  2. CME मार्जिन में बढ़ोतरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए CME ग्रुप ने सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों (Futures) पर मार्जिन बढ़ा दिया है। चांदी के लिए इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन छोड़नी पड़ी।
  3. बजट 2026 का असर: भारत सरकार द्वारा बजट में आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर जो अनिश्चितता थी, उसने भी निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए उकसाया।
  4. तकनीकी सुधार (Technical Correction): एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें अपनी वास्तविक वैल्यू से बहुत ऊपर चली गई थीं। व्हाइट ओक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो जो आमतौर पर 80:1 होता है, गिरकर 46:1 पर आ गया था। इतिहास गवाह है कि जब भी चांदी सोने के मुकाबले इतनी महंगी हुई है, उसके बाद उसमें बड़ी गिरावट आई है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? अब क्या करें निवेशक?

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, “कीमतें जितनी तेजी से ऊपर गई थीं, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही हैं। अगले कुछ दिनों में बाजार में और तकनीकी सुधार देखा जा सकता है।”

निवेशकों के लिए सलाह: > व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि साल 2011 में जब चांदी ने टॉप बनाया था, तो उसे रिकवर होने में 9 साल लग गए थे। इसलिए, इस समय ‘पैनिक’ होकर सारा पैसा एक साथ न लगाएं।

रणनीति क्या होनी चाहिए?

  • किश्तों में खरीदारी (Staggered Buying): अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, लेकिन इसे किश्तों में करें।
  • स्टॉप लॉस का ध्यान रखें: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में ‘लोअर सर्किट’ लगने का खतरा अभी टला नहीं है।
  • रुपये की चाल पर नजर: यदि वैश्विक स्तर पर गिरावट जारी रहती है, तो गिरता हुआ रुपया भी आपके निवेश को डूबने से नहीं बचा पाएगा।

निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है

सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट नए खरीदारों के लिए दरवाजे जरूर खोल रही है, लेकिन “गिरते हुए चाकू को पकड़ने” की कोशिश न करें। बाजार को स्थिर होने दें और अपनी रिस्क क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।

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