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केदारनाथ सीट पर कुलदीप सिंह रावत के तेवरों से भाजपा में हलचल, बगावत की आहट !

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देहरादून – केदारनाथ विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दो बार हार चुके कुलदीप सिंह रावत इस बार भाजपा में शामिल होने के बाद भी सुर्खियों में हैं। आगामी उपचुनाव में टिकट न मिलने की अटकलों के बीच उनके तेवर भाजपा के रणनीतिकारों की नींद उड़ाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर कुलदीप के इंटरव्यू और बयान संकेत दे रहे हैं कि वह पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं। हालांकि वह खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन उनकी इस टिप्पणी ने सबको चौंका दिया है, मैं अपने समर्थकों के हिसाब से फैसला लूंगा। भाजपा के शीर्ष नेताओं की ओर से उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेताओं ने कुलदीप से बातचीत की है और उन्हें राज्यमंत्री या मंत्री पद का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि उनके असंतोष को शांत किया जा सके। भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजे गए संभावित उम्मीदवारों की सूची में कुलदीप का नाम शामिल जरूर है, लेकिन बदरीनाथ सीट पर बाहरी उम्मीदवार के चयन से हुए अनुभव के बाद, पार्टी केदारनाथ में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। ऐसे में कुलदीप के टिकट की संभावना धुंधली नजर आ रही है।

कुलदीप के समर्थकों में इसे लेकर चिंता गहराती जा रही है। वहीं, कुलदीप टिकट को लेकर खुद आश्वस्त दिखते हैं, लेकिन उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। वह अपने समर्थकों के मनमुताबिक फैसला लेने का दावा कर रहे हैं। एक वायरल इंटरव्यू में कुलदीप कहते नजर आए, “मेरा कार्यकर्ता जो कहेगा, वही करूंगा। निर्णय कार्यकर्ता लेंगे।

यह बयान भाजपा के भीतर खलबली मचा चुका है। पार्टी अब असमंजस में है कि अगर कुलदीप को टिकट नहीं मिला, तो क्या उनकी बगावत पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है? यह एक बड़ा सवाल है।

 

 

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