Uttarakhand
LUCC घोटाले में जल्द पीड़ितों की शिकायतों के लिए बनाया जाएगा पोर्टल, सीबीआई ने शासन को लिखा था पत्र
LUCC Portal : चिट फण्ड कंपनी के घोटाले से पीड़ित लोगों के लिए बनाया जाएगा एकीकृत पोर्टल
मुख्य बिंदु
LUCC Portal : उत्तराखंड में एलयूसीसी घोटाले से पीड़ित लोगों की शिकायतों और दावों के लिए पोर्टल बनाया जाएगा. जिस पर लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. जबकि नवंबर से मामले की जाँच सीबीआई कर रही है.
ये भी पढ़ें – LUCC घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 46 लोगों पर मुकदमा दर्ज
LUCC मामले में बनाया जाएगा एकीकृत पोर्टल
उत्तराखंड में LUCC घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने 14 जनवरी 2026 को उत्तराखंड शासन को पत्र लिख कर एकीकृत पोर्टल बनाने के लिए कहा था. इसी कड़ी में सचिव दिलीप जावलकर ने सहकारिता विभाग को आगे कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है. पोर्टल पर ठगी का शिकार हुए लोग अपनी शिकायत ओर दावे दर्ज करा पाएँगे.
कंपनी ने लाखों लोगो से कराया था निवेश
LUCC चिटफंड कंपनी ने उत्तराखंड के कई जिलों में अपनी ब्रान्चेस खोली थीं. साथ ही सैकड़ों की संख्या में एजेंट बनाकर लोगों छोटी-छोटी बचत के रूप में लोगों ने आरडी-एफडी के रूप में निवेश कराया था. जिसके बाद जून 2024 में खबरें सामने आने लगी कि एलयूसीसी कंपनी के ऑफिस बंद होने लगे हैं .
ये भी पढ़ें – LUCC घोटाले में बड़ी कार्रवाई: पौड़ी पुलिस ने लखनऊ से पकड़ा करोड़ों का खेल खेलने वाला मास्टरमाइंड….
ठगी के इस बड़े मामले में सैकड़ों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप सामने आया. शुरुआत में पीड़ितों ने संबंधित एजेंटों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो पौड़ी जिले की कोटद्वार कोतवाली में एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. इसके बाद अलग-अलग जिलों में कुल 18 एफआईआर दर्ज की गईं.
CID ने मामले में दाखिल किया था आरोपपत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई, जिसने न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल किया. इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए. इसके तहत सीबीआई ने 27 नवंबर को देहरादून ब्रांच में एफआईआर दर्ज करते हुए सभी मामलों को एक साथ जोड़ दिया.
ये भी पढ़ें – पौड़ी पुलिस ने किया फर्जी कॉपरेटिव सोसाइटी का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार…
करीब 800 करोड़ की ठगी का अनुमान
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंपनी ने निवेश के नाम पर करीब 1.5 लाख लोगों को ठगा है. इसके साथ ही ठगी की कुल रकम लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. ऐसे में पीड़ितों से बेहतर समन्वय के लिए सीबीआई ने शासन को एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने का सुझाव दिया है, जिसकी शुरुआत जल्द होने की संभावना है.