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नैनीताल में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़, STF के हत्थे चढ़ा तस्कर

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Nainital News: प्रदेश में तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग और एसटीएफ एक्टिव मोड में काम कर रहा है। इसी कड़ी में नैनीताल में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ और नैनीताल वन प्रभाग ने मिलकर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।

Nainital में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़

एसटीएफ और नैनीताल वन प्रभाग व नैनीताल पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक ज्वांइट ऑप्रेशन में आज नगरपालिका नैनीताल रेंज क्षेत्र से एक वन्यजीव तस्कर महेश सिंह कपकोटी पुत्र स्व जसवंत सिंह निवासी कपकोट थाना कपकोट जिला बागेश्वर को दो लेपर्ड की खाल व हड्डियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार तस्कर लम्बे समय से वन्यजीव अंगो की तस्करी में लिप्त था ।

लंबे समय से तस्करी में लिप्त था तस्कर

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि एसटीएफ द्वारा शुक्रवार को नैनीताल क्षेत्र में Nainital वन प्रभाग को साथ लेकर वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। जिसमें दो लेपर्ड स्किन व हड्डियों के साथ एक शातिर वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।

वन्यजीव तस्करों का लम्बे समय से जनपद बागेश्वर क्षेत्र से वन्यजीव अंगो की तस्करी करने का इनपुट एसटीएफ के पास आया था। जिस पर एसटीएफ की एक टीम को गोपनीय रुप से इसपर कार्रवाई करने के लिए लगाया गया था। कल जब ये तस्कर खालों को किसी बाहर की पार्टी को बेचने के लिए नैनीताल पहुंचा तो टीम ने इसे गिरफ्तार कर लिया।

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वाइल्ड लाइफ एक्ट में मुकदमा दर्ज

एसएसपी ने बताया कि अब तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है कि पोचिंग कब, कहाँ और किस जंगल में किस तरह की गयी है। उन्होंने बताया कि लेपर्ड जिसे वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है इसका शिकार करना एक गम्भीर अपराध है, पकड़े गये तस्करों के विरुद्ध Nainital की नगरपालिका फॉरेस्ट रेंज में वन्यजीव अधिनियम (वाइल्ड लाइफ एक्ट) के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।

SSP ने जनता से की तस्करी होने पर जानकारी देने की अपील

एसएसपी एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि वह वन्यजीवों की तस्करी करने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ उत्तराखण्ड (0135-2656202) से सम्पर्क करें। उत्तराखंड एसटीएफ आगे भी वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करती रहेगा। ताकि सीधे-साधे व बेजुबान जानवरों के शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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