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देव संस्कृति विश्वविद्यालय में UCC पर कार्यशाला, सीएम धामी ने दिया स्पष्ट संदेश, भ्रम किया समाप्त !

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देहरादून: देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के ऑडिटोरियम में शनिवार को समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उत्तराखंड सरकार और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि, “UCC लागू कर हमने समाज में फैली कई कुरीतियों को खत्म करने का रास्ता खोला है, विशेषकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह एक मील का पत्थर साबित होगा। न्याय प्रक्रिया अब सरल और समयबद्ध होगी।

सीएम धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग UCC को लेकर यह भ्रम फैला रहे हैं कि इसके तहत मूल निवास प्रमाणपत्र आसानी से मिल जाएगा, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि यह कानून न्याय और समानता के सिद्धांत पर आधारित है, न कि किसी अव्यवस्थित लाभ वितरण के लिए।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराने के निर्णय को भी “ऐतिहासिक” बताते हुए स्वागत किया और कहा कि इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने मोहम्मद यूनुस के करीबी द्वारा पूर्वोत्तर भारत पर चीन के कब्जे संबंधी दिए गए बयान को देशद्रोही मानसिकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि, “आज का भारत शक्तिशाली भारत है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को वैश्विक समर्थन मिल रहा है। कोई भी देश अब भारत के खिलाफ दुस्साहस नहीं कर सकता।”

देवभूमि में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर रोक संबंधी बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वेरिफिकेशन अभियान पहले की तरह ही जारी रहेगा ताकि किसी भी संदिग्ध की समय पर पहचान की जा सके और राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक मर्यादा को बनाए रखा जा सके।

हाल ही में पहलगाम में हुई आतंकी घटना को लेकर जब मुख्यमंत्री से सवाल किया गया कि इसका असर चारधाम यात्रा पर पड़ेगा या नहीं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ जारी है। उन्होंने कहा, “30 अप्रैल से यात्रा प्रारंभ हो चुकी है, 2 मई को बाबा केदार के कपाट खुले और पहले ही दिन 30,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुल रहे हैं। इस बार यात्रा पहले से कहीं अधिक भव्य और बड़ी होगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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