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हरक सिंह रावत के बयान से गरमाया सियासी माहौल, भाजपा और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों पर बोला हमला
Uttarakhand Politics : 2027 चुनाव को से पहले उत्तराखंड में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। पर्यटन नगरी मसूरी में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने अपने तीखे और विवादित बयानों से सियासी माहौल गरमा दिया।
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हरक सिंह रावत के बयान से गरमाया सियासी माहौल
कांग्रेस के पवरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चाओं में रहते हैं। एक बार लफिर उन्होंने ऐसा बयान दिया है जिस से उत्तराखंड का सियासी माहौल गरमा गया है। मसूरी में उन्होंने मंच से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों पर सीधा हमला बोला है। जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
नकारात्मक घटनाओं के लिए भाजपा व सनातन विचारधारा से जुड़े लोग जिम्मेदार
डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि देश और प्रदेश में जो भी नकारात्मक घटनाएं हो रही हैं, उसके लिए उन्होंने भाजपा और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उनके बयान ने सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार प्रतिक्रिया पैदा की। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।
सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
हरक सिंह रावत ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होने कहा कि अपराध करने वाले जयादतर सनातनी है जो भाजपा से जुड़े हुए हैं। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया, जो सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।

अंकिता का हत्यारा और पेपर लीक करने वाला भी था सनासनी
उन्होंने कहा कि अकिंता भंडारी की हत्या का आरोपी भी सनातनी ही था। हरक सिंह रावत ने प्रदेश में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खतरे में है इन मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका होने की आशंका है।
सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को किया जा सकता है प्रभावित
हरक रावत ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की।
रावत ने कहा कि जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ था, वे सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास नहीं हुआ। सम्मेलन के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वह मसूरी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।