Politics
उत्तराखंड में चुनाव का शंखनाद: आने वाले 5 साल, अभूतपूर्व काम के, और बड़े फैसलों के साल होंगे – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने रुद्रपुर से किया उत्तराखंड में चुनाव का शंखनाद।
उत्तराखंड की जनता की तपस्या का प्रतिफल, राज्य का विकास करके लौटना हैः प्रधानमंत्री
बीते 10 वर्ष में जितना विकास उत्तराखंड का हुआ है, उतना आजादी के बाद के 60 साल में नहीं हुआः प्रधानमंत्री।
नीयत सही, तो नतीजे सही : प्रधानमंत्री।
उत्तराखंड की जनता का हर वोट, विकास के संकल्प को और सशक्त करेगाः प्रधानमंत्री।
उत्तराखंड के नौजवानों का सपना ही मेरा संकल्प हैः प्रधानमंत्री।
आने वाले 5 साल, अभूतपूर्व काम के, और बड़े फैसलों के साल होंगेः प्रधानमंत्री।
एक तरफ ईमानदारी और पारदर्शिता और दूसरी तरफ भ्रष्टाचारियों का जमावड़ाः प्रधानमंत्री।
रुद्रपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जनपद उधमसिंहनगर के रुद्रपुर में विजय शंखनाद रैली में प्रतिभाग कर उत्तराखंड में चुनावी शंखनाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को शंख भेंट कर उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां नंदा देवी, गोल्ज्यू देवता, मां राज राजेश्वरी एवं उत्तराखंड की धरती को नमन करते हुए बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ये उनकी पहली चुनावी सभा है। उन्होंने इसे प्रचार सभा नहीं विजय सभा बताया। उन्होंने उत्तराखंड की जनता की तपस्या का प्रतिफल, राज्य का विकास करके लौटाने का वादा किया। देवभूमि की जनता के आशीर्वाद को उन्होंने अपनी बड़ी पूंजी बताई। उन्होंने उधम सिंह नगर को मिनी इंडिया बताते हुए कहा कि जब भी वो उत्तराखंड की पवित्र धरती में आते हैं तो खुद को धन्य महसूस करते हैं।

प्रधानमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड को विकसित बनाने का वादा किया तथा कहा कि इसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा बीते 10 वर्ष में जितना विकास उत्तराखंड का हुआ है, उतना आजादी के बाद के 60 साल में नहीं हुआ। आज उत्तराखंड हर प्रकार की आधुनिक कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है। उत्तराखंड में भाजपा ने गरीबों को 85 हजार पक्के घर बनाकर दिए हैं। 12 लाख घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया है। यहां भाजपा सरकार ने साढ़े पांच लाख से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया है। यहां की 5 लाख से ज्यादा महिलाओं को उज्जवला का मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। राज्य में करीब 3 लाख लोगों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी प्रॉपर्टी के कार्ड दिए गए हैं। भाजपा सरकार ने 35 लाख लोगों के बैंक खाते खुलवाए हैं, उन्हें बैंकों से जोड़ा है। उत्तराखंड के छोटे किसानों के बैंक खातों में 2200 करोड़ रुपए से ज्यादा सीधे भेजे हैं। उन्होंने कहा जब नीयत सही होती है, तो ऐसे ही काम होता है। इसलिए नीयत सही, तो नतीजे सही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता जानती है कि मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी है। जिसका मतलब है कि लोगों की कमाई बढ़ेगी, लोगों को नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तराखंड को भी होगा। उन्होंने कहा मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनता से वादा किया था कि यहां एम्स का सैटेलाइट सेंटर बनेगा। जिसकी गारंटी पूरी होते दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा बाबा केदार के आशीर्वाद से उनके मुंह से निकला था कि ये दशक, उत्तराखंड का दशक होने वाला है। इसका प्रभाव भी धरातल में दिखाई देने लगा है। कमल निशान पर पड़ा उत्तराखंड की जनता का हर वोट, इसी संकल्प को और सशक्त करेगा। मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई है, लोगों का स्वाभिमान बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने तीसरे टर्म में आपका ये बेटा और बड़े काम करने जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि जनता को 24 घंटे बिजली मिले, बिजली का बिल ज़ीरो हो और बिजली से कमाई भी हो। इसके लिए पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना शुरु की है। इसके तहत छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार मदद दे रही है। इससे 300 यूनिट तक फ्री बिजली मिलेगी। अगर बिजली बचती है, तो उसे सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा आपके इस सेवक ने बहनों के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना भी बनाई है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को लाखों रुपए का ड्रोन दिया जा रहा है। अब हमारी बहनें ड्रोन पायलट बनेंगी। इसका भी सीधा लाभ उत्तराखंड की मेरी बहनों-बेटियों को होगा। उन्होंने कहा मोदी मौज नहीं मेहनत करने के लिए पैदा हुआ है। उन्होंने कहा 10 साल में जो विकास हुआ, वो तो सिर्फ ट्रेलर है। अभी तो बहुत कुछ करना है। अभी तो हमें देश को बहुत आगे लेकर जाना है। अभी तो उत्तराखंड को बहुत आगे लेकर जाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका प्रयास है कि केदारखंड की तरह ही मानसखंड भी देश और दुनिया में और अधिक परिचित हो। पिछले वर्ष वो आदि कैलाश गए थे। तब पूरे देश ने इस क्षेत्र के अद्भुत सामर्थ्य को देखा था। उत्तराखंड में खेती, पर्यटन या इंडस्ट्री, हर क्षेत्र में अभूतपूर्व संभावनाएं बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के नौजवानों का सपना ही मेरा संकल्प है। उन्होंने कहा बीते वर्षों में उत्तराखंड से पलायन रुका है। वो दिन दूर नहीं जब रोज़गार के लिए शहर गए साथी वापस लौटेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके इन प्रयासों के बीच, कांग्रेस और इंडी-गठबंधन ने अपने इरादे दिखा दिए हैं। कांग्रेस के शाही परिवार के शहज़ादे ने ऐलान किया है कि अगर देश ने तीसरी बार बीजेपी सरकार चुनी तो, आग लग जाएगी। उन्होंने कहा 60 साल तक देश पर राज करने वाले, 10 साल सत्ता से बाहर रहने पर देश में आग लगाने की बात कर रहे हैं। इमरजेंसी की मानसिकता वाली कांग्रेस का भरोसा अब लोकतंत्र पर नहीं बचा है। उन्होंने कहा कांग्रेस, भारत को अस्थिरता की तरफ ले जाना चाहती है, अराजकता में झोंकना चाहती है। कांग्रेस ने देश के वीर सपूत, स्वर्गीय बिपिन रावत जी तक का अपमान किया था। ऐसी कांग्रेस से देशभक्ति की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस,तुष्टिकरण के दल-दल में ऐसा धंस गई है कि कभी देशहित का नहीं सोच सकती। यही कांग्रेस है जो घुसपैठियों को बढ़ावा देती है। लेकिन जब भाजपा सीएए के माध्यम से मां भारती में आस्था रखने वालों को भारत की नागरिकता देती है, तो कांग्रेस को सबसे ज्यादा तकलीफ होती है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के लोग भी जानते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से जो शरणार्थी आए हैं, उनमें से अधिकतर दलित परिवार हैं, सिख परिवार हैं, बंगाली परिवार हैं। लेकिन कांग्रेस इन लोगों को नागरिकता देने का विरोध कर रही है। कांग्रेस कितना भी विरोध करे, इन लोगों के पास अब मोदी की गारंटी है। उन्होंने कहा हमारा उत्तराखंड वीर माताओं की भूमि है जो वीर संतानों को जन्म देती है। यहां के वीर सपूत मां भारती की हर एक इंच जमीन के लिए अपने जान की बाजी लगा देते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धरती का संबंध गुरु नानक देव जी, गुरु गोविंद सिंह जी और उदासी संत गुरु रामराय जी से है। कांग्रेस ने देश का ऐसा बंटवारा किया कि गुरु नानक जी की जन्म स्थली भी हमसे छिन गई। बीजेपी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनाकर, लोगों की जिंदगी आसान की है। कांग्रेस कमज़ोरी न दिखाती तो हमारी सीमाओं पर नज़र डालने की किसी की हिम्मत न होती। कांग्रेस ने कैसे अपने हाथों से मां भारती के टुकड़े किए, इसका एक और ताजा उदाहरण देश के सामने आया है। तमिलनाडु के पास एक कच्चाथीवू द्वीप है। वो द्वीप भारत का हिस्सा था लेकिन कांग्रेस ने उसको श्रीलंका को दे दिया। अब इस द्वीप के आसपास भी कोई भारतीय मछुवारा गलती से चला जाता है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कांग्रेस ने देश के सीमावर्ती गांवों को भी देश का आखिरी गांव मानकर वहां विकास करना बंद कर दिया था। लेकिन भाजपा की सरकार ने सीमा किनारे बसे गांवों को देश का प्रथम गांव माना है, वहां तेज गति से विकास किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार रहती तो आज भी पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन नहीं मिल पाती। लेकिन मोदी ने सैनिक परिवारों को गारंटी दी थी और इसे पूरा करके दिखाया आज देशभर के सैनिक परिवारों को ओ.आर.ओ.पी के एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मिल चुके हैं। इसमें से उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा 2024 के इस चुनाव में अब स्पष्ट रूप से दो खेमें बन गए हैं। एक तरफ ईमानदारी और पारदर्शिता है, दूसरी तरफ भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा है। ये भ्रष्टाचारी, मोदी को धमकी भी दे रहे हैं, गाली भी दे रहे हैं। मैं कहता हूं- भ्रष्टाचार हटाओ। वो कहते हैं- भ्रष्टाचारी बचाओ। लेकिन मोदी इनकी गालियों और धमकियों से डरने वाला नहीं है। हर भ्रष्ट पर कार्रवाई जारी रहेगी। और तीसरे टर्म की शुरुआत में अब 75 दिन से भी कम का समय रह गया है। तीसरे टर्म में भ्रष्टाचार पर और तेज प्रहार होगा। भ्रष्टाचार, हर गरीब का हक छीनता है, मध्यम वर्ग का हक छीनता है। और वो गरीब का हक, मध्यम वर्ग का हक, किसी को छीनने नहीं दूंगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 साल, अभूतपूर्व काम के, और बड़े फैसलों के साल होंगे। लेकिन इसके लिए जनता ने मोदी को और मजबूत करना है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि उत्तराखंड की सारी सीटों पर भाजपा को ज्यादा से ज्यादा वोटों से विजय दिलानी है।नैनीताल-उधम सिंह नगर से अजय भट्ट जी, अल्मोड़ा से अजय टमटा जी, हरिद्वार से त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, टिहरी गढ़वाल से श्रीमती माला राज लक्ष्मी जी और गढ़वाल से अनिल बलूनी जी को जिताना है। उन्होंने कहा सबने गांव में जाकर वहां के देवी-देवता के दरबार में मोदी की तरफ से माथा टेकना है। उन्होंने कहा लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें अपना धर्म निभाना है, और अधिक से अधिक मतदान करना है।
Politics
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलनकारी करेंगे सामूहिक मुंडन, 15 से शुरू होगी पदयात्रा

Uttarakhand Politics : दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, रुद्रप्रयाग में गरजे और देहरादून धरना स्थल पर 100 दिनों से अधिक के क्रमिक अनशन के बाद अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान की लड़ाई अब अपने सबसे उग्र और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए करेंगे सामूहिक मुंडन
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता के साथ वर्षों से किया जा रहा छल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति इससे पहले दिल्ली, देहरादून, कर्णप्रयाग, चौखुटिया और रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर चुकी है और देहरादून धरना स्थल पर लगातार 100 से अधिक दिनों का ऐतिहासिक क्रमिक अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ये आंदोलन अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं है।
समिति 15 से शुरू करेगी पदयात्रा
समिति के मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी(पत्रकारिता छात्रा), गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि सत्ता के नशे में सोई सरकारें कान खोलकर सुन लें कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न हम बैठेंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

अब जंग सीधी और आर-पार की होगी – समिति
समिति का कहना है कि हमारी रगों में उत्तराखंड का खून दौड़ रहा है और ये लड़ाई हमारी अस्मिता व भावी पीढ़ियों के हक की है। हमने ‘प्रण से प्राण तक’ का अटूट संकल्प लिया है और अगर सरकार सोचती है कि वह समय टालकर हमें थका देगी, तो ये उसकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी क्योंकि अब जंग सीधी और आर-पार की होगी।
गैरसैंण तक निकाली जाएगी पदयात्रा
सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के जवाब में समिति ने ऐतिहासिक आंदोलनों का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से देहरादून विधानसभा के बाहर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार के खिलाफ रोष के प्रतीक स्वरूप सामूहिक मुंडन किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:30 बजे से विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक ऐतिहासिक महा-पदयात्रा का आगाज होगा।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दिनेश कुंजवाल ने छोड़ा हाथ का साथ

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पकड़ बढ़ाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस के लिए झटका देने वाली खबर सामने आई है।
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विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का दामन थाम लिया है। दिनेश कुंजवाल के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी यूकेडी में शामिल होने की बात सामने आई है। ऐसे में उनका ये राजनीतिक फैसला जागेश्वर क्षेत्र की सियासत में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
गोविंद सिंह कुंजवाल ने भतीजे ने छोड़ी पार्टी
जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। यहां कुंजवाल परिवार की भी मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। गोविंद सिंह कुंजवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्होंने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है ये घटनाक्रम?
ऐसे राजनीतिक परिवार से जुड़े दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस से अलग होकर यूकेडी में शामिल होना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खासतौर पर ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव में अभी कुछ समय बाकी है और राजनीतिक दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

यूकेडी ने कांग्रेस के गढ़ में लगाई सेंध
उत्तराखंड क्रांति दल लंबे समय से राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। जागेश्वर में दिनेश कुंजवाल के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यूकेडी में जाना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद जागेश्वर में कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक और संगठनात्मक पकड़ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इसका वास्तविक राजनीतिक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। कांग्रेस, भाजपा और क्षेत्रीय दल अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इसी कड़ी में जागेश्वर में यूकेडी की ओर से कांग्रेस के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश को अहम माना जा रहा है। दिनेश कुंजवाल के साथ कार्यकर्ताओं का पार्टी बदलना कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर चुनौती खड़ी कर सकता है।
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BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल, 32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !

Uttarakhand Politics : बीजेपी के आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट ने उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी के आंतरिक सर्वे से बीजेपी के भीतर खलबली मच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 47 विधायकों में से 32 विधायकों का टिकट रेड जोन में है।
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BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल
बीजेपी के आंतरिक सर्वे के बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन विधायकों की परर्फॉर्मेंस पर स्थानीय जनता ने गहरी नाराजगी जताई है जो कि पार्टी के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। पार्टी सत्ता की हैट्रिक के रास्ते में विधायकों के खिलाफ नाराजगी को बड़ा खतरा नहीं बनने देना चाहती, ऐसे में कई मौजूदा चेहरों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है।
32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !
पार्टी के विश्वत सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के दो तिहाई विधायकों का अगले विधानसभा चुनाव में टिकट कट सकता है। पार्टी और संघ की ओर से राज्य में अपने हिस्से की सभी 47 सीटों पर कराए गए आंतरिक सर्वे में 32 विधायकों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर गहरी नाराजगी की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक लोग विधायकों से बेहद नाराज हैं। वो मानते हैं कि भाजपा के दस साल के शासन में विकास के कई कार्य हुए हैं। लेकिन कई ऐसे काम हैं जिनके वो आवाज उठाते रहे लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। आंतरिक कलह, कुछ स्तरों पर प्रशासनिक ढिलाई, युवाओं में नाराजगी की भी बात सामने आई है। बीते कुछ समय में सोशल मीडिया पर भी इस तरीके के कई मामले सामने आए हैं।

अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद तैयार हुई रिपोर्ट
संघ सूत्रों के मुताबिक बीते दो महीने में राज्य की सभी 70 सीटों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं, महत्वपूर्ण हस्तियों के अलावा सामान्य लोगों से अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है।
सूत्रों ने बताया कि राज्य में विपक्ष के मजबूत या कमजोर होने का परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ता, मुख्य मुद्दा स्थानीय स्तर की नाराजगी का होता है। राज्य में दिवंगत भवन चंद खंडूड़ी के सीएम रहते कांग्रेस बेहद कमजोर थी, हालांकि तब भी विधायकों और उम्मीदवारों के खिलाफ लोगों की नाराजगी के कारण भाजपा को सत्ता गंवानी पड़ी थी।
यानी साफ है कि भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि अपने ही विधायकों के खिलाफ बन रही नाराजगी से भी है। इसके साथ ही टिकटों की लड़ाई में भी भाजपा के कई सियासी सिरमौर आपस में ही सींग मार रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि दूसरे दलों से भाजपा में आए नेता भी दावेदारी कर रहे हैं।
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