Chamoli
शादी की सालगिरह पर एक पौधा धरती को दें उपहार में: वृक्षमित्र डॉ सोनी।

चमोली – पर्यावरणविद् वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पूर्णा देवाल में सेवानिवृत्त वन क्षेत्राधिकारी गोविन्द राम सोनी व आशादेवी ने अपने 47 वें शादी की सालगिरह पर फलदार कटहल के पौधों का रोपण किया।

वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी ने कहा वर्तमान में गर्मी के हालात ने ये एहसास करा दिया हैं पेड़ पौधे हमारे लिए कितते जरूरी हैं अगर जीवन को सुरक्षित रखना है तो हमें पेड़ो को बचाना होगा और सघन पौधारोपण करना होगा तभी पर्यावरण का संतुलन बन सकेगा। गोविन्द राम सोनी ने अपील करते हुए कहा हमें अपने यादगार पलो पर एक एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तभी पर्यावरण संरक्षित रहेगा आज हमने अपने शादी के 47 वें सालगिरह पर फलदार कटहल के पौधों का रोपण किया वही से0नि0 तहसीलदार जयबीर राम बधाणी ने अपने माता पिता व बच्चों के नाम पर एक एक पौधा लगाने की अपील की। कार्यक्रम में आशा देवी, किरन सोनी, मधु मंजुला, कमला देवी, बलराज, ललित मोहन, आदित्य सिंह, रविन्द्र कुमार, अंशिका सिंह, रूचि, हरीश चंद्र सोनी, नेहा, पार्वती आदि थे।
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खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी, घटनास्थल का किया निरीक्षण

chamoli Tunnel Accident : चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया। पानी के रिसाव और भू-धंसाव के कारण सात लोगों की मौत हो गई। जबकि की लोग अब भी लापता हैं। आज सीएम धामी खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे। जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी
बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी। सीएम धामी ने टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया।
घायल श्रमिकों से भी मुलाकात करेंगे सीएम धामी
अब से कुछ ही देर में मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे। बता दें कि राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी व विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

मौके पर राहत और बचाव कार्य अब भी जारी
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।
टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत व बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वहीं 3 लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। जबकि हादसे में सात लोगों की मौत हो गई।
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चमोली में पीपलकोटी बड़ा हादसा, THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत, 3 लापता

Chamoli Tunnel Landslide : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर अचानक भूस्खलन के साथ पानी का तेज रिसाव शुरू हो गया। जिससे अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया जो कि अब भी जारी है।
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चमोली में THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत
पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में बीती रात बड़ा हादसा हो गया। पानी के रिसाव और भू-धंसावर के कारण मजदूर फंस गए। मिली जानकारी के मुताबिक टनल के भीतर कुल 22 लोगों के फंसे होने की आशंका थी।
लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन अन्य श्रमिकों की तलाश अभी भी जारी है। बचाव कार्य में शामिल छह रेस्क्यू कर्मी भी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
हादसे के बाद से तीन मजदूर लापता
चमोली में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि तीन मजदूर लापता हैं। रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को पहले पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सीएम धामी ने की रेस्क्यू किए गए घायलों से बात
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से पूरे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बचाव कार्य की ताजा जानकारी ली और अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित श्रमिकों के उपचार, देखभाल और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
Chamoli
चमोली की नीति घाटी में आया भयानक जलसैलाब, पुल-गाड़ियां बहीं, एक BRO कर्मी लापता

Chamoli News : भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की नीती घाटी में सोमवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से तेज जलसैलाब आ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव में नाले पर बना वैली ब्रिज बह गया।
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चमोली की नीति घाटी में आया भयानक जलसैलाब
चमोली में देर शाम हुई घटना के बाद से चीन सीमा का संपर्क कट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की बताई जा रही है। तमक नाले में अचानक आए तेज बहाव की चपेट में 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से बनाया गया वैली ब्रिज आ गया। देखते ही देखते पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। अचानक आई बाढ़ से आसपास मौजूद वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
GREF का वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आया
तमक नाले में आए सैलाब के दौरान जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) से जुड़े कई वाहन प्रभावित हुए। इनमें स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058 और बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 समेत एक अन्य वाहन शामिल है।

जलसैलाब में बीआरओ का एक कर्मी लापता
घटना के दौरान स्कॉर्पियो चला रहे नायक पंकज कुमार के तेज बहाव में बहने की सूचना सामने आई है। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बताया गया है कि स्कॉर्पियो वाहन को बाद में सुरक्षित स्थान पर कर लिया गया।
कुछ ही मिनटों में बदला नाले का मिजाज
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, तमक नाले में अचानक पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा आने लगा। तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। पानी और मलबे ने कुछ ही समय में पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया।
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में एक के बाद एक करीब तीन बार अत्यधिक बारिश हुई। लगातार हुई तेज बारिश के बाद नाले में पानी का दबाव अचानक बढ़ गया। इसी तेज बहाव के कारण वैली ब्रिज इसकी चपेट में आया और देखते ही देखते बह गया।
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