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पुल के बनने से भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक संबंधों को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री धामी
पिथौरागढ़ – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काली एवं गोरी नदी के संगम स्थल जौलजीबी में आयोजित ऐतिहासिक जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी -2022 का उद्घाटन रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जौलजीबी मेला क्षेत्र के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में बहुत महत्व रखता है। यह मेला भारत, नेपाल एवं तिब्बत के पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देता आ रहा है। यह मेला भारत एवं नेपाल के रिश्तों को ऑक्सीजन देने का काम करता है। मुझे प्रसन्नता है कि यह मेला भारत एवं नेपाल देश के बीच संस्कृति, सभ्यता के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाता आ रहा है। अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे बचपन से ही यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति को देखते आ रहे हैं।

उन्हें बचपन से ही इस मेले से बहुत लगाव रहा है। उन्होंने जनता द्वारा किए गए भव्य स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आप लोगों का बेटा व भाई हूं। मैं जब भी यहां आया हूं मेरा हमेशा गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं तथा आप लोगों का भी हाथ जोड़कर स्वागत करता हूं!

मुख्यमंत्री धामी ने सीमान्त क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम मानते हैं कि सीमांत क्षेत्रों का ठीक प्रकार से विकास होना चाहिए, हम सीमांत क्षेत्रों में सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सीमान्त गांवों के विकास के प्रति बहुत गंभीर है। अब देश के सीमान्त गांव देश के अंतिम गांव न होकर देश के पहले गांव होंगे, उनका संपूर्ण विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है।

उन्होंने कहा कि हम जनपद के इस सीमान्त क्षेत्र के विकास के लिए काली नदी पर डबल लेन मोटर पुल का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भारत और नेपाल देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। हम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निर्माण व चौड़ीकरण कर रहे हैं, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से होकर जाएंगे, जिससे व्यापार बढ़ेगा तथा क्षेत्र का विकास होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम क्षेत्र के आपदा प्रभावित एलधारा भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट वरूणावत पर्वत की तर्ज पर करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर जौलजीबी मेले हेतु रुपए 5 लाख दिए जाने एवं जौलजीबी संगम स्थल का सौंदर्यीकरण किये जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने संगम स्थल पर स्थित जालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।
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बागेश्वर में रिश्तों का कत्ल, भतीजे ने चाचा-चाची की हत्या की, डबल मर्डर से इलाके में मची सनसनी

Bageshwar News : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। गरुड़ तहसील के नर्गवाड़ी गांव में एक युवक पर अपने चाचा और चाची की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने का आरोप है। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची परिवार की बहू पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
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शराब की लत और विवाद से परेशान था परिवार
बताया जा रहा है कि आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचकर गाली-गलौज और विवाद करता था। उसकी इन हरकतों से परिवार के लोग काफी समय से परेशान थे।
बताया जा रहा है कि करीब पांच से छह महीने पहले भी परिवार की ओर से उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी आरोपी के व्यवहार को लेकर शिकायत की गई थी।
पहले चाची, फिर चाचा पर किया हमला
बताया जा रहा है कि रविवार देर रात आरोपी ने नशे की हालत में घर में फिर से विवाद शुरू कर दिया। इस दौरान उसने सबसे पहले ऊपरी कमरे में मौजूद अपनी चाची भगवती देवी (54) पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद वह नीचे के कमरे में पहुंचा और अपने चाचा पूरन चंद्र खोलिया (58) को भी बुरी तरह पीट दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
चीख-पुकार सुनकर पूरन चंद्र के बेटे की बहू दर्शनी देवी उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि आरोपी ने उन पर भी लोहे की रॉड से तीन से चार वार किए। अपनी और अपनी छोटी बच्ची की जान बचाने के लिए दर्शनी देवी एक कमरे में बंद हो गईं। बाद में वह दूसरे रास्ते से बाहर निकलने में सफल रहीं। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

चाचा-चाची की मौत, बहू का अस्पताल में इलाज जारी
वारदात के बाद आरोपी तीनों घायलों को वहीं छोड़कर फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले गई। वहां चिकित्सकों ने भगवती देवी और पूरन चंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दर्शनी देवी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस की चार टीमें
बैजनाथ के कोतवाल कैलाश नेगी के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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देहरादून में विवाहिता की संदिग्ध मौत, पिता ने पति-सास और ननद पर लगाए गंभीर आरोप

Dehradun News : देहरादून में दहेज प्रताड़ना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ननद की शादी के लिए एक लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित किया गया। इसके बाद विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अब मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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देहरादून में विवाहिता की संदिग्ध मौत
मामला देहरादून का है। आगरा के अछनेरा क्षेत्र के साधन गांव निवासी महेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी रचना की शादी 22 अप्रैल 2024 को देहरादून निवासी संजय के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति दहेज को लेकर रचना को परेशान करने लगा था। यहां तक कि एक बार प्रेस से उसका हाथ भी जला दिया गया था।
पिता ने पति-सास और ननद पर लगाए गंभीर आरोप
महेश के मुताबिक, 25 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर रचना मायके आई थी। ससुराल लौटने के बाद उसने फोन पर बताया कि उसका पति संजय अपनी बहन पूजा की शादी के लिए एक लाख रुपये मांग रहा है। पिता ने आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही तो आरोप है कि इसके बाद पति, सास नीतू देवी और ननद पूजा ने रचना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
परिजनों के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच पुलिस ने फोन कर रचना की मौत की सूचना दी। जब पिता देहरादून पहुंचे, तब तक बेटी का पोस्टमार्टम कराया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी।
सीओ नितिन लोहानी के अनुसार, पुलिस ने एक नवंबर की रात पति संजय, सास नीतू देवी और ननद पूजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत

Chamoli News : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरने वाला एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बर्फबारी के बीच बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम भी उसकी लोकेशन पता नहीं लगा सका। कुछ देर बाद हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली।
पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
प्रशासन के अनुसार, भारतीय सेना ने सबसे पहले चमोली के जिलाधिकारी को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सेना, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के लिए मौके पर रवाना की गईं। हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई।
कई कंपनियों के बीच बंटी थीं परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां
यूसीएडीए के हेड ऑफ ऑपरेशंस के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था। इसे चार्टर उड़ानों के संचालन के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। जानकारी के अनुसार, शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना एनएसओपी (नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट) नहीं था। कंपनी ने डीजीसीए में परमिट के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया जारी थी। इस दौरान उड़ानों के संचालन के लिए दूसरी कंपनी के परमिट का इस्तेमाल किया जा रहा था।
संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास
हेलीकॉप्टर के संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास थी। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था, जबकि इसका संचालन लीज पर शिव भोले ट्रेवल मार्ट कर रहा था। उड़ान भरने वाले पायलट चिप्सन कंपनी के थे और हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर के स्वामित्व, संचालन, परमिट और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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