Dehradun
जब सब सो रहे थे, तब जाग रहे थे CM धामी….चमोली के लिए जारी किए तत्काल निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से गुरुवार देर रात चमोली जनपद में अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों को असुरक्षित स्थानों से सुरक्षित स्थानों में पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विभिन्न घटनाओं में घायल हुए लोगों का बेहतर से बेहतर उपचार करने तथा लापता लोगों की खोज के लिए खोज एवं बचाव अभियान को तत्परता से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन भाई बहनों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके रहने, भोजन के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली तथा पानी की आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बीती देर रात चमोली जनपद के तहसील नंदानगर के ग्राम कुन्तरी लगाफाली, ग्राम कुन्तरी लगा सरपाणी एवं ग्राम-धुर्मा में अतिवृष्टि के कारण भारी मलबा आने से नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि दिनांक 18.09.2025 को समय लगभग प्रातः 03:00 बजे तहसील नदांनगर अंतर्गत ग्राम-कुन्तारी लगाफाली में अतिवृष्टि के कारण 08 व्यक्तियों के लापता होने तथा मलबे में दबने एवं 15-20 भवन व गौशाला के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।
मलबे में दबे 03 (02 महिलाओं एवं 01 बच्चे) को स्थानीय पुलिस, डी०डी०आर०एफ०, एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित रैस्क्यू कर लिया गया है। लगभग 150-200 ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उपरोक्त घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नंदानगर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है
घटना स्थल पर तुरन्त प्रभाव से एस०डी०आर०एफ०, एन०डी०आर०एफ० एवं आई.टी.बी.पी. गौचर 8वीं वाहिनी की टीमों को बचाव कार्य हेतु भेजा गया है। भारी वर्षा एवं मार्गों में जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर पहुंचने में विलंब हो रहा है। एन०डी०आर०एफ० तथा एस०डी०आर०एफ०, की टीम पैदल मार्ग से मौके पर पहुंचने वाली है।
वहीं दूसरी घटना तहसील नदांनगर अंतर्गत कुन्तारी लगा सरपाणी गांव में घटी है। यहां अतिवृष्टि से 02 व्यक्तियों के लापता 02 भवनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।
घटना स्थल पर स्थानीय पुलिस, डी०डी०आर०एफ०, एवं राजस्व की टीम द्वारा खोज एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है। लगभग 100 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
घटना स्थल पर तुरन्त प्रभाव से एस०डी०आर०एफ०, एन०डी०आर०एफ० एवं आई.टी.बी.पी. गौचर 8वीं वाहिनी की टीमों को बचाव कार्य हेतु भेजा गया है। भारी वर्षा एवं मार्गों में जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर पहुंचने में विलंब हो रहा है।
वहीं ग्राम-धुर्मा में अतिवृष्टि से मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से 02 व्यक्तियों के लापता होने तथा 8-10 भवनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।
एस०डी०आर०एफ०, एन०डी०आर०एफ० एवं आई.टी.बी.पी. गौचर 8वीं वाहिनी, राजस्व एवं डीडीआरएफ की टीमों को बचाव कार्य हेतु भेजा गया है। भारी वर्षा एवं मार्गों में जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटनास्थल पर पहुंचने में विलंब हो रहा है। एन०डी०आर०एफ० तथा एस०डी०आर०एफ० की टीम पैदल मार्ग से मौके पर पहुंचने वाली हैं।
वहीं घटना की जानकारी मिलते ही सुबह ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबेदुल्लाह अंसारी तथा यूएसडीएमए के विशेषज्ञ राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे। कंट्रोल रूम से राहत और बचाव दलों को तुरंत एक्टिवेट करते हुए घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से खोज एवं बचाव अभियान पर निगरानी रखी जा रही है।
Accident
मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर फिर हादसा, बाइक फिसलने से युवक की मौत

Mussoorie Accident : मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। रविवार को हाथीपांव से करीब तीन किलोमीटर आगे झरने के पास एक बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई।
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मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर बाइक फिसलने से युवक की मौत
पुलिस के अनुसार दुर्घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से मिली, जिसके बाद मसूरी कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवक को 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल मसूरी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान अनूप बंगवाल (32 वर्ष) निवासी कृष्णा विहार, थानो रोड, रायपुर (देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बरसात में और खतरनाक हो जाता है मार्ग
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथीपांव से कीमाड़ी तक का मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। बारिश के मौसम में कई स्थानों पर झरनों का पानी सीधे सड़क पर बहने लगता है, जिससे सड़क बेहद फिसलन भरी हो जाती है। इसके अलावा गड्ढे, टूटी हुई सड़क और कमजोर किनारे वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा करते हैं।
खस्ताहाल मार्ग के स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क सुधार, जल निकासी की व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
मसूरी-कीमाड़ी मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे हादसों ने एक बार फिर मसूरी-कीमाड़ी मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।
Dehradun
उत्तराखंड के सरकारी डेटा सेंटर पर फिर मंडराया खतरा, चीन के वायरस ने किया बड़ा हमला

Uttarakhand News : उत्तराखंड के सरकारी डिजिटल सिस्टम पर साइबर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हाल ही में राज्य के डेटा सेंटर में एक संदिग्ध ‘बहरूपिया वायरस’ (Polymorphic Malware) मिलने के बाद साइबर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुरुआती आशंका है कि इस हमले के पीछे विदेशी हैकर गिरोह, विशेष रूप से चीन से जुड़े किसी साइबर समूह का हाथ हो सकता है।
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उत्तराखंड के सरकारी डेटा सेंटर पर फिर मंडराया खतरा
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह एक ऐसा मैलवेयर है जो सिस्टम में प्रवेश करने के बाद अपना स्वरूप बदल लेता है। यही वजह है कि पारंपरिक एंटीवायरस या सुरक्षा प्रणालियों के लिए इसे पहचानना आसान नहीं होता। कई बार यह सिस्टम की सामान्य फाइल जैसा दिखाई देता है, लेकिन सक्रिय होते ही यह संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने या अन्य नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है।
पिछले साल भी हुआ था बड़ा साइबर हमला
साल 2024 में उत्तराखंड के डेटा सेंटर पर माकोप रैनसमवेयर का हमला हुआ था। उस साइबर हमले में कई सिस्टम लॉक हो गए थे और कथित तौर पर डेटा को अनलॉक करने के बदले फिरौती की मांग की गई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, लेकिन अब नए प्रकार के वायरस की मौजूदगी ने फिर से चिंता बढ़ा दी है।

डेटा चोरी की आशंका, लेकिन पुष्टि नहीं
प्रारंभिक जांच में इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने कुछ डेटा की कॉपी करने की कोशिश की हो। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी प्रकार की फिरौती या अन्य मांग सामने आई है।
मामले की जांच में जुटे
सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े अधिकारी फिलहाल पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ सिस्टम लॉग, नेटवर्क गतिविधियों और संभावित मैलवेयर की जांच कर रहे हैं ताकि ये स्पष्ट हो सके कि वायरस ने कितना प्रभाव डाला और किसी प्रकार का डेटा प्रभावित हुआ या नहीं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नागरिकों को घबराने की बजाय आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Dehradun
मसूरी में कब्रगाह ध्वस्त होने पर बवाल, मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, NH हुआ जाम

Mussoorie News : मसूरी में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया, जबकि प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को पूरी तरह कानूनी बताया।
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मसूरी में कब्रगाह ध्वस्त होने पर बवाल
मसूरी में कब्रगाह से जुड़े विवाद को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए उस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि जिस भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, वह नगर पालिका परिषद की संपत्ति है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही संबंधित निर्माण हटाया गया।
समुदाय ने जताई आपत्ति
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वो कोई हालिया निर्माण नहीं था। उनके अनुसार ये स्थल लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग में रहा है तथा यहां उनके पूर्वजों की कब्रें मौजूद हैं। समुदाय का दावा है कि इस स्थान का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है।

टीनशेड को लेकर भी उठे सवाल
समुदाय के लोगों ने प्रशासन के उस दावे पर भी आपत्ति जताई, जिसमें संरचना को मस्जिद बताया गया। उनका कहना है कि वहां नियमित नमाज नहीं होती थी, बल्कि यह एक टीनशेड था, जिसका उपयोग अंतिम संस्कार के बाद जनाजे की अंतिम नमाज अदा करने के लिए किया जाता था।
संवेदनशीलता बरतने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उनकी भावनाओं और पक्ष को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना था कि अगर भूमि सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस संबंध में कोई कार्रवाई या विवाद सामने क्यों नहीं आया। उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन से संवाद और संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
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