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मसूरी-देहरादून मार्ग पर 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत, एक हेल्पर घायल

mussoorie accident : देहरादून-मसूरी मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला।
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मसूरी-देहरादून मार्ग पर 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5ः30 बजे मसूरी झील से करीब 200 मीटर आगे देहरादून की ओर एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और उप जिला चिकित्सालय की टीम मौके पर पहुंची।
गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया जिसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कर घायल और मृतक को खाई से निकाल कर अस्पताल भेजा गया।
देहरादून से सामान लेग उत्तरकाशी जा रहा था ट्रक
पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या यूके 07-सीबी-1727 रेलवे स्टेशन देहरादून से कोल्ड ड्रिंक, तेल और अन्य राशन सामग्री लेकर उत्तरकाशी जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे में चालक की मौत, एक हेल्पर घायल
सड़क हादसे में ट्रक चालक मुबारिक (पुत्र इलियास अली), निवासी टिमली, थाना सहसपुर, देहरादून की मौके पर ही जान चली गई, जबकि हेल्पर साजिद (पुत्र रहमत) गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को गहरी खाई से बाहर निकाला। घायल साजिद को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, वहीं चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
चालक को नींद आने को माना जा रहा हादसे का कारण
मसूरी कोतवाली प्रभारी देवेन्द्र चौहान के अनुसार, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद आने के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और ट्रक खाई में जा गिरा। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक व घायल के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
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उत्तराखंड में भी उठी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग, हरक सिंह रावत बोले तभी मिलेगा छात्रों को न्याय

Uttarakhand News : दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन के बाद आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से युवाओं में खुशी की लहर है। कॉकरोच जनता पार्टी ने जहां इसे लोकतंत्र की जीत बताया है तो वहीं कांग्रेस ने इसे युवा शक्ति की जीत बताया है।
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उत्तराखंड में भी उठी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में भी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग उठने लगी है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने उत्तराखंड टेक्निकल यूनीवर्सिटी में हुए पेपर लीक को लेकर कहा है कि उत्तराखंड के युवाओं को भी न्याय मिलना चाहिए और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को अपना इस्तीफा देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तेज हुई इस्तीफे की मांग
हरक सिंह रावत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग वाले कमेंटस की जैसे बाढ़ सी आ गई है। युवा और जनता शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। बता दें कि हाल ही में यूटीयू की दो पेपर लीक होने के कारण परीक्षाएं रद्द की गई। हालांकि पेपर लीक करने वाले आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन छात्रों का कहना है कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

हरक सिंह रावत बोले तभी मिलेगा छात्रों को न्याय
हरक सिंह रावत का बयान सामने आने के बाद अब छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड में एक के बाद एक होने वाले पेपर लीक की सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। हरक सिंह का कहना है कि तभी जाकर उत्तराखंड के युवाओं को न्याय मिलेगा।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव

IAS-IFS Transfers : उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार देर शाम प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 11 आईएएस और आईएफएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
देर रात जारी हुए आदेशों के मुताबिक प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है, जबकि उनके अन्य सभी विभाग पूर्ववत बनाए रखे गए हैं।
सचिव नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।

11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव
सचिव रविनाथ रमन के कार्यभार में भी बदलाव किया गया है। उनसे विद्यालयी शिक्षा विभाग हटाते हुए परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें परिवहन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

सरकार ने सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय को उनके मौजूदा विभागों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। इसके अलावा सचिव बृजेश कुमार संत से परिवहन विभाग वापस लेकर उन्हें आबकारी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
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ऋषिकेश जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया !

Rishikesh Bajrang Setu : ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने बजरंग सेतु के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। इस SOP के तहत पुल के उपयोग, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कांच से बने विशेष पैदल मार्ग के संचालन से जुड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी।
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बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया
ऋषिकेश में बजरंग सेतु का मुख्य हिस्सा पहले की तरह आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। हालांकि पुल के दोनों किनारों पर बनाए गए पारदर्शी कांच के फुटपाथ पर जाने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से शुल्क लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और इस आकर्षण का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है।
शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद होगी तय
बता दें कि ऋषिकेश में जो लोग गंगा के ऊपर बने कांच के रास्ते पर चलने का रोमांचक अनुभव लेना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद तय की जाएगी।
कांवड़ यात्रा में बंद रहेगा कांच वाला हिस्सा
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान कांच से बने फुटपाथ को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही के कारण पुल पर अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल पुल के सामान्य हिस्से से ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस
करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बजरंग सेतु का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। लगभग 132.30 मीटर लंबे और 8.60 मीटर चौड़े इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज को लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है।
कांच को कई बार पहले भी पहुंच चुका है नुकसान
पुल के दोनों ओर बनाए गए पैदल मार्ग में पांच परतों वाले टफेंड ग्लास का उपयोग किया गया है। निर्माण के दौरान कांच को कई बार नुकसान पहुंचने की घटनाओं के बाद अब इसकी सुरक्षा, नियमित निगरानी और रखरखाव के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
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