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मुख्यमंत्री धामी ने कल्याणपुर, लखनऊ ( उत्तर प्रदेश) में आयोजित ‘ प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, कांग्रेस पर बोला हमला।

मुख्यमंत्री ने कल्याणपुर, लखनऊ ( उत्तर प्रदेश) में आयोजित ‘ प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
सपा की सरकार ने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मसूरी, मुजफ्फरनगर, खटीमा में राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां चलवाई थी : मुख्यमंत्री धामी
भाजपा समान नागरिक संहिता की तो कांग्रेस मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात करती है : मुख्यमंत्री धामी
लखनऊ/उत्तर प्रदेश – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कल्याणपुर, लखनऊ ( उत्तर प्रदेश) में संसदीय क्षेत्र लखनऊ से भाजपा प्रत्याशी श्री राजनाथ सिंह के पक्ष में आयोजित ‘ प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड प्रवासियों ने हमेशा राजनाथ सिंह को समर्थन किया है। उन्होंने कहा पूरा लखनऊ एक होकर राजनाथ का समर्थन कर रहा है। राजनाथ का उत्तराखंड से विशेष लगाव, एवं रोटी बेटी का रिश्ता है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने छात्र जीवन में कई चीजें लखनऊ की धरा से सीखी है। जब भी वो लखनऊ आते हैं, उनकी बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 सालों में लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल गई है। आज लखनऊ विकास के पथ पर अग्रसर है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में लखनऊ तेजी से आगे बड़ा है। देश के रक्षा मंत्री रहते हुए राजनाथ सिंह ने देश में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। डिफेंस के क्षेत्र में आधुनिक हथियारों संसाधनों को अब भारत इंपोर्ट की जगह एक्सपोर्ट करता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना पूर्ण हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष पहले पुरानी सरकारों में हर दिन नया घोटाला सामने आता था। पर बीते 10 वर्षो में एक भी घोटाला सामने नहीं आया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। देश में सीएए कानून लागू कर दिया गया है, तीन तलाक का भी खात्मा कर दिया गया है। साथ ही लंबे समय के बाद भगवान श्री राम का अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि आने वाले समय में भारत अर्थव्यवस्था क्षेत्र में नंबर 03 पर आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा पार्टी ने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मसूरी, मुजफ्फरनगर, खटीमा में राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां चलवाई थी। अयोध्या में रामभक्तो पर गोलियां चलाई गई। हम ये बात कभी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा अटल बिहारी वाजपेई जी के नेतृत्व में हमें उत्तराखंड राज्य मिला। उन्होंने कहा लखनऊ के साथ उत्तर प्रदेश में भाजपा की लहर है। राजनाथ जी का सरल व्यवहार हम सभी जानते हैं। बड़े से बड़े पदों पर रहने के बावजूद वो सीधे लोगों के दिलों से जुड़े रहे हैं। पूरे देश में उनका बड़ा सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की आजादी के बाद उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है जहां सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू हुआ है। उन्होंने कहा भाजपा के संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही गई है। एक ओर भाजपा समान कानून की बात करती है तो दूसरी ओर कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ को लागू करने की बात करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के प्रति देशवासियों का नजरिया बदला है। लोगों का भाव हमारे प्रति पवित्र है। उत्तराखंड में हमने सख्त नकल विरोधी कानून, लैंड जिहाद पर कार्यवाही, दंगारोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून एवं महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का काम किया है। उन्होंने कहा एक ओर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेकर चलने वाली भाजपा है तो दूसरी तरफ तुष्टिकरण वाली सपा और कांग्रेस पार्टी का गठबंधन है। सपा और कांग्रेस पार्टी के पास न मुद्दे हैं, न वादे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासी उत्तराखण्डीयों से संसदीय क्षेत्र लखनऊ से राजनाथ सिंह को 5 लाख से भी ज्यादा मतों से विजय बनाकर प्रधानमंत्री को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक प्रत्याशी ओ.पी श्रीवास्तव, विनय रोहेला, भाजपा नेता नीरज, हरिश चंद्र पंत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
Uttarakhand
BJP संगठन में बड़ा अपडेट, इन नेताओं को मिली सह-संयोजक की जिम्मेदारी, देंखे लिस्ट

Uttarakhand Politics : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद पार्टी के विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों में संगठनात्मक विस्तार किया गया है। इसके तहत कई प्रकोष्ठों में नए सहसंयोजकों की जिम्मेदारी तय की गई है। नियुक्तियों से संबंधित आदेश प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक कौस्तुभानंद जोशी की ओर से जारी किया गया है।
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उत्तराखंड BJP में हुआ प्रदेश प्रकोष्ठों की टोली का विस्तार
नई जिम्मेदारियों के तहत सांस्कृतिक प्रकोष्ठ में देहरादून महानगर से साधना शर्मा को सहसंयोजक बनाया गया है। शिक्षक प्रकोष्ठ में पौड़ी से अनु पंत और प्रबुद्ध प्रकोष्ठ में पौड़ी से अविनाश पोखरियाल को जिम्मेदारी मिली है।
महिला स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ में अल्मोड़ा से मोहिनी कनवाल और नैनीताल से पलक ठाकुर को सहसंयोजक नियुक्त किया गया है। वहीं, लघु उद्योग प्रकोष्ठ में देहरादून महानगर से अजीत नेगी को यह दायित्व सौंपा गया है।
इन नेताओं को मिली सह-संयोजक की जिम्मेदारी
खेलकूद प्रकोष्ठ में पिथौरागढ़ से विपिन उपाध्याय और ऊधमसिंह नगर से गोविंद सिंह बिष्ट को सहसंयोजक बनाया गया है। चिकित्सा प्रकोष्ठ में उत्तरकाशी से डॉ. विजय बडोनी को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ में देहरादून ग्रामीण से ललित सिंह राणा और नैनीताल से धर्मेन्द्र शर्मा को सहसंयोजक नियुक्त किया गया है। पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ में चमोली से सोहन लाल खंडूरी, आर्थिक प्रकोष्ठ में देहरादून महानगर से महेश गुप्ता और दिव्यांग प्रकोष्ठ में पौड़ी से अपूर्व कुमार नौटियाल को नई जिम्मेदारी मिली है।
| प्रकोष्ठ | जिला/क्षेत्र | सह-संयोजक |
|---|---|---|
| सांस्कृतिक प्रकोष्ठ | देहरादून महानगर | साधना शर्मा |
| शिक्षक प्रकोष्ठ | पौड़ी | अनु पंत |
| प्रबुद्ध प्रकोष्ठ | पौड़ी | अविनाश पोखरियाल |
| महिला स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ | अल्मोड़ा | मोहिनी कनवाल |
| महिला स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ | नैनीताल | पलक ठाकुर |
| लघु उद्योग प्रकोष्ठ | देहरादून महानगर | अजीत नेगी |
| खेलकूद प्रकोष्ठ | पिथौरागढ़ | विपिन उपाध्याय |
| खेलकूद प्रकोष्ठ | ऊधमसिंह नगर | गोविंद सिंह बिष्ट |
| चिकित्सा प्रकोष्ठ | उत्तरकाशी | डॉ. विजय बडोनी |
| सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ | देहरादून ग्रामीण | ललित सिंह राणा |
| सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ | नैनीताल | धर्मेन्द्र शर्मा |
| पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ | चमोली | सोहन लाल खंडूरी |
| आर्थिक प्रकोष्ठ | देहरादून महानगर | महेश गुप्ता |
| दिव्यांग प्रकोष्ठ | पौड़ी | अपूर्व कुमार नौटियाल |
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अटकलों पर हरदा का बड़ा बयान, कांग्रेस की सदस्यता मेरे खून में, पार्टी पर असर पड़ा तो छोड़ दूंगा पद’

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने ईडी की कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से उनका रिश्ता बेहद गहरा है और पार्टी उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। रावत ने स्पष्ट किया कि अगर हालिया ईडी कार्रवाई के कारण कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष और उसके नैरेटिव पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो वो पार्टी में अपने पदों से हटने पर विचार कर सकते हैं।
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अटकलों पर हरदा का बड़ा बयान, कांग्रेस की सदस्यता मेरे खून में
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी भी कदम या उनके किसी सहयोगी से जुड़े मामले का असर कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर पड़े। उन्होंने बताया कि वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी से जुड़े हैं और कांग्रेस कार्यसमिति में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में यदि उनकी वजह से पार्टी की लड़ाई कमजोर होती है तो वो इन जिम्मेदारियों से इस्तीफा देना पसंद करेंगे।
पार्टी पर असर पड़ा तो छोड़ दूंगा पद’
प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की थी। ये कार्रवाई हरीश रावत के पूर्व सहयोगी चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों पर हुई। कार्रवाई के दौरान नकदी और आभूषण बरामद होने की खबरें सामने आईं।
रावत ने जीना को अपना पूर्व ओएसडी बताते हुए कहा कि उन्होंने उनके साथ काम किया है और पार्टी और सरकार में उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं। उन्होंने जीना को मेहनती और सरल स्वभाव का व्यक्ति बताया। हालांकि, रावत ने उनके खिलाफ लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से असहमति जताई।

चुनावी माहौल के दौरान हो रही कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट से किसी तरह की छेड़छाड़ साबित होती है तो ये बेहद शर्मनाक होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस आरोप पर भरोसा नहीं है। रावत ने भाजपा और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है। उनका कहना था कि इस बार उनके सहयोगी के घर हुई कार्रवाई के जरिए भी एक राजनीतिक कहानी खड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संघर्ष सामने है और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मजबूती से लड़ रहे हैं। रावत ने राहुल गांधी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई जा रही आवाज का भी उल्लेख किया।
उनका उद्देश्य पार्टी के संघर्ष को कमजोर करना नहीं
हरीश रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि वो इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए सरकारी पद से इस्तीफा देने का सवाल नहीं उठता। हालांकि, पार्टी संगठन में उनकी जिम्मेदारियां हैं और उन्होंने इन्हीं पदों से हटने की इच्छा जताई है।
रावत का कहना है कि उनका उद्देश्य पार्टी के संघर्ष को कमजोर करना नहीं, बल्कि उसे मजबूत बनाए रखना है। इसलिए यदि उन्हें लगता है कि उनके पद पर बने रहने से कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर सवाल उठ सकते हैं, तो वो पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।
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उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कांग्रेस के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है।
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पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा
UKSSSC की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन ओएसडी और पीए रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोने के सिक्के, चेन और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई।
ED की कार्रवाई के बाद देर रात इस मामले का राजनीतिक असर भी देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी सदस्यता और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
हरीश रावत ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर उनसे जाने-अनजाने में ऐसा कोई कार्य हुआ हो, जिसका असर राज्य के नौजवानों के भविष्य पर पड़ा हो, तो वो इसके लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपनी कथित चूक के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास नियुक्तियों या परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उनके हस्तक्षेप अथवा संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने जनता से की अपील
हरीश रावत ने अपील की कि ऐसे किसी भी प्रमाण को सीबीआई, ईडी या उत्तराखंड पुलिस को उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
ED की कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत के इस्तीफे के ऐलान ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर भी नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। अब इस पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।






































