Dehradun
मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से की मुलाकात, जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के अधिकारीयों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से की मुलाकात
जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का लिया जायजा
केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ-पात्र लोगों तक पहुंचाना हमारा प्रयास
प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के नाम संबोधित पत्र भी मुख्यमंत्री ने आम जनता को किया भेंट
जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण है अधिकारियों का दायित्व-मुख्यमंत्री
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डाकरा बाजार गढ़ी कैट क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों से मुलाक़ात की तथा जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी जायजा लिया।

मुख्यमंत्री आवास परिसर से होते हुए डाकरा बाजार गढ़ी कैट क्षेत्र पहुंचे, मुख्यमंत्री ने उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन निःशुल्क खाद्यान, आयुष्मान योजना आदि विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों से बातचीत की तथा उनकी कुशलक्षेम भी जानी। लोगों को किस योजना के तहत क्या-क्या लाभ मिला है, लाभार्थियों से मुख्यमंत्री ने इसकी भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने का हमारा प्रयास है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री को अचानक अपने मध्य पाकर लाभार्थी अचंभित होने के साथ काफी खुश एवं उत्साहित नजर आए। स्थानीय लोगों ने उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिये प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को आशीर्वाद के साथ धन्यवाद भी दिया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान आम जनता एवं लाभार्थियों को देशवासियों के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र भी सौंपा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता के नाम प्रेषित अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ‘‘10 वर्ष पूर्व जब आप सबने मुझे अपना आशीर्वाद देकर आपकी सेवा करने का अवसर दिया था, तब हमने अंत्योदय के मूल मंत्र के साथ देश के सबसे निचले पायदान के लोगों को भी मुख्यधारा में शामिल करने के लक्ष्य के साथ शुरुआत की थी। सरकार बनते ही हमने संकल्प लिया था कि हमारी सरकार गरीबों के लिए समर्पित सरकार रहेगी। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की प्रेरण से हमने इन 10 सालों में निरंतर ऐसी योजनाएं लागू की, जिससे गरीब की मुश्किलें कम हो और उनका जीवन आसान बने। हमारे देश में लंबे समय तक गरीबी हटाओं के नारे तो लगते रहे, लेकिन इन नारों के बावजूद गरीबी नहीं हटी।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि कि ‘‘हमारे लिए चार जातियां सर्वोपरि है- गरीब, युवा, किसान और महिला। मेरा मानना है कि जब देश के गरीब, युवा किसान और महिलाओं का विकास होगा तभी देश का विकास होगा। आज देश में गरीब कल्याण, महिला कल्याण, युवा उत्थान एवं किसान सम्मान का नया अध्याय लिखा जा रहा है। वर्ष 2014 से अब तक 25 करोड़ लोग स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मामले में गरीबी से बाहर आए है। गांव-गांव में बिजली पहुंचाई, हर घर नल से जल पहुंच रहा है। करोड़ों लोगों के लिए आयुष्मान योजना और जन औषधि केंद्र वरदान साबित हो रहा है।’’
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है कि ‘‘अयोध्या में प्रभु श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होना देशवासियों के 500 साल से भी ज्यादा के धैर्य और बलिदान के प्रति निष्ठा भाव और सम्मान का प्रतीक है। यह क्षण नए भारत के आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने के सकल्प का भी उद्घोष है। पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने रामराज्य के मार्ग पर चलकर भारत को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे कदम बढ़ायें है। देश का तिरंगा चंद्रयान 3 ने चांद पर लहराया। जी-20 की सफलतापूर्वक अध्यक्षता कर विश्व का मार्गदर्शन किया, देश की लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित कर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया। इनके अलावा रेल, सड़क, एयरपोर्ट, शिक्षण संस्थान, तकनीक केंद्र, सीमा सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय रिश्ते हर मामले में भारत आगे बढ़ रहा है। यह देशवासियों के आशा और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। बीते 10 वर्ष न सिर्फ देश के सर्वांगीण विकास के रहे हैं बल्कि ये आपके हम पर विश्वास के भी रहे है। मुझे पूरा विश्वास है कि आगे भी मुझे आपका आशीर्वाद और प्यार मिलता रहेगा ताकि मैं और तीव्र गति और ऊर्जा से आपकी सेवा करते हुए विकसित और सशक्त नए भारत के सपने को पूरा कर सकूँ।’’
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
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ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।





































