Dehradun
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी तैयारियां समय से पूरी रखने के दिए कड़े निर्देश।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग की अलग -अलग समीक्षा की जाएगी
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी तैयारियां समय से पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए
किसी भी प्रकार के विलम्ब, लापरवाही या अपूर्ण तैयारी ना करने की सख्त हिदायत दी
विधानसभा चम्पावत हेतु मुख्यमंत्री द्वारा की गई कुल 174 घोषणाओं में 111 पूर्ण कर ली गई हैं
अपूर्ण घोषणाओं पर तत्परता से कार्यवाही के निर्देश

देहरादून – मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागीय सचिवों को कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि जल्द ही मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग की अलग -अलग समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री घोषणाओं के सम्बन्ध में एक दिन में मात्र एक ही विभाग की विस्तृत व गहन समीक्षा की जाएगी। सीएस ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी सभी तैयारियां समय से पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस विषय में किसी भी प्रकार के विलम्ब, लापरवाही या अपूर्ण तैयारी ना करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में सम्पूर्ण डाटा समय से सीएम पोर्टल पर अपलोड करने तथा स्थान्तरित की जाने वाली घोषणाओं की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता तथा गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री की विधानसभा चम्पावत से सम्बन्धित 174 घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी चम्पावत को नियमित रूप से मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्य कब तक पूरे कर लिए जाएंगे यह जिलाधिकारी द्वारा तत्काल स्पष्ट किया जाए। अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विधानसभा चम्पावत हेतु मा0 मुख्यमंत्री द्वारा की गई कुल 174 घोषणाओं में 111 पूर्ण कर ली गई हैं। 47 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने अपूर्ण 16 घोषणाओं पर तत्परता से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
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करवाचौथ पर उत्तराखंड की महिला कर्मचारियों की रहेगी छुट्टी, शासन ने जारी किए आदेश

Uttarakhand News : करवाचौथ के अवसर पर उत्तराखंड में महिला कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत प्रदेश के शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिकों को 29 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार को अवकाश मिलेगा।
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करवाचौथ पर उत्तराखंड की महिला कर्मचारियों की रहेगी छुट्टी
उत्तराखंड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में राज्यपाल की स्वीकृति के बाद महिला कार्मिकों के लिए करवाचौथ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। आदेश संबंधित कार्यालयों और संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों पर लागू होगा।
हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है करवाचौथ
करवाचौथ का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खास उत्साह रहता है। इस अवसर पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करती हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद खोलती हैं व्रत
करवाचौथ पर महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद महिलाएं व्रत खोलती हैं। यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा, सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक

Mussoorie News : मसूरी में इन दिनों विंटर लाइन का खूबसूरत नजारा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सूर्यास्त के वक्त दून घाटी के आसमान में लाल, नारंगी और सुनहरे रंगों की अनूठी छटा बिखरती है। इस दृश्य को देखने के लिए पर्यटक माल रोड समेत शहर के कई स्थानों पर रुक रहे हैं।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा
विंटर लाइन एक खास प्राकृतिक घटना है, जो आमतौर पर नवंबर से फरवरी के बीच दिखाई देती है। सूर्यास्त के दौरान क्षितिज पर रंगों की एक आकर्षक पट्टी उभरती है, जो लगभग 15 से 20 मिनट तक नजर आती है। मसूरी के अलावा स्विट्जरलैंड में भी इस तरह का नजारा देखने को मिलता है।
सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक
मसूरी में माल रोड, लालटिब्बा, गनहिल, विंसेट हिल, सिस्टर बाजार, राधा भवन स्टेट, सर्कुलर रोड, कुलड़ी और शहर के दक्षिणी हिस्सों से विंटर लाइन का दीदार किया जा सकता है। साफ मौसम में आसमान के बदलते रंग इस दृश्य को और भी खास बना देते हैं।

प्रसिद्ध लेखक गणेश सैली के अनुसार, मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती उसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है। विंटर लाइन भी प्रकृति की ऐसी ही खास देन है, जिसे देखने के लिए माल रोड पर घूम रहे पर्यटक भी ठहर जाते हैं।
शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि विंटर लाइन को बढ़ावा देने के लिए शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही इस प्राकृतिक आकर्षण का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि कम पर्यटकों वाले मौसम में भी मसूरी की ओर अधिक सैलानी आकर्षित हो सकें।
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उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ, खाली पद भरने की तैयारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड में सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। लंबे समय से भर्ती पर लगी रोक हटाए जाने के बाद अब इन विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे उन स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ
उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से भर्ती पर लगी रोक हट गई है। सरकार के फैसले के तहत विद्यालयों में नियुक्तियां छात्र संख्या और स्वीकृत रिक्त पदों के आधार पर की जाएंगी। भर्ती की जिम्मेदारी निर्धारित नियमों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समितियां निभा सकेंगी।
लंबे समय से खाली पदों को भरने की तैयारी
अशासकीय विद्यालयों में भर्ती पर रोक के कारण लंबे समय से रिक्त पदों को भरने में दिक्कतें आ रही थीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, कुछ विद्यालयों की प्रबंधन समितियां नियुक्तियों की अनुमति के लिए हाईकोर्ट तक पहुंच रही थीं, जबकि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच काम चलाया जा रहा था।
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खोलने का निर्णय लिया है।

स्वीकृत पदों के आधार पर होंगी नियुक्तियां
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में उन्हीं रिक्त पदों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें सक्षम स्तर से बहाल या पुनर्जीवित किया गया है। नियुक्तियों का दायरा विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या और वास्तविक जरूरत के अनुसार निर्धारित होगा।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में शासनादेशों और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर नियुक्तियों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर है, ताकि आगे किसी तरह की प्रशासनिक अड़चन न आए।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद
सरकार के इस फैसले से राज्य के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, कितने पदों पर भर्ती होगी और किन विद्यालयों में नियुक्तियां की जाएंगी, यह स्वीकृत एवं बहाल पदों और छात्र संख्या के आधार पर तय होगा।
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