Dehradun
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वन विकास निगम में 88 और उच्च शिक्षा विभाग के 08 सहायक लेखाकारों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित उत्तराखण्ड वन विकास निगम और उच्च शिक्षा विभाग के सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। वन विकास निगम में 88 और उच्च शिक्षा विभाग के 08 सहायक लेखाकारों को शनिवार को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित सहायक लेखाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने कार्यक्षेत्र की शुरूआत से ही नियमित दिनचर्या बनाकर कार्य करें। जब हम कोई कार्य ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित में करते हैं, तो इससे आत्मसंतुष्टि मिलती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से आपको जनसेवा करने का अवसर मिला है। जन सेवा के लिए ईमानदारी और लगन से कार्य करें। उन्होंने कहा कि देश आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हमारे सभी युवाओं की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जन सहयोग से हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। जन सहभागिता से राज्य सरकार राज्य की प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रही है। रोजगार के साथ स्वरोजगार को भी राज्य में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों के माध्यम से लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अधियाचन भेजे गये हैं। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। राज्य में उद्योगों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत राज्य को जो निवेश प्रस्ताव मिले हैं, उनमें पहले प्राथमिकता उन्हीं को दी जा रही है, जिनमें स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अध्यक्ष वन विकास निगम कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम एस. पी. सुबुद्धि उपस्थित थे।
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उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची, 9.31 लाख वोटर सूची से बाहर

Uttarakhand News : उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 9,31,685 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं रह गया है, उनके पास दोबारा मतदाता बनने का विकल्प मौजूद रहेगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा।
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उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत उत्तराखंड में 8 जून से हुई थी। उस समय राज्य की मतदाता सूची में करीब 79 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद आयोग ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 71,33,785 रह गई थी।
9.31 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर
पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए। इन प्रपत्रों को 7 जुलाई तक भरकर जमा कराया गया। इसके बाद ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही मतदाताओं को अपने नाम और विवरण को लेकर दावे व आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया।
आयोग के अनुसार, 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। वहीं, 10 जुलाई से 28 सितंबर के बीच इन दावों और आपत्तियों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया।

अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को जोड़ा
पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 15 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, उत्तराखंड के पांच जिलों में यूपी के सीमावर्ती जिलों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया के चलते अंतिम सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाकर 3 अक्टूबर कर दी गई।
अब एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची सामने आ गई है। इसमें कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। खास बात ये है कि अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया है।
अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी
ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। निर्वाचन विभाग अब नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाएगा। वहीं, जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल

Dehradun News : देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
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त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
त्यूणी तहसील क्षेत्र में हुए इस हादसे में कार में चालक समेत कुल तीन लोग सवार थे। बताया गया कि कार सड़क से नीचे करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण रेस्क्यू टीम को शव और घायलों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एसडीआरएफ ने घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही त्यूणी थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने खाई में उतरकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव के साथ दोनों घायलों को भी खाई से बाहर निकाला गया।

दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल
रेस्क्यू के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी त्यूणी भेजा गया। हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 39 वर्षीय दुर्गेश चौधरी के रूप में हुई है। वो उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के फतापुर का रहने वाला था।
वहीं, घायलों की पहचान 27 वर्षीय सुनील मंडल और ऋषभ के रूप में हुई है। सुनील मंडल दिल्ली के महावीर एन्क्लेव के निवासी बताए गए हैं, जबकि ऋषभ देहरादून का रहने वाला है।
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देहरादून में किराये के मकान में चल रहे सैक्स रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

Dehradun News : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला में किराये के एक मकान में चल रहे कथित देह व्यापार के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया है।
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देहरादून में किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़
देहरादून पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में देह व्यापार का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में इस पूरे मामले का कथित मुख्य संचालक भी शामिल है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग को भी वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को दिल्ली से मसूरी घुमाने की बात कहकर देहरादून लाया गया था। आरोप है कि इसके बाद उसे देह व्यापार के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसे एक कमरे में रोककर रखा गया था।
पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर को मुखबिर से हरभजवाला स्थित नीलकंठ एन्क्लेव में देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एक मकान में दबिश दी। मौके से तीन महिलाएं और तीन पुरुष मिले। तलाशी के दौरान पुलिस ने 18 हजार रुपये नकद के साथ आपत्तिजनक सामग्री और कुछ दवाइयां भी बरामद कीं।
महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार बुलाते थे देहरादून
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मकान को किराये पर लेकर कथित तौर पर देह व्यापार का संचालन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मामले का कथित सरगना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार देहरादून बुलाता था। ग्राहकों से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया जाता था और उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं।

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक की पसंद तय होने के बाद महिलाओं को किराये के कमरे या ग्राहक द्वारा बताए गए स्थान पर भेजा जाता था। इसी दौरान पुलिस ने उस नाबालिग को भी बरामद किया, जिसे कथित तौर पर दिल्ली से देहरादून लाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, नाबालिग को आरोपी का एक साथी दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने लेकर आया था। यहां उस पर गलत काम के लिए दबाव बनाने का आरोप है। नाबालिग के विरोध करने पर उसे कमरे में रोककर रखा गया। पुलिस ने उसे मुक्त कराकर संरक्षण में ले लिया है।
मामले में पटेलनगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।





































