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स्वाद और सेहत का संगम: वजन कम करने के लिए आजमाएं ये आसान नाश्ता रेसिपी !

Weight Loss Breakfast: आजकल वजन कम करना एक आम समस्या बन गई है। बढ़ा हुआ वजन न केवल आपके लुक पर असर डालता है, बल्कि यह आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करवा सकता है। लोग जिम में घंटों मेहनत करने के साथ-साथ डाइटिंग के लिए भी प्रयासरत रहते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब लोग खाना नहीं छोड़ सकते।
अगर आप भी भूखे रहना पसंद नहीं करते हैं, तो आज हम आपको एक आसान और स्वादिष्ट नाश्ते की रेसिपी बताएंगे, जो आपके वेट लॉस में सहायक हो सकती है।
वजन कम करने के लिए नाश्ते में क्या खाएं?
दही, चिया सीड्स और ओट्स से बना ब्रेकफास्ट आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसे बनाना बेहद आसान है और यह झटपट तैयार हो जाता है।
रेसिपी बनाने की विधि:
- सामग्री: एक कांच का छोटा जार, ओट्स, दही, चिया सीड्स, शहद, और आपके पसंदीदा फल और नट्स।
- बनाने की प्रक्रिया:
- रात में एक कांच का छोटा जार लें।
- इसमें ओट्स डालें और दही डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करें।
- अगर आपको ये ज्यादा गाढ़ा लगता है तो इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पतला कर सकते हैं।
- मीठा करने के लिए इसमें शहद और चिया सीड्स डालकर मिक्स करें।
- जार को बंद कर के रात भर रख दें।
- सुबह:
- सुबह जार को खोलें और इसमें अपने पसंदीदा फल और नट्स डालकर खाएं।
फायदे:
यह ब्रेकफास्ट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और वेट लॉस में मदद करता है।
दिनभर हेल्दी रहने के टिप्स:
- हेल्दी मील: अपने नाश्ते के साथ-साथ पूरे दिन के मील को भी हेल्दी और लाइट रखें।
- फाइबर का सेवन: ऐसी चीजों का सेवन करें जो फाइबर से भरपूर हों ताकि आपको लंबे समय तक भूख न लगे।
- व्यायाम: नियमित रूप से एक्सरसाइज करने पर भी ध्यान दें।
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Diwali 2026: इस बार दिवाली पर बन रहा खास संयोग, जानें कब होगी लक्ष्मी पूजा

Diwali 2026 : दिवाली का पांच दिवसीय महापर्व धनतेरस के साथ शुरू होता है और भाई दूज के साथ इसका समापन होता है। इस दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इन सभी पर्वों का अपना धार्मिक और पौराणिक महत्व है। इस बार पंचांग के अनुसार कुछ तिथियों को लेकर विशेष स्थिति बन रही है। आइए जानते हैं धनतेरस से लेकर भाई दूज तक सभी त्योहारों की तारीख और उनका महत्व।
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धनतेरस कब है? (Dhanteras 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे। धनतेरस पर प्रदोष काल में दीपदान का विशेष महत्व है। इस दिन लोग सोना, चांदी और नए बर्तनों की खरीदारी को भी शुभ मानते हैं।
छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी (Choti Diwali 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के चलते छोटी दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। वहीं, 7 नवंबर को हनुमान जयंती का पर्व पड़ रहा है।
पंडित राकेश झा के अनुसार, छोटी दिवाली के दिन घरों में पांच या सात दीपक जलाने की परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसकी कैद में बंद 16 हजार कन्याओं और अन्य लोगों को मुक्त कराया था। इसी विजय की स्मृति में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है।

दिवाली कब मनाई जाएगी? (Diwali 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार तिथियों के संयोग के कारण छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली दोनों 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएंगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद माता सीता, लक्ष्मण और अपने अन्य साथियों के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए थे। तभी से दीपावली को प्रकाश और खुशियों के पर्व के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन घरों में दीप जलाए जाते हैं और भगवान गणेश तथा माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

गोवर्धन पूजा कब है? (Govardhan Puja 2026 Date)
दिवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होती है। इस वर्ष यह पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों और उनके पशुओं को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दिन गोवर्धन महाराज की पूजा की जाती है और अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। इसके साथ ही कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की जाती है।

भाई दूज कब है? (Bhai Dooj 2026 Date)
पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस बार भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने पहुंचे थे। यमुना ने उनका तिलक कर स्वागत किया और उन्हें स्वादिष्ट पकवान खिलाए। तभी से भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं।
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी, आज INDIA गठबंधन की बैठक

CEC Gyanesh Kumar : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी के बीच INDIA गठबंधन शनिवार को अहम कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होगा। इससे पहले शुक्रवार को प्रस्तावित कार्यक्रम दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया था।
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि बारिश और खराब मौसम को देखते हुए सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश के बीच असुविधा न हो, इसलिए अब यह कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित किया जाएगा।
खरगे के आवास पर आज INDIA गठबंधन की बैठक
राहुल गांधी ने इस दौरान राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के सदस्यों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान तक होने वाले INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस मार्च में राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों के साथ आम नागरिक भी हिस्सा ले सकते हैं।

राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग में उनकी टीम के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब समेत कई राज्यों से आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
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अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर कंफ्यूजन, जानें कब करें कन्या पूजन, क्या है शुभ मुहूर्त ?

Ashtami or Navami 2026 : शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। इस दौरान भक्त उपवास रखकर माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोजन कराकर सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की जाती है। कई भक्त अष्टमी पर कन्या पूजन करते हैं, जबकि कुछ लोग नवमी तिथि को यह अनुष्ठान पूरा करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में अष्टमी और नवमी की तिथियां क्या हैं और कन्या पूजन के लिए कौन-से शुभ मुहूर्त बताए गए हैं।
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शारदीय नवरात्रि 2026 में कब है अष्टमी?
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी। ये तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर 19 अक्टूबर को अष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन कर सकते हैं। परंपरा के अनुसार, कन्याओं को घर आमंत्रित कर उनके चरण धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
अष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
अष्टमी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया गया है। इस अवधि में मां दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है।

नवमी पर कब करें कन्या पूजन?
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर आरंभ होगी और 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। तिथि के समय के कारण कुछ परंपराओं में 19 अक्टूबर को नवमी के अनुष्ठान किए जा सकते हैं, जबकि उदयातिथि के आधार पर पूजा करने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को नवमी मनाकर कन्या पूजन कर सकते हैं।
नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
नवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया गया है। वहीं, 20 अक्टूबर को भी अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। भक्त इस दौरान मां दुर्गा की आराधना और कन्या पूजन कर सकते हैं।
अष्टमी हो या नवमी, दोनों ही तिथियों पर कन्या पूजन को नवरात्रि की महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक मान्यताओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि चुनकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
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