Uttarakhand
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों को मास्क पहनकर आना हुआ अनिवार्य।
देहरादून – उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य होगा। इस आशय का आदेश मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने देहरादून जिले के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को जारी किया है।

साथ ही महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ देहरादून के जिलाधिकारी, सीएमओ और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व मंडलीय अपर निदेशक को भी इस संबंध में कार्यवाही के लिए पत्र भेजा है।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजे गए पत्र में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए स्कूलों में थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पत्र का हवाला दिया है जिसमें सर्दी बढ़ने के साथ देश में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है।
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उत्तराखंड में मौसम का तांडव जारी! 7 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार तल्ख बना हुआ है। प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी है। देहरादून स्थित मौसम केंद्र के अनुसार आज राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
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उत्तराखंड में आज 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। वहीं, मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
संवेदनशील क्षेत्रों की ओर जाने से बचें
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर जाने से बचने की सलाह दी है।

अधिकांश जिलों में बारिश का अनुमान
प्रदेश के अधिकांश जनपदों में आज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव का असर पहाड़ से लेकर मैदान तक देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की आशंका भी बनी हुई है।
देहरादून में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी देहरादून में आज आसमान आंशिक रूप से लेकर सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तेज भी हो सकता है।
Uttarakhand
देहरादून: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर हुई चर्चा

देहरादून : मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशों पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई एवं राजनैतिक दलों के सुझाव प्राप्त किए गए।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बैठक में बताया कि ड्राफ्ट रोलमें शामिल कुल 71 लाख मतदाताओं में से अनमैप्ड और विसंगति वाले 24 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे जिसके कम में 15 लाख से अधिकम नोटिसों की सुनवाई कर दी गई है, शेष पर कार्रवाई गतिमान है। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण रुप से नियमनुसार संपादित की जा रही है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को बताया प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने 9 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतरिक्त तैनाती की गई है।

बैठक में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित भारतीय जनता पार्टी से श्री अनिल गोयल, श्री राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री मनोज रावत, मौ० सुलेमान अंसारी, बीएसपी से श्री सत्यपाल, श्री सतेंद्र, श्री जसपाल, श्री सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से श्री श्याम बाबू पांड्य, सीपीआई (एम) श्री अनंत आकाश उपस्थित रहे।
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एजुकेशन कॉन्क्लेव : राज्यपाल ने गढ़वाल पोस्ट अवॉर्ड्स समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 हस्तियों को किया सम्मानित

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि शिक्षा, विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का समन्वय भविष्य के भारत की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारी नींव, विज्ञान खोज और समझ की शक्ति तथा एआई ज्ञान और प्रतिभा को नई गति देने वाला माध्यम बनेगा।
राज्यपाल शनिवार को लोक भवन देहरादून में आयोजित एजुकेशन कॉन्क्लेव एवं गढ़वाल पोस्ट अवॉर्ड्स समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गढ़वाल पोस्ट को 30 वर्ष की यात्रा पूरी करने पर संपादक सतीश शर्मा और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गढ़वाल पोस्ट ने तीन दशकों में उत्तराखण्ड के निर्माण, उपलब्धियों, चुनौतियों और आकांक्षाओं को अपनी पत्रकारिता में स्थान दिया है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने गढ़वाल पोस्ट समाचार पत्र के 30 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सामाजिक सेवा, कला, साहित्य शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर लोगों को सम्मानित किया। सम्मानित किए जाने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मभूषण भगत सिंह कोश्यारी सहित 30 लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र में जनसंवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। डिजिटल युग और एआई के दौर में पत्रकारिता में सत्य, तथ्य, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि माध्यम बदल सकता है, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य नहीं बदलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और विशेषज्ञ ज्ञान पहुंचाया जा सकता है। युवाओं को एआई का केवल उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि निर्माता, शोधकर्ता और नवाचारक बनाना होगा।
इस अवसर पर राज्यपाल के जीवन पर आधारित ‘वातायन-राष्ट्रवादी सिख की जीवन यात्रा’ के काव्य रूपांतरण का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने इसे अपने लिए आत्मीय क्षण बताते हुए लेखक श्री रविन्द्र सैनी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी जीवन यात्रा राष्ट्रसेवा, अनुशासन, संघर्ष और सीख की यात्रा रही है तथा यह कृति युवाओं को संकल्प, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
पूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री पद्मभूषण भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि ज्ञान न तो केवल अतीत है, न वर्तमान और न भविष्य, बल्कि यह शाश्वत और निरंतर प्रवाहित होने वाली प्रक्रिया है। भविष्य का निर्माण भी ज्ञान के आधार पर ही होगा। उन्होंने शिक्षा में चिंतन, मनन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

एम्स ऋषिकेश की निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने और कौशल विकसित करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में डिजिटल तकनीक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि केवल जानकारी हासिल करना पर्याप्त नहीं, विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन अनुभव देना जरूरी है।
डी2एल के एमडी विवेक अय्यर ने कहा कि तकनीक सीखने की बाधाओं को दूर कर सकती है, लेकिन शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि आज तकनीक के माध्यम से भौगोलिक दूरी की बाधा समाप्त कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर विद्यार्थी तक पहुंचाई जा सकती है।
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