Uttarakhand
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों को मास्क पहनकर आना हुआ अनिवार्य।
देहरादून – उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य होगा। इस आशय का आदेश मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने देहरादून जिले के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को जारी किया है।

साथ ही महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ देहरादून के जिलाधिकारी, सीएमओ और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व मंडलीय अपर निदेशक को भी इस संबंध में कार्यवाही के लिए पत्र भेजा है।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजे गए पत्र में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए स्कूलों में थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पत्र का हवाला दिया है जिसमें सर्दी बढ़ने के साथ देश में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है।
Haldwani
हल्द्वानी में पार्षद ने निगम कर्मियों को बनाया बंधक, मौके पर मचा हड़कंप

Haldwani News : हल्द्वानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वार्ड नंबर 58 के पार्षद मनोज जोशी अकेले धरने पर बैठ गए। पार्षद ना केवल धरने पर बैठे बल्कि उन्होंने निगम कर्मियों को बंधक भी बना लिया।
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हल्द्वानी में पार्षद ने निगम कर्मियों को बनाया बंधक
हल्द्वानी में आज वार्ड नंबर 58 के पार्षद मनोज जोशी धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने नगर निगम और स्ट्रीट लाइट, हेल्प डेस्क के कर्मियों को कमरे में बंधक बना दिया।
पार्षद मनोज जोशी ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में अधिकतर स्ट्रीट लाइट खराब है। बार-बार कहने के बावजूद नगर निगम और संबंधित कंपनी के कर्मचारी डाला मटली कर रहे हैं लेकिन स्थिति जस की तस है।
झूठे आश्वासन के कारण बैठा हूं धरने पर – पार्षद मनोज जोशी
58 के पार्षद मनोज जोशी ने कहा की झूठे आश्वासन से परेशान पार्षद को धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह धरने से तब उठगें और बंधक कर्मचारियों को तब छोड़ेंगे जब उनके वार्ड की स्ट्रीट लाइटें ठीक होंगी।
पार्षद ने कहा कि कई बार उनके वार्ड के लोग स्ट्रीट लाइटों की बदहाली को लेकर उनसे मिल चुके हैं, और पार्षद खुद स्ट्रीट लाइटों की शिकायत को लेकर नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों और मेयर से मिल चुके हैं लेकिन समाधान कुछ नहीं निकला इसलिए उनको मजबूरन धरने पर बैठना पड़ रहा है।
धरने के नदारद रहे दौरान निगम के कर्मचारी और अधिकारी
पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित कंपनी के कर्मचारी चाय पकौड़ी खाकर मस्त हैं और जनता परेशान है। पार्षद के धरने के दौरान नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी नदारद रहे।
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अल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, बस को पास देते हुए खाई में गिरा पिकअप, 5 गंभीर रूप से घायल

Almora News : अल्मोड़ा में शुक्रावर को सल्ट में सड़क हादसा हो गया। यहां बस को पास देते हुए एक पिकअप वाहन खाई में जा गिरा। इस हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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अल्मोड़ा में बस को पास देते हुए खाई में गिरा पिकअप
अल्मोड़ा जिले के सल्ट में डोटियाल से सराईखेत की ओर जा रहा एक पिकअप वाहन हादसे का शिकार हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक बस को पास देने के दौरान पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। जिस कारण पिकअप सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
सड़क की हालत खराब होने के कारण हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक सल्ट के डोटियाल से करीब एक किलोमीटर आगे तक सड़क खस्ताहाल है। इसी स्थान पर सामने से आ रही बस को पिकअप चालक पास दे रहा था। इसी दौरान वो वाहन से नियंत्रण खो बैठा और पिकअप 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को खाई से बाहर निकालकर सड़क क पहुंचाया। जिसके बाद मौके पर मौजूद लोग ही उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए देवायल ले गए। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
पांचों घायलों को किया गया हायर सेंटर रेफर
वाहन में सवार पांचों लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में वाहन चालक साकम सिंह (35 वर्ष) निवासी सराईखेत, राजेंद्र सिंह (36 वर्ष) निवासी केलाखेड़ा उधमसिंहनगर, सुभाष (19 वर्ष) निवासी नेपाल, चंद्रसेन सैनी (41 वर्ष) निवासी जिला बिजनौर और विजेंद्र सिंह (36 वर्ष) निवासी जिला बिजनौर शामिल हैं। सभी को हायर सेंटर रामनगर के लिए रेफर कर दिया गया है।
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नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया लोसर, लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना

Nainital News : तिब्बती समुदाय विश्वभर में अपने नये साल यानी लोसर (Losar Festival) का जश्न मना रहा है। नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय ने सुख निवास स्थिति बौद्ध मठ में लोसर का जश्न मनाया।
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नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया Losar Festival
तिब्बती समुदाय विश्वभर में नये साल यानी लोसर का जश्न मना रहा है। इसी क्रम में नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय के लोगों ने धूमधाम से लोसर पर्व मनाया। इस दौरान समुदाय के लोगों ने मठ में पूजा अर्चना की। तीन दिन तक चले लोसर के जश्न में लोगों ने एक दूसरे को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी।
लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना कर की शांति की कामना
तिब्बती समुदाय ने पूजा अर्चना कर विश्व शांति और दलाई लामा की दीर्घायु की कामना की। Losar Festival के मौके पर तिब्बती समुदाय की महिलाओं और पुरूषों ने पारंपरिक परिधानों में मंगल गीत गाये। आपको बता दें कि आज ही के दिन तिब्बती समुदाय द्वारा रंग बिरंगे झंडे लगाए जाते हैं जो 5 रंग के होते है।

तिब्बती समुदाय द्वारा इस दिन लगाए जाते हैं झंडे
आज के दिन लगाए जाने वाले रंगे बिरंगे झंडे में हरा जो हरियाली का लाल अग्नी सफेद जो शांति का नीला जो जल का और पीला जमीन का प्रतीक होते हैं। इन झंडों में मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के बहाव से जितनी बार यह झंडे हवा में लहराते हैं उतनी ही ज्यादा विश्व में शांति आएगी।
तीन दिन तक मनाया जाता है लोसर पर्व
लोसर का पर्व 3 दिन तक मनाया जाता है। जिसमें सामूहिक पूजा की जाती है विश्व और नगर की शांति के लिए नगर में देवी आपदा ना आये तिब्बतियों में लोसर का उत्साह देखा जाता है तिब्बती समुदाय के लोग लोसर को नए साल के रूप में मानते है। महिलाएं व बच्चों पर खासा उत्साह देखने को मिलता है महिलाएं अपने घरों दुल्हन की तरह को सजाते हैं।

Losar Festival FAQs (लोसर पर्व से जुड़े सवाल-जवाब)
Q1. लोसर क्या है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का नववर्ष (New Year) होता है। इसे तिब्बती लोग नए साल की शुरुआत के रूप में बड़े उत्साह और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाते हैं।
Q2. लोसर कितने दिन तक मनाया जाता है?
Ans: लोसर का पर्व आमतौर पर तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, सजावट और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Q3. लोसर पर रंग-बिरंगे झंडे क्यों लगाए जाते हैं?
Ans: लोसर के दिन तिब्बती समुदाय पांच रंगों के झंडे लगाता है। इन झंडों पर मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के साथ लहराने पर ये मंत्र विश्व में शांति का संदेश फैलाते हैं।
Q4. लोसर के झंडों के रंग क्या दर्शाते हैं?
Ans:हरा – हरियाली का प्रतीक
- लाल – अग्नि का प्रतीक
- सफेद – शांति का प्रतीक
- नीला – जल का प्रतीक
- पीला – धरती (जमीन) का प्रतीक
Q5. लोसर पर क्या विशेष किया जाता है?
Ans: इस पर्व पर सामूहिक पूजा की जाती है, नगर और विश्व की शांति की कामना की जाती है, और घरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।
Q6. लोसर किसका नया साल माना जाता है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का पारंपरिक नया साल होता है, जिसे बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
Q7. लोसर पर सबसे ज्यादा उत्साह किनमें देखा जाता है?
Ans: लोसर पर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिलता है। महिलाएं घरों को सजाती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज निभाती हैं।
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