Pithoragarh
Breaking : पिथौरागढ़ में आज नहीं खुलेंगे स्कूल, भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित

Pithoragarh News : मौसम विभाग, देहरादून की ओर से पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। आज पिथौरागढ़ के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
Table of Contents
पिथौरागढ़ में आज नहीं खुलेंगे स्कूल
भारी बारिश के चलते पिथौरागढ़ में आज सभी स्कूल बंद रहेंगे। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार, 21 जुलाई को जनपद पिथौरागढ़ के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित
स्कूलों के साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी मंगलवार के लिए बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने यह निर्णय संभावित भारी वर्षा और उससे उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को देखते हुए एहतियाती कदम के रूप में लिया है।

खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों को भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Pithoragarh
उत्तराखंड में फिर आया भूकंप, पिथौरागढ़ में कांपी धरती, 3.7 मापी गई तीव्रता

Pithoragarh News : उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी। पिथौरागढ़ में दोपहर के वक्त भूकंप महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई।
Table of Contents
उत्तराखंड में फिर आया भूकंप, पिथौरागढ़ में कांपी धरती
उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। पिथौरागढ़ में दोपहर 12:51 बजे 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ में था और इसकी गहराई जमीन से 11 किलोमीटर नीचे बताई गई।
भूंकप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड को अब पहले से अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। पहले प्रदेश के जिलों को जोन-4 और जोन-5 में रखा गया था, लेकिन भारतीय मानक ब्यूरो की भूकंपरोधी निर्माण से जुड़ी रीति संहिता-2025 में नया भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र जारी किया गया है। इसमें उत्तराखंड सहित अन्य हिमालयी क्षेत्रों को जोन-6 में शामिल किए जाने का उल्लेख है।

निर्माण कार्यों के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप के खतरे को देखते हुए प्रदेश में निर्माण कार्यों के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। भवनों और अन्य संरचनाओं का निर्माण भूकंपरोधी मानकों के अनुरूप करना जोखिम कम करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है।
Pithoragarh
उत्तराखंड में भांग की खेती पर सख्ती, पिथौरागढ़ में पहला मुकदमा हुआ दर्ज

Pithoragarh News : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भांग की खेती को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। धारचूला के गलाती क्षेत्र में भांग की खेती के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसे जिले में इस तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।
Table of Contents
पिथौरागढ़ में भांग की खेती पर मुकदमा हुआ दर्ज
पिथौरागढ़ में भांग की खेती को लेकर पुलिस ने पहला मुकदमा दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक धारचूला के गलाती क्षेत्र में भांग की खेती किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(बी)/20(क्यू) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में भांग की खेती को लेकर दर्ज इस मुकदमे को पहला मामला बताया जा रहा है।
गांव-गांव में जाकर अभियान चला रही पुलिस
भांग की खेती और इसके संभावित दुरुपयोग को देखते हुए पुलिस जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रही है। पुलिसकर्मी गांवों में पहुंचकर लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से भांग की खेती करने और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अवैध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें और अभियान में सहयोग करें।

पहाड़ की पारंपरिक चटनी भी चर्चा में
भांग की खेती पर कार्रवाई के बीच पहाड़ के पारंपरिक खानपान को लेकर भी चर्चा हो रही है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भांग के बीजों से तैयार होने वाली चटनी लंबे समय से स्थानीय भोजन का हिस्सा रही है। खासकर सर्दियों में भुने और पीसे हुए भांग के बीजों से बनी चटनी को काफी पसंद किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि भांग के बीजों का पारंपरिक खाद्य उपयोग और नशीले पदार्थों के लिए इसका दुरुपयोग अलग-अलग विषय हैं। ऐसे में जरूरी है कि अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ पारंपरिक उपयोग को लेकर भी स्पष्टता बनी रहे।
लाइसेंस और बीजों की उपलब्धता भी अहम मुद्दा
भांग की नियंत्रित खेती के लिए निर्धारित नियमों के तहत अनुमति का प्रावधान है। हालांकि, मानकों के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं होने से खेती करने के इच्छुक लोगों को परेशानी होने की बात सामने आती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नियमानुसार ऐसी खेती में टीएचसी यानी नशीले प्रभाव के लिए जिम्मेदार तत्व की मात्रा 0.3 प्रतिशत या इससे कम होनी चाहिए।
फिलहाल पिथौरागढ़ में पुलिस की कार्रवाई के बाद भांग की खेती को लेकर निगरानी बढ़ गई है। अब यह देखना अहम होगा कि अवैध खेती और नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान किस तरह आगे बढ़ता है।
Pithoragarh
पिथौरागढ़ में उफनाए बरसाती नाले में बही स्कूटी, एक युवक की मौत, दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ में बरसाती गदेरे में बहने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। एसडीआरएफ ने घायल युवक को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया है।
Table of Contents
पिथौरागढ़ में उफनाए बरसाती नाले में बही स्कूटी
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के दौरान उफनाए बरसाती नाले में स्कूटी बहने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा थल-बेरीनाग सड़क पर बरड़ के पास हुआ। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर घायल युवक को बाहर निकाला, जबकि दूसरे युवक का शव सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया।
एक युवक की मौत, दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया
जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के नैनोली भगतोला निवासी 18 वर्षीय गौरव कुमार और तिल गांव निवासी हिमांशु नयाल धारचूला की दारमा वैली घूमने गए थे। रविवार रात करीब 9 बजे दोनों स्कूटी से अल्मोड़ा लौट रहे थे। इस दौरान थल से करीब चार किलोमीटर दूर बरड़ के पास बारिश के कारण बरसाती नाला उफान पर था।
नाला पार करते समय उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर पानी के तेज बहाव में बह गई और सड़क से कई फीट नीचे गदेरे में जा गिरी। हादसे के बाद दोनों युवक पानी में बह गए।

अंधेरा होने के कारण एक युवक का नहीं चल सका पता
युवकों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने गौरव कुमार को घायल अवस्था में गदेरे से बाहर निकाला और उपचार के लिए थल अस्पताल पहुंचाया। वहीं, हिमांशु नयाल का रात में पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण रात में तलाश अभियान नहीं चलाया जा सका।
सोमवार सुबह बरामद हुआ युवक का शव
सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की। इस दौरान हिमांशु का शव गदेरे में मिला। पुलिस ने घटना की सूचना दोनों युवकों के परिजनों को दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Dehradun7 hours agoकरवाचौथ पर उत्तराखंड की महिला कर्मचारियों की रहेगी छुट्टी, शासन ने जारी किए आदेश
Bageshwar9 hours agoउत्तराखंड में फिर डोली धरती, बागेश्वर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 2.8 रही तीव्रता
Haridwar7 hours agoHaridwar News : गंगा में बोलेरो समेत बह गए तीन लोग, दो को बचाया, चालक लापता
Dehradun1 hour agoदेहरादून में नगर आयुक्त का एक्शन, बैठक के बहाने बुलाए इंस्पेक्टर, फोन जब्त कर सड़क पर ले गए
Chamoli6 hours agoगैरसैंण में 11 घंटे भी नहीं चला विधानसभा सत्र, हंगामे के बीच ₹7,844 करोड़ का बजट पास














































