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जन सुविधा के दृष्टिगत स्मार्ट सिटी के कार्य तय समय सीमा में पूर्ण किये जाएं- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत जो भी कार्य हो रहे हैं, उनमें स्मार्ट देहरादून के लिए सबसे अच्छा क्या किया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

सभी कार्य गुणवत्तापूर्वक तय सीमा के अन्तर्गत किये जाए। जन प्रतिनिधियों द्वारा जो भी सुझाव दिये जा रहें हैं, उन सुझावों को पूरी गम्भीरता से लेते हुए अमल में लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत स्मार्ट सिटी के कार्य तेजी से पूर्ण किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता का पैसा जनहित में सही प्लानिंग से उपयोग हो। इसके लिए सभी विभाग एवं कार्यदाई संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के तहत जो कार्य किये जा रहे हैं, आने वाले 50 सालों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। देहरादून को आदर्श शहर बनाने के लिए और क्या किया जा सकता है, इसकी पूरी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाए। शहर की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस बैठक में जन प्रतिनिधियों के जो भी सुझाव आये हैं, उन सभी सुझावों पर क्या उचित समाधान निकाले जा सकते हैं, इस पर ध्यान दिया जाए। नगर निकायों को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाए। ऐसी योजनाएं जिनमें केन्द्र एवं राज्य का अंश क्रमशः 90 एवं 10 के अनुपात में हो उन योजनाओं पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी सड़के गड्ढ़ा मुक्त हो। नगर निगम क्षेत्रों में 3.75 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के सुदृढ़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग से करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निकायों को मानव संसाधन की दृष्टि से भी मजबूत बनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के तहत जिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए बजट की और आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजा जाए। स्मार्ट सिटी के तहत परेड ग्राउण्ड में होने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अलग से बैठक करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता में कोई कमी पाई गई तो संबंधितों पर सख्त कारवाई की जायेगी। उन्होंने गढ़वाल कमिश्नर को भी स्मार्ट सिटी के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।
सीईओ स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी देहरादून सोनिका ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को जून 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन 26 परियोजनाओं पर कार्य होना था, उनमें से 10 पूर्ण हो चुके हैं, 4 परियोजनाओं पर अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं 12 परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेगा उत्तराखंड विधानसभा का सदन, राज्यपाल ने दी सत्र को मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, ये उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र होगा। सत्र की तिथि निर्धारित होने के साथ ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सत्र कितने दिन चलेगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित कार्यसूची का भी अभी खुलासा नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।

सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा
गैरसैंण की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र राज्य की विधायी गतिविधियों के लिहाज से अहम है। सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच किन विषयों पर प्रमुखता से बहस होगी, यह विस्तृत कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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हरिद्वार में हुई धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, 13 प्रस्तावों को मंजूरी, अग्निवीरों की भर्ती पर भी फैसला

Dhami Cabinet Decision : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनहित से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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हरिद्वार में हुई धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त
बैठक में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों, आवास, स्वास्थ्य, विकास योजनाओं और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। सभी 13 प्रस्तावों को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का उद्देश्य जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच जाकर लेना है। उन्होंने उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री और भारत सरकार का आभार भी जताया।
कैबिनेट बैठक में इन 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर
1. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान: संस्थान के विकास और संचालन से संबंधित कार्यों के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
2. निवेश एवं आधारभूत संरचना: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
3. जन विश्वास संशोधन विधेयक: द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई।
4. बाढ़ मैदानों के नियमन पर फैसला: उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी।

5. विधानसभा सत्र: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
6. अग्निशमन एवं आपात सेवाएं: उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई।
7. पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम: सेवामुक्त अग्निवीरों की समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी गई।
8. संस्कृति विभाग: विभाग में वित्तीय अधिकारों से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
9. स्वजल मिशन के पद: स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को जारी रखने की मंजूरी दी गई।
10. हरिद्वार में आवासीय परियोजना: किफायती आवासीय परियोजना तक पहुंचने वाले मार्ग की चौड़ाई के मानकों में शिथिलता देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
11. ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग संबंधी सुधार: भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि को ठीक करने की स्वीकृति दी गई।
12. बाल वीरता पुरस्कार योजना: मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
कुंभ 2027 और विकास कार्यों पर भी चर्चा
हरिद्वार में हुई इस बैठक में आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य, आवास तथा विधानसभा के आगामी सत्र से संबंधित विषयों पर विचार किया गया। विधानसभा सत्र गैरसैंण या किसी अन्य स्थान पर आयोजित किए जाने से जुड़े विषय का भी उल्लेख किया गया।
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