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दरोगा की गाड़ी टकराई सेना की गाड़ी से, दोनों पक्षों के बीच हुई हाथापाई।
हरिद्वार/रुड़की – रुड़की के भगवानपुर थाना क्षेत्र के दरोगा की गाड़ी मिलिट्री के वाहन से टकरा गई। वाहन टकराने के बाद बीच सड़क पर ही पुलिस और सेना के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
हंगामा होता देख मौके पर भीड़ जुटना शुरू हो गई, भीड़ ने सेना के जवानों का साथ दिया और सेना की गाड़ी को वहां से निकाल दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवानपुर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अनिल बिष्ट कोर्ट से रिमांड लेकर लौट रहे थे। जैसे ही वह वैशाली तिराहे के पास पहुंचे तो सेना की गाड़ी से उनकी गाड़ी टकरा गई।
दरोगा अनिल बिष्ट ने सेना के वाहन को रोकने की कोशिश की और वाहन रुकने के बाद पुलिस और सेना में हाथापाई शुरू हो गई। हंगामा होता देख मौके पर भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई। वहीं भीड़ में शामिल लोगों ने सेना का पक्ष लिया और आर्मी जिंदाबाद के नारे भी लगाए और पुलिस द्वारा रोके गए सेना के वाहन को वहां से निकाल दिया।
इस दौरान सब इंस्पेक्टर अनिल बिष्ट ने कहा कि उनके साथ सेना के द्वारा हाथापाई धक्का मुक्की व बदतमीजी की गई है। कुछ शरारती लड़कों के द्वारा भी बदतमीजी की गई है जिनके विरुद्ध मुकदमा लिखा जाएगा।
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RBI Monetary Policy June 2026: अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच रेपो रेट 5.25% पर स्थिर; विकास दर का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया..

RBI Monetary Policy June 2026 Overview
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मोर्चे पर मौसम की अनिश्चितताओं के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी जून 2026 की त्रैमासिक समीक्षा बैठक के नतीजे घोषित कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर सतर्क रुख अपनाते हुए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई छह सदस्यीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, मौद्रिक रुख (Policy Stance) को भी ‘न्यूट्रल’ (तटस्थ) बनाए रखा गया है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट और अल नीनो (El Nino) के उभरते जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास दर (GDP Growth) के अनुमान को घटा दिया है।
नीतिगत फैसले के मुख्य बिंदु (Key Directives)
आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए आरबीआई ने निम्नलिखित मुख्य घोषणाएं की हैं:
| संकेतक (Indicators) | वर्तमान स्थिति (June 2026) | पिछला रुख / अनुमान |
| रेपो रेट (Repo Rate) | 5.25% | 5.25% (यथावत) |
| पॉलिसी स्टांस (Stance) | न्यूट्रल (Neutral) | न्यूट्रल |
| FY27 जीडीपी ग्रोथ अनुमान | 6.6% | 6.9% (कटौती की गई) |
| FY27 खुदरा महंगाई अनुमान | 5.1% | 4.6% (बढ़ोतरी की गई) |
| विदेशी मुद्रा भंडार | $682.2 अरब | ऐतिहासिक रूप से मजबूत |
रेपो रेट को स्थिर रखने के पीछे का गणित
फरवरी 2025 में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू होने के बाद से आरबीआई अब तक कुल 1.25% (125 बेसिस प्वाइंट) की कटौती कर चुका है। पिछली कटौतियों के बाद से रेपो दर 5.25% पर टिकी हुई है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही घरेलू स्तर पर खुदरा महंगाई इस समय नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन की बाधाओं को देखते हुए दरों में और कटौती करना जोखिम भरा हो सकता था। केंद्रीय बैंक इस समय ‘रुको और देखो’ की रणनीति पर चल रहा है ताकि पिछली कटौतियों का असर बाजार में पूरी तरह से दिखाई दे सके।
जीडीपी (GDP) वृद्धि दर के अनुमान में गिरावट क्यों?
जून 2026 की इस नीतिगत समीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव भारत की विकास दर के अनुमान में देखने को मिला है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है।
केंद्रीय बैंक ने इसके लिए मुख्य रूप से तीन बड़े जोखिमों को जिम्मेदार ठहराया है:
- पश्चिम एशिया संकट (Middle East Conflict): इस क्षेत्र में जारी तनाव के कारण वैश्विक माल ढुलाई (Freight Costs) और बीमा लागतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय निर्यात और आयात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
- इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी: कच्चे तेल और अन्य औद्योगिक कमोडिटीज की कीमतों में अस्थिरता के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ रही है।
- कमजोर मानसून का साया: देश में अल नीनो (El Nino) की स्थितियां विकसित हो रही हैं। इसके कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के असमान रहने की आशंका है, जो सीधे तौर पर कृषि उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में मांग को प्रभावित कर सकता है।
आरबीआई के अनुमान के मुताबिक, आगामी तिमाहियों में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार कुछ इस तरह रह सकती है:
- Q1 (अप्रैल-जून): 6.6%
- Q2 (जुलाई-सितंबर): 6.3%
- Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 6.5%
- Q4 (जनवरी-मार्च): 6.8%
महंगाई का मोर्चा: अनुमान में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि
आरबीआई को खुदरा महंगाई (CPI Inflation) को 4% के दायरे में रखने का वैधानिक दायित्व मिला हुआ है। अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 3.48% पर था, जो संतोषजनक है। लेकिन थोक मूल्यों (WPI) और ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने केंद्रीय बैंक को सतर्क कर दिया है।
यही वजह है कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जो पहले के अनुमान से 0.50% अधिक है। त्योहारों के सीजन (तिमाही 3) में इसके 5.9% के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई गई है, जो आरबीआई की ऊपरी सीमा (6%) के बेहद करीब है।
रुपये की विनिमय दर और विदेशी पूंजी को बढ़ावा
हाल के महीनों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) में देखे गए उतार-चढ़ाव पर गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये के किसी विशेष स्तर को लक्षित नहीं करता है। भारतीय मुद्रा का मूल्य बाजार की ताकतों द्वारा ही तय होता है। हालांकि, उन्होंने सट्टेबाजी के दबावों और अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वर्तमान में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $682.2 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर है, जो 11 महीने से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। विदेशी पूंजी प्रवाह (Foreign Capital Flows) को और तेज करने के लिए आरबीआई ने दो बड़े नीतिगत सुधारों की घोषणा की है:
- सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) का दायरा बढ़ाना: फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत विदेशी निवेशकों के लिए अब 15, 30 और 40 वर्ष की लंबी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स को भी शामिल कर लिया गया है।
- रियायती फॉरेक्स स्वैप विंडो: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को बढ़ावा देने के लिए 13 सितंबर 2026 तक एक विशेष रियायती स्वैप सुविधा दी जाएगी।
आम जनता और रीयल एस्टेट सेक्टर पर प्रभाव
नीतिगत दरों में बदलाव न होने का सीधा मतलब है कि आम उपभोक्ताओं के होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि ब्याज दरों में स्थिरता से रीयल एस्टेट मार्केट में चल रही खरीदारी की रफ्तार बनी रहेगी। डेवलपर्स और बिल्डर्स ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उनकी ऋण लागत स्थिर रहेगी और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश को बल मिलेगा।
आर्थिक विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का नजरिया
आरबीआई के इस कदम पर उद्योग जगत और अर्थशास्त्रियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी के अनुसार, “वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए दरों को स्थिर रखना एक परिपक्व फैसला है। बाजार को पहले से ही इस बात का अंदेशा था और यह कदम बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी (तरलता) को संतुलित बनाए रखेगा।”
डीबीएस बैंक (DBS Bank) की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया है कि भले ही जून में दरों को नहीं बदला गया है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जमीन तैयार हो रही है। यदि कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है और खुदरा महंगाई 5% को पार करती है, तो आगामी तिमाहियों में आरबीआई को दरों में 75 से 100 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
निष्कर्ष
आरबीआई मौद्रिक नीति जून 2026 के फैसलों से यह साफ झलकता है कि केंद्रीय बैंक इस समय त्वरित आर्थिक विकास की तुलना में व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए लगातार परीक्षा ले रही हैं।
वर्तमान में ब्याज दरों का न बढ़ना कॉर्पोरेट जगत और आम जनता दोनों के लिए फौरी राहत जरूर है, लेकिन विकास दर के अनुमान में की गई कटौती यह संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को आने वाले दिनों में फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। यदि आने वाले महीनों में वैश्विक हालात और नहीं बिगड़ते हैं, तभी देश इस संशोधित विकास लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो पाएगा।
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बड़ी खबर : धामी सरकार ने बांटे दायित्व, इन नेताओं की हुई बल्ले बल्ले, जानें किसे क्या मिला ?

Uttarakhand Politics : धामी सरकार ने देर रात दायित्व बांटे हैं। उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न परिषदों और आयोगों में नई नियुक्तियां करते हुए कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
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धामी सरकार ने बांटे दायित्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विभिन्न परिषदों और आयोगों में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं।
मंत्रिपरिषद अनुभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार छह व्यक्तियों को अलग-अलग पदों पर नामित किया गया है। इन नियुक्तियों को संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इन नेताओं की हुई बल्ले बल्ले
पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल को सेतु आयोग में सलाहकार नियुक्त किया गया है, जबकि जोत सिंह बिष्ट को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में कैप्टन गम्भीर सिंह धामी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शमेशर सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ज्योति कोटिया और अभिषेक शाही को मिली ये जिम्मेदारी
गोरखा कल्याण परिषद में ज्योति कोटिया को अध्यक्ष और अभिषेक शाही को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार की इन नियुक्तियों को विभिन्न सामाजिक वर्गों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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तड़के सुबह दून पुलिस को मिली बड़ी सफलता, राजस्थान के दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार

Dehradun News : देहरादून पुलिस को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। नयागांव इलाके में वाहन चेकिंग और सघन नाकेबंदी के दौरान पुलिस की संदिग्ध व्यक्तियों से मुठभेड़ हो गई। कार्रवाई के दौरान राजस्थान के दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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तड़के सुबह दून पुलिस को मिली बड़ी सफलता
गुरूवार तड़के सुबह दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने राजस्थान के दो बदमाशों को नयागांव क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर पर गोली लगी है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
राजस्थान के दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
मिली जानकारी के मुताबिक नाकेबंदी व सघन चेकिंग के दौरान नयागांव चौकी बैरियर पर RJ नंबर की कार मे सवार बदमाशों द्वारा बैरियर पर टक्कर मारकर सेलाकुई की तरफ भागने पर पुलिस टीम द्वारा पीछा किया गया। बदमाश कार से चांदनी चौक से भूरपुर की तरफ भागे, रामगढ़ के रपटे में गाड़ी छोड़कर नदी की तरफ भागते हुए बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई।

पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में पुलिस मुठभेड़ मे एक बदमाश घायल हो गया। जबकि दूसरे बदमाश को पीछा कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन बदमाशों की तलाश जारी है।
दो देशी तमंचे, खोखा व जिन्दा कारतूस बरामद
घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई जिसके बाद उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। उच्च अधिकारियों द्वारा मौके व चिकित्सालय पहुंचकर अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई।
घायल बदमाश को प्रेमनगर चिकित्सालय से दून अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। दोनों बदमाशों से दो देशी तमंचे, खोखा व जिन्दा कारतूस और घटना मे प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद हुई है।
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