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राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका 2022 का विमोचन किया गया। नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाने के रूप में सम्मानित किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2022 एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2021 के महानुभावों को सम्मानित भी किया। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित महानुभावों को सम्मान पत्र, ट्राफी एवं एक लाख रूपये की धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान 2022 से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कवि लेखक, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, भूतपूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल विपिन रावत, कवि लेखक एवं गीताकार स्वं गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’, साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. वीरेन डंगवाल को सम्मानित किया गया। जबकि 2021 के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बॉण्ड, साहसिक खेल के क्षेत्र में बछेन्द्री पाल तथा संस्कृति एवं लोक कला के क्षेत्र में नरेन्द्र सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। प्रसून जोशी एवं नरेन्द्र सिंह नेगी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किये गये। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान के अन्य महानुभावों के परिवारजनों द्वारा सम्मान लिया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात, अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आज के अवसर पर हमें दो संकल्प लेने की जरूरत है। पहला ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरा उत्तराखण्ड के प्रत्येक हिस्से को स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बनाना। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी ला सकते हैं। वाहनों की फिटनेस समय पर कराकर वाहनों में ओवरलोडिंग का त्याग कर सड़क पर गाड़ी चलाते हुए सभी नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं हमारी सड़कें पर्यटक स्थल नदी-घाट ट्रेक साफ-सुथरे रहने चाहिए तभी हम स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हमें अपने लिये तीन लक्ष्य निर्धारित करने हैं- इमीडियेट गोल, इण्टरमीडियेट गोल और सेन्चुरी गोल। इमीडियेट गोल, यानी तत्काल हासिल किया जाने वाला लक्ष्य जो कि 2025 तक का उत्तराखण्ड कैसा होगा जब हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहे होंगे यह तय करना है। इण्टरमीडियेट गोल, 2030 तक यानी तीसरे दशक की समाप्ति पर उत्तराखण्ड कैसा होगा। यह वही दशक है जिसे हमें अपना बनाना है। जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है। तीसरा, सेंचुरी गोल, यानी 2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा। आजादी के अमृत काल का अंतिम सोपान। तब उत्तराखण्ड किस स्वरूप में होगा यह लक्ष्य हमें इस अवसर पर तय करना है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से स्कूली शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश में विख्यात रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थियों को रोजगार मिले, समाज को उनकी चुनौतियों का समाधान मिले, लैब टू लैण्ड के सिद्धांत पर पढ़ाई का लाभ गांव, गरीब और पिछड़े लोगों को अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए शासन, प्रशासन का स्वच्छ एवं पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाये गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064, सी0एम हेल्पलाईन 1905, इस दिशा में बड़े कदम हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट जैसे कदम सुशासन की दिशा में उठाये गये हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अच्छी कानून व्यवस्था बनाये रखना बहुत आवश्यक है। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही यहाँ पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के दौरान और आपदा के दौरान सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बदलते समय में यातायात साईबर क्राईम, महिला अपराध, ड्रग्स जैसे अपराधों को रोकने के लिए भी उत्तराखण्ड पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या भारी ईजाफा हो रहा है इसके लिए हमें गांव में होमस्टे को बढ़ावा देना होगा। राज्य में होमस्टे का निर्माण एक अभियान के तहत हो रहा है इसे और मजबूती दिये जाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड आर्गेनिक ब्राण्ड बनाने का निर्णय किया है। उत्तराखण्ड आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटियों, बेमौसमी सब्जियों-फलों के लिए बहुत बड़ा सप्लायर स्टेट बन सकता है। इन क्षेत्रों में हमें अलग-अलग बहुत सी सफलता की कहानियां भी दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम, राजमा, पनीर, सेब, मटर का उत्पादन एवं निर्यात करने में बहुत से लोगों ने अच्छी कामयाबी पाई है। पिथौरागढ़ में बेड़ू के उत्पादों ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम भारत के सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तराखण्ड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री की इस बात को सच साबित करने में जुट जायेगा। राज्य निर्माण से अब तक उत्तराखण्ड ने विकास के कई पैमानों पर अपनी खास जगह बनाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कहा जाए कि 22 साल बेमिसाल तो गलत नहीं होगा लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में 12 घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को वर्ष 2027 तक दोगुना किया जाएगा। राज्य के संशाधनों के समुचित उपयोग और आय के स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु शीघ्र ही एक सलाहकार फ़र्म का भी चयन किया जाएगा।
प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने हेतु और निवेशकों को आकर्षित करने हेतु तीन माह के भीतर सरलीकृत लघु जल विद्युत नीति और सौर ऊर्जा नीति बनायी जाएगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु रूपांतरण कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष दो सौ विद्यालयों को रूपांतरित किया जाएगा तथा अगले पाँच वर्षों में एक हज़ार विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाएगा। यह कार्य अन्य विद्यालयों में चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रम से अतिरिक्त रूप में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी कम मूल्य वाली फसलों के स्थान पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल उत्पादकों की आय को बढ़ाया जा सके।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति तीन माह के भीतर बनायी जाएगी।
राज्य में पशु पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य पशु धन मिशन की शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दस हज़ार महिला तथा महिला समूहों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य हमने तय किया है। इसके तहत कोई भी महिला तथा महिला समूह ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगा सकेगा।
प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ’गौरा शक्ति’ एप शीघ्र लांच किया जायेगा। इसके माध्यम से हमारी बहन-बेटियाँ अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी और पुलिस सुरक्षा के घेरे में आ जाएँगी।
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और सुविधा के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के ब्रैंड्स जैसे हिमाद्रि, हिलांश इत्यादि को बिक्री हेतु एक मंच मिल सकेगा।
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए इनामी बदमाशों को पकड़वाने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रूपए का कोष गठित किया जाएगा।
राज्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उत्तराखंड के आंदोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके।
प्रदेश की तहसील स्तर तक की समस्याओं के समाधान के लिए ’’मुख्यमंत्री चौपाल’’ कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। यह योजना ’’हमारी सरकार, जनता के द्वार’’ कार्यक्रम को धरातल पर उतारेगी। यह चौपाल विभिन्न विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व जिलाधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इस योजना द्वारा लोगों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों एवं को नमन करते हुए कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने विगत दिनों राज्य में आई आपदाओं में सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो मंत्र दिया था, हमारी सरकार उसी को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति इसका मुख्य कारण है। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले डेढ साल से मुख्य सेवक के दायित्व का निर्वहन पूरी क्षमता से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसके लिए राज्य सरकार ने योजना न बनाई हो या कार्य न किया हो। सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्षता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां संभव हो सरकारी नौकरियों द्वारा या युवाओं की स्किल में बढोत्तरी कर प्राइवेट सेक्टर में उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर या फिर स्वरोजगार सम्बंधी नीतियों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को भली प्रकार जीवन यापन के संसाधन मुहैया कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं और हम युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किसी भी सख्त कार्यवाही को करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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टिहरी में बड़ा सड़क हादसा, खाई में गिरा वाहन, अंतिम संस्कार से लौट रहे 8 लोगों की मौत

Chamba-Koti Accident Today : टिहरी में बड़ा हादसा, खाई में गिरा वाहन, 8 लोगों की मौके पर ही मौत
Chamba-Koti Accident Today : टिहरी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। अंतिम संस्कार से वापस जा रहे लोगों का वाहन हादसे का शिकार हो गया। इस भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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टिहरी सड़क हादसा (Chamba-Koti Accident Today)
- मुख्य घटना: उत्तराखंड के टिहरी में चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल के पास एक यूटिलिटी पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरा।
- हताहत: हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
- पीड़ितों का विवरण: सभी मृतक घनसाली क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जो ऋषिकेश में एक अंतिम संस्कार (क्रियाकर्म) से लौट रहे थे।
- वर्तमान स्थिति: SDRF, स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। घायलों का जिला अस्पताल (DH) बौराड़ी में इलाज चल रहा है।
टिहरी में बड़ा सड़क हादसा, खाई में गिरा वाहन
टिहरी में बड़ा सड़क हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक चंबा-कोटीकॉलोनी मार्ग पर नैल के समीप एक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत
मौके पर पहुंची टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार एक यूटिलिटी पिकअप वाहन खाई में गिरा है, जिसमें लगभग 9–10 लोग सवार बताए जा रहे हैं। दो व्यक्तियों को रेस्क्यू किया जा चुका है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है। जबकि दो लोग घायल हैं जिन्हें DH बौराड़ी ले जाया गया है।
मौके पर रेस्क्यू अभियान जारी
वर्तमान में SDRF टीम, स्थानीय पुलिस व फायर सर्विस द्वारा द्वारा मौके पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल भी मौके पर उपस्थित हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

घनसाली के बताए जा रहे हैं सभी लोग
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वाहन में सभी लोग घनसाली के बताए जा रहे हैं। सभी लोग ऋषिकेश से क्रियाकर्म कर के घनसाली वापस जा रहे थे।
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रूद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौके पर ही मौत

Rudraprayag Accident : रूद्रप्रयाग में देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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रूद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार
रुद्रप्रयाग जिले में भीरी-ककोला मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। बुधवार देर रात करीब 11:54 बजे एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। वाहन भीरी से औरिंग की ओर जा रहा था, इसी दौरान वो हादसे का शिकार हो गया।
हादसे में कर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम अगस्तमुनि से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पवार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि वाहन करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ था। कार में तीन लोग सवार थे और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

ककड़ी मशक्कत के बाद शवों को निकाला जा सका बाहर
SDRF टीम ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद अब तक एक शव को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचा दिया गया है, जबकि बाकी शवों को निकालने का काम जारी है। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
रुद्रप्रयाग के ही रहने वाले थी तीनों मृतक
- 1. नवीन सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी औरिंग, रुद्रप्रयाग।
- 2. अमित सिंह पुत्र आनंद सिंह, उम्र लगभग 35 वर्ष, निवासी सुरसाल, रुद्रप्रयाग।
- 3. अंशुल पुत्र धनपाल, उम्र लगभग 28 वर्ष, निवासी सुरसाल, रुद्रप्रयाग।
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Haldwani में दर्दनाक सड़क हादसा, रोडवेज बस ने 5 साल की मासूम को रौंदा, 20 मीटर तक घसीटा…

Haldwani Accident : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में आज दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर रानीबाग के पास रोडवेज बस की चपेट में आने से 5 साल की मासूम की मौत हो गई।
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रोडवेज बस की चपेट में आने से 5 साल की मासूम की मौत
हल्द्वानी से झकझेर कर रख देने वाली खबर सामने आई है। यहां भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रानीबाग के पास रोडवेज की बस की टक्कर से पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रुद्रपुर डिपो की बस (यूके 06 पी ए 1726) ने बच्ची को टक्कर मार दी जिसके बाद वो मासूम को अपने साथ घसीटती चली गई।
रोडवेज बस ने बच्ची को 20 मीटर तक घसीटा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। बस के बच्ची को टक्कर मारने के बाद भी वो रूकी नहीं बल्कि बच्ची को 20 मीटर तक घसीटती चली गई। जिस से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।

स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही थी बच्ची
मिली जानकारी के मुताबिक कनक स्कूल की छुट्टी के बाद घर वापस लौट रही थी। उसके साथ दो बच्चे और थे। हादसे के वक्त किसी तरह दो बच्चे बच गए लेकिन कनक बस की चपेट में आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के बाद ने रोडवेज बस पर पथराव कर दिया।
गुस्साए लोगों के पत्थर मारने के कारण सड़क पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। तिकोनिया से लेकर भीमताल तिराहा, ज्योलीकोट और सलड़ी भारी जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस हालात संभालने में जुटी रही। काफी देर बाद जाम को खुलवाया जा सका।
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