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राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका 2022 का विमोचन किया गया। नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाने के रूप में सम्मानित किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2022 एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2021 के महानुभावों को सम्मानित भी किया। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित महानुभावों को सम्मान पत्र, ट्राफी एवं एक लाख रूपये की धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान 2022 से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कवि लेखक, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, भूतपूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल विपिन रावत, कवि लेखक एवं गीताकार स्वं गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’, साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. वीरेन डंगवाल को सम्मानित किया गया। जबकि 2021 के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बॉण्ड, साहसिक खेल के क्षेत्र में बछेन्द्री पाल तथा संस्कृति एवं लोक कला के क्षेत्र में नरेन्द्र सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। प्रसून जोशी एवं नरेन्द्र सिंह नेगी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किये गये। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान के अन्य महानुभावों के परिवारजनों द्वारा सम्मान लिया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात, अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आज के अवसर पर हमें दो संकल्प लेने की जरूरत है। पहला ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरा उत्तराखण्ड के प्रत्येक हिस्से को स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बनाना। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी ला सकते हैं। वाहनों की फिटनेस समय पर कराकर वाहनों में ओवरलोडिंग का त्याग कर सड़क पर गाड़ी चलाते हुए सभी नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं हमारी सड़कें पर्यटक स्थल नदी-घाट ट्रेक साफ-सुथरे रहने चाहिए तभी हम स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हमें अपने लिये तीन लक्ष्य निर्धारित करने हैं- इमीडियेट गोल, इण्टरमीडियेट गोल और सेन्चुरी गोल। इमीडियेट गोल, यानी तत्काल हासिल किया जाने वाला लक्ष्य जो कि 2025 तक का उत्तराखण्ड कैसा होगा जब हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहे होंगे यह तय करना है। इण्टरमीडियेट गोल, 2030 तक यानी तीसरे दशक की समाप्ति पर उत्तराखण्ड कैसा होगा। यह वही दशक है जिसे हमें अपना बनाना है। जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है। तीसरा, सेंचुरी गोल, यानी 2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा। आजादी के अमृत काल का अंतिम सोपान। तब उत्तराखण्ड किस स्वरूप में होगा यह लक्ष्य हमें इस अवसर पर तय करना है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से स्कूली शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश में विख्यात रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थियों को रोजगार मिले, समाज को उनकी चुनौतियों का समाधान मिले, लैब टू लैण्ड के सिद्धांत पर पढ़ाई का लाभ गांव, गरीब और पिछड़े लोगों को अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए शासन, प्रशासन का स्वच्छ एवं पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाये गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064, सी0एम हेल्पलाईन 1905, इस दिशा में बड़े कदम हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट जैसे कदम सुशासन की दिशा में उठाये गये हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अच्छी कानून व्यवस्था बनाये रखना बहुत आवश्यक है। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही यहाँ पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के दौरान और आपदा के दौरान सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बदलते समय में यातायात साईबर क्राईम, महिला अपराध, ड्रग्स जैसे अपराधों को रोकने के लिए भी उत्तराखण्ड पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या भारी ईजाफा हो रहा है इसके लिए हमें गांव में होमस्टे को बढ़ावा देना होगा। राज्य में होमस्टे का निर्माण एक अभियान के तहत हो रहा है इसे और मजबूती दिये जाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड आर्गेनिक ब्राण्ड बनाने का निर्णय किया है। उत्तराखण्ड आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटियों, बेमौसमी सब्जियों-फलों के लिए बहुत बड़ा सप्लायर स्टेट बन सकता है। इन क्षेत्रों में हमें अलग-अलग बहुत सी सफलता की कहानियां भी दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम, राजमा, पनीर, सेब, मटर का उत्पादन एवं निर्यात करने में बहुत से लोगों ने अच्छी कामयाबी पाई है। पिथौरागढ़ में बेड़ू के उत्पादों ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम भारत के सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तराखण्ड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री की इस बात को सच साबित करने में जुट जायेगा। राज्य निर्माण से अब तक उत्तराखण्ड ने विकास के कई पैमानों पर अपनी खास जगह बनाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कहा जाए कि 22 साल बेमिसाल तो गलत नहीं होगा लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में 12 घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को वर्ष 2027 तक दोगुना किया जाएगा। राज्य के संशाधनों के समुचित उपयोग और आय के स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु शीघ्र ही एक सलाहकार फ़र्म का भी चयन किया जाएगा।
प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने हेतु और निवेशकों को आकर्षित करने हेतु तीन माह के भीतर सरलीकृत लघु जल विद्युत नीति और सौर ऊर्जा नीति बनायी जाएगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु रूपांतरण कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष दो सौ विद्यालयों को रूपांतरित किया जाएगा तथा अगले पाँच वर्षों में एक हज़ार विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाएगा। यह कार्य अन्य विद्यालयों में चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रम से अतिरिक्त रूप में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी कम मूल्य वाली फसलों के स्थान पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल उत्पादकों की आय को बढ़ाया जा सके।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति तीन माह के भीतर बनायी जाएगी।
राज्य में पशु पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य पशु धन मिशन की शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दस हज़ार महिला तथा महिला समूहों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य हमने तय किया है। इसके तहत कोई भी महिला तथा महिला समूह ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगा सकेगा।
प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ’गौरा शक्ति’ एप शीघ्र लांच किया जायेगा। इसके माध्यम से हमारी बहन-बेटियाँ अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी और पुलिस सुरक्षा के घेरे में आ जाएँगी।
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और सुविधा के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के ब्रैंड्स जैसे हिमाद्रि, हिलांश इत्यादि को बिक्री हेतु एक मंच मिल सकेगा।
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए इनामी बदमाशों को पकड़वाने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रूपए का कोष गठित किया जाएगा।
राज्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उत्तराखंड के आंदोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके।
प्रदेश की तहसील स्तर तक की समस्याओं के समाधान के लिए ’’मुख्यमंत्री चौपाल’’ कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। यह योजना ’’हमारी सरकार, जनता के द्वार’’ कार्यक्रम को धरातल पर उतारेगी। यह चौपाल विभिन्न विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व जिलाधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इस योजना द्वारा लोगों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों एवं को नमन करते हुए कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने विगत दिनों राज्य में आई आपदाओं में सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो मंत्र दिया था, हमारी सरकार उसी को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति इसका मुख्य कारण है। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले डेढ साल से मुख्य सेवक के दायित्व का निर्वहन पूरी क्षमता से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसके लिए राज्य सरकार ने योजना न बनाई हो या कार्य न किया हो। सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्षता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां संभव हो सरकारी नौकरियों द्वारा या युवाओं की स्किल में बढोत्तरी कर प्राइवेट सेक्टर में उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर या फिर स्वरोजगार सम्बंधी नीतियों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को भली प्रकार जीवन यापन के संसाधन मुहैया कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं और हम युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किसी भी सख्त कार्यवाही को करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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देहरादून में नर्सिंग भर्ती आंदोलन में महिला ने पिया जहरीला पदार्थ, मौके पर मची अफरा-तफरी

Dehradun News : राजधानी देहरादून से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां नर्सिंग अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में अचानक महिला ने जहरीला पदार्थ पी लिया। इस घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई।
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देहरादून में नर्सिंग भर्ती आंदोलन में महिला ने पिया जहरीला पदार्थ
देहरादून में नर्सिंग भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को उस समय और गंभीर हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने कथित तौर पर फिनायल पी लिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य लोगों ने तुरंत उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सात महीनों से वर्षवार भर्ती को लेकर चल रहा है आंदोलन
जानकारी के अनुसार, नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बेरोजगार अभ्यर्थी पिछले करीब सात महीनों से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। बुधवार को प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास की ओर पहुंचे और घेराव का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि मांगों पर सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने कथित तौर पर फिनायल पी लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ठोस निर्णय ना लिए जाने तक जारी रहेगा आंदोलन
पुलिस ने तत्काल महिला को अपनी निगरानी में अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया।
नर्सिंग एकता मंच का कहना है कि वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर उनका आंदोलन लगातार जारी है और जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
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देहरादून में दो बच्चों की मां को मारी मारी गोली, फिर युवक ने खुद को भी मारी गोली…

Dehradun News : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां दो बच्चों की मां की गोली मारने का मामला सामने आया है। इसके बाद युवक ने खुद को भी गोली मार ली। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
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देहरादून में दो बच्चों की मां को युवक ने मारी गोली
देहरादून के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणपुर इलाके में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। एक युवक ने पहले महिला को गोली मारी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
युवक ने खुद को भी मारी गोली
युवक ने खुद को भी गोली मार ली। मिली जानकारी के मुताबिक चकराता निवासी कमलेश कल्याणपुर पहुंचा, जहां त्यूणी निवासी संगीता किराए के मकान में अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। बताया जा रहा है कि घटना के समय दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे।
मौके पर पहुंचने के बाद कमलेश ने कथित तौर पर संगीता पर तमंचे से फायर कर दिया। इसके तुरंत बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला होने की जताई जा रही आशंका
सूचना मिलने पर पुलिस और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा हुआ है क्योंकि युवक का महिला के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था।
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सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका! उत्तराखंड में 3211 आंगनबाड़ी पदों पर निकली बंपर भर्ती…

Anganwadi Vacancy 2026 Uttarakhand : उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की राह देख रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर बंपर भर्ती निकली है।
संक्षेप : उत्तराखंड आंगनबाड़ी भर्ती 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: 29 जुलाई 2026
पद एवं कुल संख्या: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 3,211 पद।
विभाग: महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड।
पात्रता:
शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) या समकक्ष उत्तीर्ण।
लिंग एवं निवास: केवल उत्तराखंड की पात्र महिला अभ्यर्थियों के लिए। (ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित राजस्व गांव तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है)।
आवेदन प्रक्रिया: विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन।
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उत्तराखंड में 3211 आंगनबाड़ी पदों पर निकली बंपर भर्ती
उत्तराखंड में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने राज्यभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के 3211 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 29 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पात्रता और निवास संबंधी नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं।
3211 पदों के लिए विज्ञापन जारी
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

जानें कौन कर सकता है आवेदन?
भर्ती के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें निर्धारित की गई हैं—
- 1. ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थी उसी राजस्व गांव के निवासी होने चाहिए।
- 2. शहरी क्षेत्र के अभ्यर्थी संबंधित वार्ड के निवासी होने चाहिए।
- 3. उम्मीदवार ने राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
आवेदन करने की अंतिम तिथि है 29 जुलाई
विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा के अनुसार, भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 29 जुलाई से पहले आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करना होगा आवेदन
सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को विभाग की ओर से निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन भरते समय सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक होगा।
शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)
उत्तराखंड आंगनबाड़ी भर्ती में कार्यकर्त्री और सहायिका के पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता संबंधित पद और जिले के अनुसार निर्धारित की गई है। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपने जिले की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना का अध्ययन करना चाहिए।
- 1. अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की हो।
- 2. अलग-अलग पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भिन्न हो सकती है।
- 3. आवेदन के समय सभी आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध होना अनिवार्य है।
- 4. विस्तृत पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी संबंधित जिले की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है।
निवास संबंधी पात्रता (Residence Eligibility)
इस भर्ती में स्थानीय महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीदवार का संबंधित क्षेत्र का निवासी होना पात्रता की महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल है।
- 1. केवल उत्तराखंड की पात्र महिला अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगी।
- 2. ग्रामीण क्षेत्रों में उम्मीदवार उसी राजस्व गांव की निवासी होनी चाहिए, जबकि शहरी क्षेत्रों में संबंधित वार्ड की निवासी होना आवश्यक है।
- 3. आवेदन के दौरान स्थानीय निवास प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
- 4. जिलेवार भर्ती नियमों के अनुसार अतिरिक्त पात्रता शर्तें भी लागू हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित जिले की अधिसूचना अवश्य पढ़ें।
महत्वपूर्ण अपडेट
- भर्ती विभाग: महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग
- कुल पद: 3211
- पद: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका
- आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन
- शैक्षिक योग्यता: इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष
- आवेदन की अंतिम तिथि: 29 जुलाई
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