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राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका 2022 का विमोचन किया गया। नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाने के रूप में सम्मानित किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2022 एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2021 के महानुभावों को सम्मानित भी किया। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित महानुभावों को सम्मान पत्र, ट्राफी एवं एक लाख रूपये की धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान 2022 से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कवि लेखक, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, भूतपूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल विपिन रावत, कवि लेखक एवं गीताकार स्वं गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’, साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. वीरेन डंगवाल को सम्मानित किया गया। जबकि 2021 के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बॉण्ड, साहसिक खेल के क्षेत्र में बछेन्द्री पाल तथा संस्कृति एवं लोक कला के क्षेत्र में नरेन्द्र सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। प्रसून जोशी एवं नरेन्द्र सिंह नेगी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किये गये। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान के अन्य महानुभावों के परिवारजनों द्वारा सम्मान लिया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात, अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आज के अवसर पर हमें दो संकल्प लेने की जरूरत है। पहला ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरा उत्तराखण्ड के प्रत्येक हिस्से को स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बनाना। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी ला सकते हैं। वाहनों की फिटनेस समय पर कराकर वाहनों में ओवरलोडिंग का त्याग कर सड़क पर गाड़ी चलाते हुए सभी नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं हमारी सड़कें पर्यटक स्थल नदी-घाट ट्रेक साफ-सुथरे रहने चाहिए तभी हम स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हमें अपने लिये तीन लक्ष्य निर्धारित करने हैं- इमीडियेट गोल, इण्टरमीडियेट गोल और सेन्चुरी गोल। इमीडियेट गोल, यानी तत्काल हासिल किया जाने वाला लक्ष्य जो कि 2025 तक का उत्तराखण्ड कैसा होगा जब हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहे होंगे यह तय करना है। इण्टरमीडियेट गोल, 2030 तक यानी तीसरे दशक की समाप्ति पर उत्तराखण्ड कैसा होगा। यह वही दशक है जिसे हमें अपना बनाना है। जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है। तीसरा, सेंचुरी गोल, यानी 2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा। आजादी के अमृत काल का अंतिम सोपान। तब उत्तराखण्ड किस स्वरूप में होगा यह लक्ष्य हमें इस अवसर पर तय करना है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से स्कूली शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश में विख्यात रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थियों को रोजगार मिले, समाज को उनकी चुनौतियों का समाधान मिले, लैब टू लैण्ड के सिद्धांत पर पढ़ाई का लाभ गांव, गरीब और पिछड़े लोगों को अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए शासन, प्रशासन का स्वच्छ एवं पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाये गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064, सी0एम हेल्पलाईन 1905, इस दिशा में बड़े कदम हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट जैसे कदम सुशासन की दिशा में उठाये गये हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अच्छी कानून व्यवस्था बनाये रखना बहुत आवश्यक है। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही यहाँ पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के दौरान और आपदा के दौरान सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बदलते समय में यातायात साईबर क्राईम, महिला अपराध, ड्रग्स जैसे अपराधों को रोकने के लिए भी उत्तराखण्ड पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या भारी ईजाफा हो रहा है इसके लिए हमें गांव में होमस्टे को बढ़ावा देना होगा। राज्य में होमस्टे का निर्माण एक अभियान के तहत हो रहा है इसे और मजबूती दिये जाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड आर्गेनिक ब्राण्ड बनाने का निर्णय किया है। उत्तराखण्ड आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटियों, बेमौसमी सब्जियों-फलों के लिए बहुत बड़ा सप्लायर स्टेट बन सकता है। इन क्षेत्रों में हमें अलग-अलग बहुत सी सफलता की कहानियां भी दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम, राजमा, पनीर, सेब, मटर का उत्पादन एवं निर्यात करने में बहुत से लोगों ने अच्छी कामयाबी पाई है। पिथौरागढ़ में बेड़ू के उत्पादों ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम भारत के सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तराखण्ड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री की इस बात को सच साबित करने में जुट जायेगा। राज्य निर्माण से अब तक उत्तराखण्ड ने विकास के कई पैमानों पर अपनी खास जगह बनाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कहा जाए कि 22 साल बेमिसाल तो गलत नहीं होगा लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में 12 घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को वर्ष 2027 तक दोगुना किया जाएगा। राज्य के संशाधनों के समुचित उपयोग और आय के स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु शीघ्र ही एक सलाहकार फ़र्म का भी चयन किया जाएगा।
प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने हेतु और निवेशकों को आकर्षित करने हेतु तीन माह के भीतर सरलीकृत लघु जल विद्युत नीति और सौर ऊर्जा नीति बनायी जाएगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु रूपांतरण कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष दो सौ विद्यालयों को रूपांतरित किया जाएगा तथा अगले पाँच वर्षों में एक हज़ार विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाएगा। यह कार्य अन्य विद्यालयों में चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रम से अतिरिक्त रूप में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी कम मूल्य वाली फसलों के स्थान पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल उत्पादकों की आय को बढ़ाया जा सके।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति तीन माह के भीतर बनायी जाएगी।
राज्य में पशु पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य पशु धन मिशन की शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दस हज़ार महिला तथा महिला समूहों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य हमने तय किया है। इसके तहत कोई भी महिला तथा महिला समूह ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगा सकेगा।
प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ’गौरा शक्ति’ एप शीघ्र लांच किया जायेगा। इसके माध्यम से हमारी बहन-बेटियाँ अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी और पुलिस सुरक्षा के घेरे में आ जाएँगी।
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और सुविधा के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के ब्रैंड्स जैसे हिमाद्रि, हिलांश इत्यादि को बिक्री हेतु एक मंच मिल सकेगा।
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए इनामी बदमाशों को पकड़वाने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रूपए का कोष गठित किया जाएगा।
राज्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उत्तराखंड के आंदोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके।
प्रदेश की तहसील स्तर तक की समस्याओं के समाधान के लिए ’’मुख्यमंत्री चौपाल’’ कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। यह योजना ’’हमारी सरकार, जनता के द्वार’’ कार्यक्रम को धरातल पर उतारेगी। यह चौपाल विभिन्न विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व जिलाधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इस योजना द्वारा लोगों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों एवं को नमन करते हुए कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने विगत दिनों राज्य में आई आपदाओं में सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो मंत्र दिया था, हमारी सरकार उसी को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति इसका मुख्य कारण है। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले डेढ साल से मुख्य सेवक के दायित्व का निर्वहन पूरी क्षमता से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसके लिए राज्य सरकार ने योजना न बनाई हो या कार्य न किया हो। सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्षता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां संभव हो सरकारी नौकरियों द्वारा या युवाओं की स्किल में बढोत्तरी कर प्राइवेट सेक्टर में उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर या फिर स्वरोजगार सम्बंधी नीतियों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को भली प्रकार जीवन यापन के संसाधन मुहैया कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं और हम युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किसी भी सख्त कार्यवाही को करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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बड़ी खबर : धामी कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त, 5 प्रस्तावों पर लगी मंत्रिमंडल की मुहर

Dhami cabinet decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में धामी कैबिनेट की अहम बैठक का आयोजन हुआय़ बैठक में पांच प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लगी।
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धामी कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त
शुक्रवार को सीएम धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हुआ। आज हुई धामी कैबिनेट की बैठक में 5 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बता दें कि विधानसभा बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट की एक ओर बैठक होने की संभावना है।
5 प्रस्तावों पर लगी धामी कैबिनेट की लगी मुहर
उत्तराखंड कैबिनेट ने हाल ही में राज्य के विकास और सामाजिक न्याय को लेकर कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी है। इनमें अल्पसंख्यक समुदाय, पूर्व सैनिकों के आरक्षण, भाषा संस्थान, निजी विश्वविद्यालय और सार्वजनिक द्यूत रोकथाम से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
1. उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
कैबिनेट ने अल्पसंख्यक आयोग के कार्यक्षेत्र और अधिकारों को बढ़ाने के लिए इस विधेयक को मंजूरी दी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यक वर्गों—जैसे मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख—के संवैधानिक हितों की सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। अब आयोग को पूर्णकालिक रूप से स्थापित किया जाएगा और इसमें त्वरित कार्यवाही की सुविधा रहेगी।

2. पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण संशोधन
उत्तराखण्ड सरकार ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा (पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य सेवा में पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने संबंधी प्रावधान को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया।
3. उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026
राज्य में भाषा और संस्कृति के संवर्धन के लिए उत्तराखंड भाषा संस्थान के सुधार और विस्तार हेतु संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई।
4. निजी विश्वविद्यालयों का निर्माण
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय और देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति मिली।
5. सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026
उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक द्यूत और सट्टेबाजी पर कड़ी रोक लगाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने का निर्णय लिया। यह विधेयक पुराने ब्रिटिश कालीन अधिनियम 1867 को निरस्त करते हुए राज्य में द्यूत और खेल सट्टेबाजी पर रोक लगाने और संबंधित मामलों में दंड का प्रावधान सुनिश्चित करता है।
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उत्तराखंड में नाबालिग को अगवा कर देह व्यापार कराने का खुलासा, दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार

Kashipur News : उत्तराखंड के काशीपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग को अगवा कर देह व्यापार कराने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में दो महिलाओं समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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उत्तराखंड में नाबालिग को अगवा कर देह व्यापार कराने का खुलासा
काशीपुर से नाबालिग को अगवा कर देह व्यापार में धकेलने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक करीब 10 महीने पहले ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से एक नाबालिग अचानक लापता हो गई थी। तब से लेकर अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था।
अब इस मामले में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया है और दो महिलाओं समेत चार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
10 महीने पहले घर से संदिग्ध परिस्थियों में हो गई थी लापता
बता दें कि बीती तीन मार्च को आईटीआई कोतवाली पुलिस को एक व्यक्ति ने तहरीर सौंपी। जिसमें उसने कहा कि उसकी बेटी 17 मई 2025 से संदिग्ध हालात में गायब हो गई है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया है। व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि दो मार्च को उसे किसी अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोन पर किसी व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी बेटी हरियावाला में जाहिद के मकान में एक हिंदू महिला के साथ रह रही है। जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया है और उस से देह व्यापार करवाया जा रहा है। इसके साथ ही उसके साथ गैंगरेप भी हुआ है।

छापेमारी के बाद दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
फोन पर अनजान शख्स के द्वारा बताए गए पते पर पुलिस ने छापा मारा तो नाबालिग को वहीं से बरामद किया गया। इसके साथ ही मकान से जाहिद निवासी ग्राम इस्लामनगर हरियावाला व मूल निवासी सरदारनगर जनपद मुरादाबाद (यूपी), शिवम निवासी महुआखेड़ा गंज व मूल निवासी ग्राम मानपुर गजरौला थाना भगतपुर (यूपी), सोमा उर्फ जानवी निवासी हरियावाला थाना कुंडा मूल निवासी शरीफनगर ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद और शोभा रानी निवासी ग्राम महुआखेड़ा गंज मूल निवासी ग्राम मानपुर गजरौला भगतपुर (यूपी) को गिरफ्तार किया गया।
मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि
मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग को वहां लंबे समय से बंधक बनाकर रखा गया था। नाबालिग के साथ मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। जिसके बाद पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले के अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है।
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बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट अहम बैठक आज, सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर होगी चर्चा

Dhami cabinet : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। आज होने वाली बैठक में सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर फैसला होगा।
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बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट अहम बैठक आज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज यानी शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक होगी। आज होने वाली बैठक शाम पांच बजे सचिवालय में होगी। इस बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर चर्चा होगी।

कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मंत्रिमंडल की मुहर
बजट सत्र से पहले होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में सत्र दौरान रखे जाने वाले विधेयकों के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह, शहरी विकास, शिक्षा व कृषि समेत विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी। माना या जा रहा है बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लग सकती है।
FAQs : Dhami cabinet 6 march 2026
1. धामी कैबिनेट की बैठक कब और कहां होगी?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को शाम 5 बजे देहरादून स्थित सचिवालय में आयोजित होगी।
2. इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों पर चर्चा की जाएगी और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।
3. कैबिनेट बैठक में किन विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह, शहरी विकास और कृषि सहित कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों और योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।
4. क्या इस बैठक में नए प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है?
हाँ, बजट सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
5. बजट सत्र से पहले कैबिनेट बैठक क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?
क्योंकि इस बैठक में उन विधेयकों और प्रस्तावों पर अंतिम चर्चा होती है जिन्हें विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाना है।
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