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राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका 2022 का विमोचन किया गया। नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाने के रूप में सम्मानित किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2022 एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2021 के महानुभावों को सम्मानित भी किया। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित महानुभावों को सम्मान पत्र, ट्राफी एवं एक लाख रूपये की धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान 2022 से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कवि लेखक, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, भूतपूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल विपिन रावत, कवि लेखक एवं गीताकार स्वं गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’, साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. वीरेन डंगवाल को सम्मानित किया गया। जबकि 2021 के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बॉण्ड, साहसिक खेल के क्षेत्र में बछेन्द्री पाल तथा संस्कृति एवं लोक कला के क्षेत्र में नरेन्द्र सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। प्रसून जोशी एवं नरेन्द्र सिंह नेगी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किये गये। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान के अन्य महानुभावों के परिवारजनों द्वारा सम्मान लिया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात, अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आज के अवसर पर हमें दो संकल्प लेने की जरूरत है। पहला ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरा उत्तराखण्ड के प्रत्येक हिस्से को स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बनाना। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी ला सकते हैं। वाहनों की फिटनेस समय पर कराकर वाहनों में ओवरलोडिंग का त्याग कर सड़क पर गाड़ी चलाते हुए सभी नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं हमारी सड़कें पर्यटक स्थल नदी-घाट ट्रेक साफ-सुथरे रहने चाहिए तभी हम स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हमें अपने लिये तीन लक्ष्य निर्धारित करने हैं- इमीडियेट गोल, इण्टरमीडियेट गोल और सेन्चुरी गोल। इमीडियेट गोल, यानी तत्काल हासिल किया जाने वाला लक्ष्य जो कि 2025 तक का उत्तराखण्ड कैसा होगा जब हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहे होंगे यह तय करना है। इण्टरमीडियेट गोल, 2030 तक यानी तीसरे दशक की समाप्ति पर उत्तराखण्ड कैसा होगा। यह वही दशक है जिसे हमें अपना बनाना है। जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है। तीसरा, सेंचुरी गोल, यानी 2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा। आजादी के अमृत काल का अंतिम सोपान। तब उत्तराखण्ड किस स्वरूप में होगा यह लक्ष्य हमें इस अवसर पर तय करना है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से स्कूली शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश में विख्यात रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थियों को रोजगार मिले, समाज को उनकी चुनौतियों का समाधान मिले, लैब टू लैण्ड के सिद्धांत पर पढ़ाई का लाभ गांव, गरीब और पिछड़े लोगों को अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए शासन, प्रशासन का स्वच्छ एवं पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाये गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064, सी0एम हेल्पलाईन 1905, इस दिशा में बड़े कदम हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट जैसे कदम सुशासन की दिशा में उठाये गये हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अच्छी कानून व्यवस्था बनाये रखना बहुत आवश्यक है। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही यहाँ पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के दौरान और आपदा के दौरान सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बदलते समय में यातायात साईबर क्राईम, महिला अपराध, ड्रग्स जैसे अपराधों को रोकने के लिए भी उत्तराखण्ड पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या भारी ईजाफा हो रहा है इसके लिए हमें गांव में होमस्टे को बढ़ावा देना होगा। राज्य में होमस्टे का निर्माण एक अभियान के तहत हो रहा है इसे और मजबूती दिये जाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड आर्गेनिक ब्राण्ड बनाने का निर्णय किया है। उत्तराखण्ड आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटियों, बेमौसमी सब्जियों-फलों के लिए बहुत बड़ा सप्लायर स्टेट बन सकता है। इन क्षेत्रों में हमें अलग-अलग बहुत सी सफलता की कहानियां भी दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम, राजमा, पनीर, सेब, मटर का उत्पादन एवं निर्यात करने में बहुत से लोगों ने अच्छी कामयाबी पाई है। पिथौरागढ़ में बेड़ू के उत्पादों ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम भारत के सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तराखण्ड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री की इस बात को सच साबित करने में जुट जायेगा। राज्य निर्माण से अब तक उत्तराखण्ड ने विकास के कई पैमानों पर अपनी खास जगह बनाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कहा जाए कि 22 साल बेमिसाल तो गलत नहीं होगा लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में 12 घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को वर्ष 2027 तक दोगुना किया जाएगा। राज्य के संशाधनों के समुचित उपयोग और आय के स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु शीघ्र ही एक सलाहकार फ़र्म का भी चयन किया जाएगा।
प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने हेतु और निवेशकों को आकर्षित करने हेतु तीन माह के भीतर सरलीकृत लघु जल विद्युत नीति और सौर ऊर्जा नीति बनायी जाएगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु रूपांतरण कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष दो सौ विद्यालयों को रूपांतरित किया जाएगा तथा अगले पाँच वर्षों में एक हज़ार विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाएगा। यह कार्य अन्य विद्यालयों में चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रम से अतिरिक्त रूप में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी कम मूल्य वाली फसलों के स्थान पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल उत्पादकों की आय को बढ़ाया जा सके।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति तीन माह के भीतर बनायी जाएगी।
राज्य में पशु पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य पशु धन मिशन की शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दस हज़ार महिला तथा महिला समूहों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य हमने तय किया है। इसके तहत कोई भी महिला तथा महिला समूह ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगा सकेगा।
प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ’गौरा शक्ति’ एप शीघ्र लांच किया जायेगा। इसके माध्यम से हमारी बहन-बेटियाँ अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी और पुलिस सुरक्षा के घेरे में आ जाएँगी।
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और सुविधा के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के ब्रैंड्स जैसे हिमाद्रि, हिलांश इत्यादि को बिक्री हेतु एक मंच मिल सकेगा।
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए इनामी बदमाशों को पकड़वाने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रूपए का कोष गठित किया जाएगा।
राज्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उत्तराखंड के आंदोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके।
प्रदेश की तहसील स्तर तक की समस्याओं के समाधान के लिए ’’मुख्यमंत्री चौपाल’’ कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। यह योजना ’’हमारी सरकार, जनता के द्वार’’ कार्यक्रम को धरातल पर उतारेगी। यह चौपाल विभिन्न विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व जिलाधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इस योजना द्वारा लोगों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों एवं को नमन करते हुए कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने विगत दिनों राज्य में आई आपदाओं में सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो मंत्र दिया था, हमारी सरकार उसी को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति इसका मुख्य कारण है। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले डेढ साल से मुख्य सेवक के दायित्व का निर्वहन पूरी क्षमता से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसके लिए राज्य सरकार ने योजना न बनाई हो या कार्य न किया हो। सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्षता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां संभव हो सरकारी नौकरियों द्वारा या युवाओं की स्किल में बढोत्तरी कर प्राइवेट सेक्टर में उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर या फिर स्वरोजगार सम्बंधी नीतियों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को भली प्रकार जीवन यापन के संसाधन मुहैया कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं और हम युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किसी भी सख्त कार्यवाही को करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में यूं तो नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति है लेकिन फिर नेता और उनके परिवार वाले दान में मिलने वाले पैसों से यात्रा कर रहे हैं।
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करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता BKTC के खर्चे पर कर रहे यात्रा
उत्तराखंड के नेता और उनके बच्चे बद्रीनाथ और बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाने का खर्चा तक नहीं उठा पा रहे हैं तभी तो इनकी यात्राओं के पैसे बीकेटीसी को देने पड़ रहे हैं।
जिस पैसे को आप अपनी श्रद्धा से बद्री केदार में चढ़ाते हैं ये सोचते हुए कि इनसे कुछ पुण्य का काम होगा या ये पैसे किसी जरूरतमंद के काम आएंगे तो वहीं इन पैसों को भी उत्तराखंड के मंत्री विधायक और उनके परिवार की खुशामत के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी कह रहे हैं। उनके द्वारा किए गए खुलासे और पेश किए गए दस्तावेज पूरी कहानी बयां कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नहीं उठा पाई अपनी यात्रा का खर्चा
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी और खुद केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल मंदिर समिति के खर्चे पर चलती हैं। कैबिनेट मंत्री की बेटी नेहा जोशी बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाती हैं लेकिन अपने खर्चे के लिए साथ कुछ भी नहीं ले जाती।
उनके रहने की व्यवस्था भी मंदिर समिति करती है और खाने की भी। विकेश नेगी ने आरटीआई से खुलासा किया है कि नेहा जोशी की आवभगत में बीकेटीसी ने महज दो दिन में ही 60 हजार रूपए खर्च दिए। अब यहां सवाल उठता है कि क्या उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री की बेटी इतनी गरीब हैं कि अपनी दो दिन की यात्रा का खर्चा तक खुद नहीं उठा सकतीं।

केदारनाथ विधायक पर बीकेटीसी ने खर्च किए 37,500 रूपए
ये लिस्ट यहीं नहीं रूकटी अगला नाम जो है वो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा। क्योंकि ये नाम किसी और का नहीं बल्कि खुद बाबा केदार की नगरी केदारनाथ की विधायक का है। यूं तो विधायक महोदया महीने का चार लाख रूपए सभी भत्ते मिलाकर लेती हैं लेकिन अपनी एक दो दिन की यात्रा के कुछ हजार भी खुद नहीं चुका पा रहीं। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के दर्शन और रहने पर बीकेटीसी ने 37,500 रूपए खर्चे किए। ये ब्यौरा तब का है जब पिछले साल कपाट खुलने के दौरान विधायक महोदया केदारनाथ पहुंची थीं।
पीएम मोदी के भाई से जिलाध्यक्ष पर खर्च हुए हजारों रूपए
ये लिस्ट यहीं पर नहीं रूकती इसमें पीएम मोदी के भाई से लेकर रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष तक कई नाम शामिल हैं। जो खुद का खर्चा ही नहीं उठा पाते इसलिए चंदे पर जीते हैं। बीकेटीसी ने प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी पर: ₹22,000, आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन पर: ₹20,000, रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर: ₹24,000 और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के ऊपर: 23,000 रूपए खर्च किए हैं।

सभी से पैसे वापस ले बीकेटीसी – गणेश गोदियाल
बीकेटीसी के अध्यक्ष रह चुके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया की अगर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष इन दौरों के दौरान खुद भी मौजूद थे तो यह खर्चा समिति के खाते में जुड़ सकता है लेकिन अगर इससे इतर ये लोग अपने निजी दौरे पर थे और समिति द्वारा खर्च किया गया है तो मंदिर समिति को चाहिए कि इन सभी नेताओं को एक पत्र जारी करें और उनसे वह पैसा वापस लिया जाए जो उनके दौरे के दौरान खर्च हुआ।
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Petrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
Petrol-Diesel Price Hike Today: उत्तराखंड में 100 के पार हुआ पेट्रोल
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भूचाल का असर अब सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। देश में महंगाई की चौतरफा मार झेल रही आम जनता को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है, जिसने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित पूरे देश में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गई है, जबकि डीजल भी शतक लगाने की राह पर अग्रसर है।
10 दिनों में ₹7.50 से अधिक महंगा हुआ ईंधन: एक नजर में
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार दाम बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया है। आज की बढ़ोतरी का विवरण और पिछले 10 दिनों का गणित इस प्रकार है:
- आज पेट्रोल में बढ़ोतरी: ₹2.61 प्रति लीटर
- आज डीजल में बढ़ोतरी: ₹2.71 प्रति लीटर
- 10 दिनों का कुल बोझ: 15 मई को अप्रैल 2022 के बाद पहली बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। तब से लेकर अब तक मात्र 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर से अधिक बढ़ चुके हैं। ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में भी ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया है, जिसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। परिवहन के सभी साधनों का एक साथ महंगा होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई और यात्रा दोनों बेहद खर्चीली होने वाली हैं।
उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल के दाम (Uttarakhand Petrol Diesel Prices Today)
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में ईंधन की कीमतें भौगोलिक स्थिति और स्थानीय करों (VAT) के कारण मैदानी इलाकों से थोड़ी भिन्न होती हैं। राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों दोनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स नीचे दिए गए हैं:

1. देहरादून (Dehradun)
राज्य की राजधानी देहरादून में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- पेट्रोल: ₹101.45 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.30 प्रति लीटर
2. हरिद्वार (Haridwar)
धार्मिक नगरी हरिद्वार में मैदानी इलाका होने के कारण दाम देहरादून से मामूली कम हैं, लेकिन यहां भी बढ़ोतरी का असर साफ देखा जा रहा है।
- पेट्रोल: ₹100.80 प्रति लीटर
- डीजल: ₹93.65 प्रति लीटर
3. नैनीताल (Nainital)
सैलानियों के पसंदीदा हिल स्टेशन नैनीताल में परिवहन लागत अधिक होने के कारण ईंधन के दाम हमेशा थोड़े ऊंचे रहते हैं।
- पेट्रोल: ₹102.10 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.95 प्रति लीटर
4. हल्द्वानी (Haldwani)
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में भी आज तेल के दामों में उछाल आया है।
- पेट्रोल: ₹101.15 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.05 प्रति लीटर
पहाड़ी क्षेत्रों पर प्रभाव: उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी जिलों जैसे पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में परिवहन व्यय (Freight Charges) अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹103 से ₹104 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। चारधाम यात्रा के इस सीजन में ईंधन का महंगा होना टूर एंड ट्रैवल्स ऑपरेटरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
चार बड़े महानगरों में आज के लेटेस्ट रेट्स (Metro Cities Fuel Rates)
भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों (VAT) और डीलर कमिशन के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। देश के चार प्रमुख महानगरों में आज के संशोधित रेट्स नीचे तालिका में विस्तृत रूप से दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली (New Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | ₹99.55 |
तालिका से स्पष्ट है कि मुंबई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें ₹110 के पार जा चुकी हैं, जबकि डीजल भी ₹100 के आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गया है।
आखिर क्यों लग रही है ईंधन के दामों में आग? (Reasons Behind Price Hike)
वैश्विक बाजार में चल रही उथल-पुथल भारतीय ईंधन बाजारों को सीधे और गहराई से प्रभावित कर रही है। आर्थिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा संकट के पीछे निम्नलिखित तीन प्रमुख कारण हैं:
1. पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव (West Asia Geopolitical Crisis)
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न रोकने की जिद और अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनियों के चलते कच्चा तेल उत्पादक क्षेत्र पूरी तरह से अस्थिर है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी (Strait of Hormuz Blockade)
वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित होने और सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। जब भी शांति समझौते की खबरें आती हैं, तो कीमतों में थोड़ी गिरावट होती है, लेकिन समझौता विफल होते ही दाम फिर से आसमान छूने लगते हैं।
3. तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी और घाटा (OMCs Financial Losses)
भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर लंबे समय तक दामों को स्थिर रखा था। ओएनजीसी (ONGC) के अधिकारियों के अनुसार, तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में दाम न बढ़ाने के कारण दैनिक रूप से लगभग ₹1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने और इस घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियां अब लगातार दाम बढ़ा रही हैं।
आम जनता और भारतीय अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर
पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों को चलाने वाला ईंधन नहीं हैं, बल्कि ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके दामों में होने वाली वृद्धि का एक ‘डोमिनोज़ इफेक्ट’ (Chain Reaction) होता है, जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है:
* लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई लागत में वृद्धि
भारत में 70% से अधिक वाणिज्यिक सामानों की ढुलाई सड़कों के माध्यम से डीजल चालित ट्रकों द्वारा होती है। डीजल के दाम ₹95 के पार जाने से ट्रांसपोर्टर्स ने माल ढुलाई शुल्क (Freight Rates) में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है।
* रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं होंगी महंगी
माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर सीधे आपकी रसोई पर पड़ता है। आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध, दालें और अन्य एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। थोक बाजारों से खुदरा बाजारों तक सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में बढ़ोतरी होना तय है।
* मध्यम और गरीब वर्ग का बजट ध्वस्त
एक तरफ जहां वेतन और आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और घरेलू सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम नौकरीपेशा इंसान के लिए ऑफिस आने-जाने का खर्च (Commuting Cost) बढ़ गया है, जिससे उनके मासिक निवेश और अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
राजनीतिक घमासान और टैक्स कटौती की मांग
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर लगाया जाने वाला अत्यधिक उत्पाद शुल्क (Excise Duty) आम जनता पर एक ‘साइलेंट टैक्स’ की तरह है, जिसे तुरंत कम किया जाना चाहिए।
व्यापारिक संगठनों (जैसे CTI) ने भी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) और एक्साइज ड्यूटी में कम से कम ₹10 से ₹15 की कटौती करें, ताकि बाजार में मांग बनी रहे और आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।
अपने शहर के दैनिक रेट्स कैसे चेक करें? (How to Check Daily Fuel Rates)
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। यदि आप अपने शहर के सटीक और नवीनतम रेट्स जानना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- SMS के जरिए: * Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल से
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9224992249 पर भेजें।- BPCL:
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9223112222 पर भेजें। - HPCL:
HPPRICE <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9222201122 पर भेजें।
- BPCL:
- मोबाइल ऐप्स: आप इंडियन ऑयल के ‘Fuel@IOC’ ऐप या अन्य कंपनियों के आधिकारिक ऐप्स को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके सीधे ‘Check Price for Your Location’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कुछ और दौर की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने कड़े बजटीय प्रबंधन के लिए तैयार रहना होगा।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, देर रात हुए IAS और PCS अधिकारियों के बंपर तबादले, देखें लिस्ट

Uttarakhand IAS Transfers : उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रशासनिक फेरबदल को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आईएएस अधिकारियों के व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। इसके साथ ही पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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देर रात हुए IAS और PCS अधिकारियों के बंपर तबादले
देर रात उत्तराखंड में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। 19 आईएएस और 9 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस नई सूची में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं।
गढ़वाल कमिश्नर के पद से लेकर देहरादून के जिलाधिकारी की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है। वहीं बागेश्वर के जिलाधिकारी के पद पर भी बदलाव किया गया है।
19 आईएएस और 9 पीसीएस अधिकारियों के हुए तबादले



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