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राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका 2022 का विमोचन किया गया। नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाने के रूप में सम्मानित किया गया।

राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2022 एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2021 के महानुभावों को सम्मानित भी किया। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित महानुभावों को सम्मान पत्र, ट्राफी एवं एक लाख रूपये की धनराशि का चेक प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान 2022 से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कवि लेखक, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, भूतपूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल विपिन रावत, कवि लेखक एवं गीताकार स्वं गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’, साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. वीरेन डंगवाल को सम्मानित किया गया। जबकि 2021 के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, साहित्यकार रस्किन बॉण्ड, साहसिक खेल के क्षेत्र में बछेन्द्री पाल तथा संस्कृति एवं लोक कला के क्षेत्र में नरेन्द्र सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। प्रसून जोशी एवं नरेन्द्र सिंह नेगी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किये गये। उत्तराखण्ड गौरव सम्मान के अन्य महानुभावों के परिवारजनों द्वारा सम्मान लिया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात, अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आज के अवसर पर हमें दो संकल्प लेने की जरूरत है। पहला ट्रैफिक नियमों का पालन करना और दूसरा उत्तराखण्ड के प्रत्येक हिस्से को स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बनाना। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी ला सकते हैं। वाहनों की फिटनेस समय पर कराकर वाहनों में ओवरलोडिंग का त्याग कर सड़क पर गाड़ी चलाते हुए सभी नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे यहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं हमारी सड़कें पर्यटक स्थल नदी-घाट ट्रेक साफ-सुथरे रहने चाहिए तभी हम स्वच्छता अभियान का रोल मॉडल बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हमें अपने लिये तीन लक्ष्य निर्धारित करने हैं- इमीडियेट गोल, इण्टरमीडियेट गोल और सेन्चुरी गोल। इमीडियेट गोल, यानी तत्काल हासिल किया जाने वाला लक्ष्य जो कि 2025 तक का उत्तराखण्ड कैसा होगा जब हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहे होंगे यह तय करना है। इण्टरमीडियेट गोल, 2030 तक यानी तीसरे दशक की समाप्ति पर उत्तराखण्ड कैसा होगा। यह वही दशक है जिसे हमें अपना बनाना है। जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है। तीसरा, सेंचुरी गोल, यानी 2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा। आजादी के अमृत काल का अंतिम सोपान। तब उत्तराखण्ड किस स्वरूप में होगा यह लक्ष्य हमें इस अवसर पर तय करना है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से स्कूली शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश में विख्यात रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि विद्यार्थियों को रोजगार मिले, समाज को उनकी चुनौतियों का समाधान मिले, लैब टू लैण्ड के सिद्धांत पर पढ़ाई का लाभ गांव, गरीब और पिछड़े लोगों को अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए शासन, प्रशासन का स्वच्छ एवं पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाये गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064, सी0एम हेल्पलाईन 1905, इस दिशा में बड़े कदम हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट जैसे कदम सुशासन की दिशा में उठाये गये हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अच्छी कानून व्यवस्था बनाये रखना बहुत आवश्यक है। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही यहाँ पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के दौरान और आपदा के दौरान सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बदलते समय में यातायात साईबर क्राईम, महिला अपराध, ड्रग्स जैसे अपराधों को रोकने के लिए भी उत्तराखण्ड पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या भारी ईजाफा हो रहा है इसके लिए हमें गांव में होमस्टे को बढ़ावा देना होगा। राज्य में होमस्टे का निर्माण एक अभियान के तहत हो रहा है इसे और मजबूती दिये जाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड आर्गेनिक ब्राण्ड बनाने का निर्णय किया है। उत्तराखण्ड आर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटियों, बेमौसमी सब्जियों-फलों के लिए बहुत बड़ा सप्लायर स्टेट बन सकता है। इन क्षेत्रों में हमें अलग-अलग बहुत सी सफलता की कहानियां भी दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम, राजमा, पनीर, सेब, मटर का उत्पादन एवं निर्यात करने में बहुत से लोगों ने अच्छी कामयाबी पाई है। पिथौरागढ़ में बेड़ू के उत्पादों ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम भारत के सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तराखण्ड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री की इस बात को सच साबित करने में जुट जायेगा। राज्य निर्माण से अब तक उत्तराखण्ड ने विकास के कई पैमानों पर अपनी खास जगह बनाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर कहा जाए कि 22 साल बेमिसाल तो गलत नहीं होगा लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में 12 घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को वर्ष 2027 तक दोगुना किया जाएगा। राज्य के संशाधनों के समुचित उपयोग और आय के स्रोतों का चिन्हीकरण करते हुए सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु शीघ्र ही एक सलाहकार फ़र्म का भी चयन किया जाएगा।
प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने हेतु और निवेशकों को आकर्षित करने हेतु तीन माह के भीतर सरलीकृत लघु जल विद्युत नीति और सौर ऊर्जा नीति बनायी जाएगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु रूपांतरण कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष दो सौ विद्यालयों को रूपांतरित किया जाएगा तथा अगले पाँच वर्षों में एक हज़ार विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाएगा। यह कार्य अन्य विद्यालयों में चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रम से अतिरिक्त रूप में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी कम मूल्य वाली फसलों के स्थान पर उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल उत्पादकों की आय को बढ़ाया जा सके।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति तीन माह के भीतर बनायी जाएगी।
राज्य में पशु पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य पशु धन मिशन की शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दस हज़ार महिला तथा महिला समूहों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य हमने तय किया है। इसके तहत कोई भी महिला तथा महिला समूह ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगा सकेगा।
प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ’गौरा शक्ति’ एप शीघ्र लांच किया जायेगा। इसके माध्यम से हमारी बहन-बेटियाँ अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगी और पुलिस सुरक्षा के घेरे में आ जाएँगी।
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और सुविधा के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के ब्रैंड्स जैसे हिमाद्रि, हिलांश इत्यादि को बिक्री हेतु एक मंच मिल सकेगा।
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए इनामी बदमाशों को पकड़वाने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत एक करोड़ रूपए का कोष गठित किया जाएगा।
राज्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उत्तराखंड के आंदोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके।
प्रदेश की तहसील स्तर तक की समस्याओं के समाधान के लिए ’’मुख्यमंत्री चौपाल’’ कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। यह योजना ’’हमारी सरकार, जनता के द्वार’’ कार्यक्रम को धरातल पर उतारेगी। यह चौपाल विभिन्न विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व जिलाधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इस योजना द्वारा लोगों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों एवं को नमन करते हुए कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने विगत दिनों राज्य में आई आपदाओं में सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो मंत्र दिया था, हमारी सरकार उसी को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड में हर जगह विकास के कार्य देखने को मिल रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति इसका मुख्य कारण है। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के प्रथम गांव माणा में हमारे राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले डेढ साल से मुख्य सेवक के दायित्व का निर्वहन पूरी क्षमता से करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसके लिए राज्य सरकार ने योजना न बनाई हो या कार्य न किया हो। सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्षता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां संभव हो सरकारी नौकरियों द्वारा या युवाओं की स्किल में बढोत्तरी कर प्राइवेट सेक्टर में उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर या फिर स्वरोजगार सम्बंधी नीतियों को सरल बनाकर अधिक से अधिक युवाओं को भली प्रकार जीवन यापन के संसाधन मुहैया कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं और हम युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किसी भी सख्त कार्यवाही को करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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हरिद्वार में बड़ा हादसा, गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत

Haridwar News : हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर से बेहद दुखद खबर सामने आई है। जटवाड़ा पुल के पास नहर में नहाने के दौरान चार नाबालिग कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई।
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गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चारों के शव बरामद कर लिए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि चारों कांवड़िए चंडीगढ़ से हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे कांवड़ियों के दल में शामिल थे और उनकी उम्र करीब 16 से 18 वर्ष के बीच थी।

चंडीगढ़ के रहने वाले थे सभी कांवड़िए
एसपी सिटी अभय सिंह के मुताबिक, कांवड़ यात्रा को देखते हुए घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और SDRF के जवानों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद ये कांवड़िए निर्धारित घाट से अलग जाकर नहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चारों गहरे पानी में डूब गए।
सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और चेतावनी वाले स्थानों पर जाने से बचें।
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उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित

Char Dham Yatra Update : उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 28 और 29 जुलाई के लिए चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
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उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले दो दिनों तक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है।
चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित
चारधाम यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने 28 और 29 जुलाई को यात्रा स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई परेशानी
राज्य के कई जिलों में बारिश का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली गिरने और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र और जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी देखने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें। जब तक मौसम अनुकूल नहीं हो जाता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही आगे की योजना बनाएं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

dharmendra pradhan resigns : दिल्ली में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हाल के दिनों में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम जारी एक पत्र में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका यह फैसला देश में शांति और एकता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आंदोलन की स्थिति का कोई भी देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और छात्र किसी कानूनी विवाद में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।

उन्होंने आगे लिखा कि वे देश के युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और उनकी उचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के युवाओं के सपनों को साकार करना सार्वजनिक जीवन में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए सम्मान की बात रही।

इस बीच, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए छात्रों के आंदोलन का परिणाम बताया है।
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