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फोटो प्रदर्शिनी से नौजवान युवाओं को हमारे स्वंतत्रता सेनानियों और महापुरुषों के जीवनवृत्त से प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त होगा: राज्यपाल
देहरादून – राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) वीरवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पवेलियन मैदान, देहरादून में आयोजित फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रादेशिक कार्यालय देहरादून की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित इस फोटो प्रदर्शनी में उनके त्याग, बलिदान और संघर्ष को प्रदर्शित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस फोटो प्रदर्शिनी से नौजवान युवाओं को हमारे स्वंतत्रता सेनानियों और महापुरुषों के जीवनवृत्त से प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त होगा। इस तरह के आयोजन हमारे गौरव बलिदानियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने का अवसर तो है ही साथ ही युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व को संवारने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आजादी के लिए संघर्ष करने वाले महान सपूतों को याद करना अमृत महोत्सव में अत्यन्त प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान के कारण आज हमारा देश स्वंतत्र है। इस संघर्ष में देवभूमि के महान सपूतों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आजादी का यह अमृत महोत्सव हमें अपने अतीत को याद करने के साथ ही स्वर्णीम भविष्य में बड़े लक्ष्य प्राप्त करने का समय भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दिया। इसके लिए यह लक्ष्य जन जन का होना चाहिए और इसे हासिल करने के लिए हम सब को हर संभव योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश की समृद्धि, विकास के लिए सभी को हरसंभव प्रयत्न करने का संकल्प लेना होगा तभी हम सच्चे अर्थों में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों और बलिदान का मूल्य चुका सकेंगे। विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत और समृद्ध भारत बनाने के लिए मिलजुल कर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे अमर शहीदों के संघर्ष व बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम ऐसे अमर शहीदों के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना संपूर्ण योगदान दें। राज्यपाल ने कहा कि हमारी महान प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को जीवंत बनाते हुए उसमें आधुनिक तकनीकों और ज्ञान के बल पर देश को विश्वगुरु की ओर लेकर जाना होगा। उन्होंने अमृत महोत्सव के इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।

कार्यक्रम में उपस्थित कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत नायकों को फोटो प्रदर्शिनी के माध्यम से याद किया जाना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के लिए इन नायकों की जीवनियों से प्रेरणा लेना बेहद जरूरी है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश में हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से अपने वीर बलिदानियों को याद किया।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग

Haridwar News : हरिद्वार के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक का बैग दरगाह परिसर में लावारिस हालत में मिला, जिसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, वहीं पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता
बिहार निवासी शंकर सिंह भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में है। उनका बेटा सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। बताया गया है कि सत्यम लंबे समय से अपने पिता के संपर्क में भी नहीं था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।
लावारिस हालत में मिला बैग
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पिरान कलियर पुलिस को दरगाह परिसर से एक काला बैग मिला था। बैग लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने इसकी सूचना सत्यम के पिता को दी। 18 अक्टूबर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उन्हें सौंप दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की युवक की गुमशुदगी
बैग की जांच के दौरान उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनसे बैग की पहचान सत्यम से जुड़ी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य माध्यमों से सत्यम का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों और उसके संभावित ठिकाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
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1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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