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गीता के श्लोक के मंत्रोच्चारण से गुंजायमान होंगे दिल्ली के स्कूल, छात्रों का संस्कृत की ओर रुझान बढ़ाने में मिलेगी मदद।

नई दिल्ली – राजधानी में स्कूलों के परिसर गीता के श्लोक के मंत्रोच्चारण से गुंजायमान होंगे। इससे छात्रों का संस्कृत की ओर रुझान बढ़ाने में मदद मिलेगी। यही नहीं संस्कृति और संस्कृत भाषा को दिनचर्या की बोल-चाल में प्रयोग लाने के बारे में बताया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर यह कार्यक्रम 23 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें दो समूहों में छात्रों को वर्गीकृत किया गया है। जिसमें छठी से आठवीं व नौंवी से बारहवीं कक्षा के छात्र शामिल होंगे। इसे लेकर स्कूलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। छात्रों के समूहों को श्लोक के महत्व व उनके अर्थ को विस्तार से बताया जा रहा है।
इसमें विशेष रूप से छात्र तीन श्लोकों का उच्चारण करेंगे। इसमें पहला श्लोक, ‘’धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सव’ मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय’’ होगा। इसका भावार्थ है कि, हे संजय धर्म भूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से इकट्ठे हुए मेरे और पांडु के पुत्रों ने भी क्या किया। दूसरा श्लोक ‘’अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्’ होगा। इसका भावार्थ है कि जो लोग किसी और का ध्यान न करके मेरी पूजा करते हैं। जो लोग सदैव मेरी सेवा में लगे रहते हैं, उनके लिए मैं रहस्यवादी शक्ति की सुरक्षा रखता हूं।
वहीं, तीसरा श्लोक ‘’यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम’ है। इसका भावार्थ है कि जहां योगेश्वर कृष्ण हैं और जहां परम धनुर्धर अर्जुन है, वहीं ऐश्वर्य, विजय, अलौकिक शक्ति व नीति भी निश्चित रूप से रहती है। ऐसा मेरा मत है।
संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता भी होगी
शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी स्कूल प्रमुखों को सूचित किया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व गैर सरकारी स्कूलों में इस उत्सव का आयोजन किया जाएगा। वहीं, संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। स्कूल प्रमुख प्रत्येक समूह में भाग लेने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। तीन सर्वश्रेष्ठ छात्रों को पुरस्कृत भी करेंगे। निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्लोक छात्रों के लिए मार्गदर्शक के रूप में भी कार्य करते हैं। इसी वजह से अगर बचपन से ही बच्चों को श्लोक का अध्ययन कराया जाए, तो उनके बचपन व विद्यार्थी जीवन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
तैयारियां शुरू
स्कूलों में इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरोजिनी नगर के एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया जिन छात्रों की संस्कृत भाषा में पकड़ व रुझान है, उन छात्रों का चयन किया गया है। इसे लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में उस दिन अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया है। ताकि अभिभावक भी श्लोक का महत्व समझ सकें।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
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1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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उत्तराखंड में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार, मौसम विभाग ने 3 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने के अनुमान है। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग के लिए अलर्ट जारी किया है।
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उत्तराखंड में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को अचानक बदले मौसम के बाद शुक्रवार को प्रदेशभर में मौसम साफ रहा और आसमान में चटक धूप खिली। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड से कुछ राहत मिली, जबकि मैदानी इलाकों में भी मौसम सुहावना बना रहा।
मौसम विभाग ने 3 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में मौसम का ये मिजाज ज्यादा समय तक स्थिर रहने की संभावना नहीं है। शनिवार को एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कुछ जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।

बर्फबारी होने से ठंड में होगा इजाफा
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर को उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों में मौसम बदल सकता है। बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
इसके साथ ही 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय इलाकों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
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