Dehradun
लोस चुनाव को लेकर पुलिस ने कसी कमर, ड्रोन और चैक पोस्टों पर सीसीटीवी की जाएगी निगरानी।

देहरादून – देश में आम चुनाव का बिगुल बज चुका है। उत्तराखंड में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। प्रदेश में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है।

एडीजी एलओ एपी अंशुमन ने प्रेसवार्ता में बताया कि 10 हजार पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। 20 कंपनी सीएपीएफ मिल चुकी हैं। 40 ये 42 हजार पुलिसकर्मी मतदान में ड्यूटी करेंगे। 115 कंपनी सीएपीएफ और राज्य की 22 आर्म्ड कंपनी होंगी।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती जिलों के पुलिस कप्तानों से समन्वय के लिए 20 बैठकें हो चुकी हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जाएगा। 30 ऐसी सीमावर्ती लोकेशन हैं, जहां पुलिस ड्रोन से भी निगरानी करेगी। 93 बैरियर पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।
आज से जमा होंगे हथियार
चुनाव के लिए लाइसेंसी हथियार रविवार से जमा होंगे। प्रदेश में करीब 47,200 लाइसेंस जारी हुए हैं, जिनके जिलावार हथियार जमा कराए जाएंगे।
Uttarakhand
Uttarakhand Budget Session 2026: 5 दिन में 1.11 लाख करोड़ बजट, 12 बिल और 4 अध्यादेश पारित

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 1.11 लाख करोड़ का बजट पास
Uttarakhand Budget Session 2026: उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 5 दिन की कार्रवाई के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है. सदन की कार्रवाई 5 दिन में टोटल 41 घंटे 10 मिनट चली. सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रूपए का बजट पास हुआ. साथ ही इस दौरान 12 विधेयक और 4 अध्यादेश पास हुए.
मुख्य बिंदु
भराड़ीसैण में चल रहा विधानसभा का बजट सत्र पांच दिन की कार्रवाई के बाद अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया है. पांचवे दिन ध्वनिमत से 1.11 लाख करोड़ का बजट पास हुआ. साथ ही 4 अध्यादेश भी पारित हुए.
ये भी पढ़ें_ बजट सत्र में उठी उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने मांग, जानें सीएम धामी ने इस पर क्या कहा ?
उत्तराखंड विधानसभा से पास हुए 4 अध्यादेश
- उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनिमन और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026
विधान सभा से पास हुए 12 विधेयक
बजट सत्र के पांचवे दिन की शुरुआत सुबह 11:00 से शुरू होकर देर रात 12:30 बजे तक चली. 5 दिनों में सत्र की कारवाई कुल 41 घंटे 10 मिनट तक चली. साथ ही नियम 58 में 25 सुचनाएं प्राप्त हुई, जिसमें 17 सूचनाएं स्वीकार हुई, इसके साथ ही नियम 300 में 117 सूचनाएं सदन की कार्यवाहीं में आई.
सत्र में 12 विधेयकों को मिली मंजूरी
- उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक 2026
- उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
- समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक, 2026
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
- उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026
विपक्ष का सरकार पर हमला
विधानसभा सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभाई. उन्होंने कहा कि सरकार सत्र को समय से पहले समाप्त करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने प्रश्नकाल सहित विभिन्न नियमों के तहत सरकार को लगातार घेरने का काम किया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का बजट सिर्फ “झूठ का पुलिंदा” है और इसमें सराहने लायक कुछ भी नहीं है. वहीं, कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी और हरीश धामी ने भी कहा कि सत्र के दौरान सरकार की कमियों को उजागर किया गया और कई विभागीय सवालों पर मंत्रियों के पास ठोस जवाब नहीं थे.
भाजपा ने सत्र को बताया सफल
दूसरी ओर, भाजपा ने बजट सत्र को सकारात्मक और उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे सत्र में केवल विरोध करती नजर आई. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया और बाद में सत्र की अवधि को लेकर सवाल उठाए, जो महज राजनीतिक बयानबाजी है.
Breakingnews
2027 से पहले उत्तराखंड बीजेपी में बड़ी बगावत !, अब अजेंद्र अजय का भी BJP से मोहभंग, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया तहलका

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में इन दिनों राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। एक ओर जहां गैरसैंण स्थित भराणीसैंण विधानसभा भवन में हो रहे बजट सत्र के कारण बहस हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी में अंदरखाने चल रही कलह अब खुलकर बाहर दिखने लगी है।
Table of Contents
2027 से पहले बीजेपी में बड़ी बगावत !
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तराखंड बीजेपी में भूचाल ला दिया है। अजेंद्र अजय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी से मोहभंग होने की बात कही है। जिसके बाद से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
पूर्व BKTC अध्यक्ष अजेंद्र अजय का BJP से मोहभंग
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी से मोहभंग होने की बात कहते हुए अजेंद्र अजय ने लिखा है कि – “उत्तराखंड में वर्तमान में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य देखने को मिल रहा है, उससे राजनीति के प्रति मोहभंग सा होता जा रहा है। मोदी जी ने कहा था कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।” Narendra Modi जी तीसरा दशक ऐसा होगा, हम जैसे कार्यकर्ताओं और देवभूमिकी जनता ने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

छात्र जीवन से राष्ट्रवाद और सनातन के प्रति अगाध आस्था, विश्वास और समर्पण के कारण कई बार कई आरोप भी झेले। इन आरोपों से कभी व्यथित नहीं हुआ। व्यथित होने की परिस्थितियां तब उत्पन्न हो रही हैं, जब हम विपरीत कार्यों के साथ दिखाई पड़ रहे हैं और उनके प्रति हमारा मौन समर्थन प्रकट हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं दिखाई पड़ता है।”
अजेंद्र अजय के सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया तहलका
पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के पोस्ट ने बीजेपी के साथ उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उनके पोस्ट के बाद बीजेपी के भीतर चल रही अंर्तकलह की खबरों पर मुहरर लग गई है। अजेंद्र अजय के सन्यास की बात का संबंध उनके बीजेपी छोड़ने से माना जा रहा है।
बता दें कि (बीकेटीसी) के अध्यक्ष रह चुके अजेंद्र अजय काफी समय से सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जताते रहे हैं। आए दिन वो अपनी सरकार के खिलाफ उन्हें मोर्चा खोलते हुए नजर आ रहे थे। यहां तक कि उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड और केदारनाथ धाम से सोना चोरी के मामले जैसे मुद्दों पर भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी असहमति प्रकट की थी।
Dehradun
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार

Mussoorie News : पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की गंभीर कमी से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित होने लगा है। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने इस समस्या को लेकर राज्य सरकार को पत्र भेजकर तत्काल समाधान की मांग की है।
Table of Contents
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। जिस कारण व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मेहमानों को भोजन उपलब्ध कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट
मसूरी होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सचिव अजय भार्गव ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को संबोधित पत्र एसडीएम मसूरी के माध्यम से भेजा है। पत्र में बताया गया है कि मध्य पूर्व में चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब पर्यटन नगरी मसूरी के होटल व्यवसाय पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
एसोसिएशन के अनुसार मसूरी में सैकड़ों होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट प्रतिदिन हजारों पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से कई प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट खड़ा हो गया है।

होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार
कई होटल संचालकों को सीमित गैस में काम चलाना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि पर्यटन उद्योग उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है और राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है। ऐसे में गैस आपूर्ति में बाधा आने से न केवल होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो मसूरी के कई रेस्टोरेंट और होटल की रसोई बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यटन नगरी में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और होटल उद्योग सुचारु रूप से संचालित हो सके।
Cricket15 hours agoROC vs WAR Dream11 Prediction : पार्ल की पिच पर कौन मारेगा बाजी? जानें आज की बेस्ट ड्रीम 11 टीम..
Cricket21 hours agoमलेशिया बनाम बहरीन रोमांचक मुकाबला, ये रही आज की बेस्ट फैंटेसी टीम और पिच रिपोर्ट…
Breakingnews18 hours ago2027 से पहले उत्तराखंड बीजेपी में बड़ी बगावत !, अब अजेंद्र अजय का भी BJP से मोहभंग, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया तहलका
big news20 hours agoगैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर गैरसैंण में विपक्ष का प्रदर्शन, सीएम धामी बोले प्रदर्शन वाली कोई बात नहीं…
big news23 hours agoबजट सत्र में उठी उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने मांग, जानें सीएम धामी ने इस पर क्या कहा ?
big news23 hours agoप्रदेश में 58 स्थानों पर छापेमारी, अवैध भंडारण पर 74 सिलेंडर किए गए जब्त, जुर्माना भी लगा
Cricket5 hours agoDOL vs NWD Dream11 Prediction : पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11, और बेस्ट फैंटेसी टीम टिप्स (CSA One-Day Cup 2026)
Cricket1 hour agoMSP vs ING Dream11 Team Today : आज के मैच की बेस्ट ड्रीम11 टीम, पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग XI…






































