Tehri Garhwal
बालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मकान के पीछे का हिस्सा भरभरा कर नदी में समाया, घरवालों ने भाग कर बचाई जान।

टिहरी – टिहरी घनसाली में बालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। घर के अन्दर रह रहे लोगों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। बालगंगा तहसील के बूढ़ाकेदार में देर रात नदी का जलस्तर बढ़ने से मनमोहन सिंह रावत पुत्र लखन सिंह रावत का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

मकान स्वामी मनमोहन सिंह रावत ने बताया की वह देर शाम को अपनी मां को खाना खिलाकर सुलने चले गए और स्वयं दूसरे कमरे में सो गए, लेकिन रात को 12 बजे अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और तेज पत्थरों की आवाज आने लगी।
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टिहरी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जनाक्रोश रैली, हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे लोग

Tehri News : नई टिहरी में प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज को नई टिहरी से गजा क्षेत्र के पिफल्टी में स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं से उबाल के चलते शुक्रवार को टिहरी मेडिकल कॉलेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन किया।
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टिहरी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जनाक्रोश रैली
टिहरी क्षेत्र के तमाम संगठन, नागरिक मंच, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा, बेरोजगार, व्यापार मंडल और स्थानीय लोग भारी तादाद में सड़कों पर उतरे और जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन कर वृहत जनाक्रोश रैली निकाली।
क्षेत्रीय लोगों ने जनाक्रोश रैली निकालते हुए मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय पर स्थापित करने की मांग की। कहा कि किसी भी हाल में मेडिकल कॉलेज को बाहर नहीं ले जाने देंगे, मेडिकल कॉलेज अन्यत्र ले जाने पर भारी रोष लोगों में दिखा और जनाक्रोश रैली के दौरान नई टिहरी, बौराड़ी व बीपूरम के बाजार समर्थन में पूरी तरह से बंद रहे।

हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे लोग
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र ले जाने का प्रयास किया तो क्षेत्र के लोगों को मजबूरन उग्र आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा। वही समिति के सयोजक राकेश भूषण गोदियाल में कहा कि वर्ष 2022-23 में नई टिहरी के इणियां क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी और शासन के निर्देशों के तहत टीएचडीसी ने प्रारंभिक निर्माण संबंधी कार्रवाई भी शुरू कर दी थी।
कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित करने से जनता में भारी आक्रोश
वक्ताओं ने कहा कि दो-दो मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं के बावजूद मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित करने से क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। नगर पालिका परिषद प्रीति पोखरियाल ने कहा की ये न तो किसी व्यक्ति का मुद्दा है और न ही किसी राजनीतिक दल का। यह पूरी तरह जनहित का मुद्दा है। इस जनहित की लड़ाई में सभी लोगों को आगे आना होगा। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे शहर और जिले के हित की लड़ाई है।
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बड़ी खबर : श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति बने प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन

Tehri News : उत्तराखंड सरकार ने प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। इस संबंध में शासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति बने प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन बन गए हैं। बता दें कि नियुक्ति श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय अधिनियम, 2008 के तहत गठित चयन समिति की संस्तुति के आधार पर की गई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन ने प्रो. महाजन के नाम को मंजूरी प्रदान की।

तीन वर्ष या 68 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक आदेश रहेगा प्रभावी
आदेश में ये भी स्पष्ट किया गया है कि प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 68 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले होगा, प्रभावी रहेगा।
लोकभवन से जारी इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय को नया नेतृत्व मिल गया है। उम्मीद की जा रही है कि नए कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध और प्रशासनिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
Uttarakhand
डोबरा-चांटी मोटर मार्ग बदहाल, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा; लोगों ने PWD से लगाई मरम्मत की गुहार
Dobra Chanti Motor Road: प्रतापनगर की जीवनरेखा बनी परेशानी
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र की Dobra Chanti Motor Road इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, सफर हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार डोबरा-चांटी मोटर मार्ग पर लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
बरसात के दौरान जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
कई बार की गई शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। स्कूली बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और व्यापारियों सहित बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं।
क्षेत्रवासियों ने उठाई मरम्मत की मांग
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोगों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की अपील की है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
FAQ’S
प्रश्न 1: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग कहाँ स्थित है?
उत्तर: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में स्थित है। यह कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
प्रश्न 3: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की खराब स्थिति से लोगों को क्या परेशानियां हो रही हैं?
उत्तर: वाहन चालकों और राहगीरों को गड्ढों, उखड़ी हुई सड़क और जलभराव के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अधिक जोखिमभरा बन गया है।
प्रश्न 4: डोबरा-चांटी मार्ग स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
उत्तर: क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
प्रश्न 5: डोबरा-चांटी मार्ग की मरम्मत क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। समय पर मरम्मत होने से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
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