Dehradun
ध्यान दें देहरादून वासियों: इन क्षेत्रों में गाड़ी की गति कम करना अनिवार्य, नहीं तो….

देहरादून: देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, परिवहन विभाग ने शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति-सीमा में संशोधन करने का निर्णय लिया है। कुछ स्थानों पर गति-सीमा घटाई जाएगी, जबकि चौड़ीकरण किए गए मार्गों पर व्यवहारिकता के आधार पर इसे बढ़ाया जाएगा।
करीब ढाई वर्ष पहले, परिवहन विभाग ने वाहनों की गति-सीमा निर्धारित की थी, लेकिन उस समय कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण चल रहा था। वर्तमान में, कई बाईपास और प्रमुख मार्गों पर कारों की अधिकतम गति 30 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, जिससे लोग सड़कों के चौड़ीकरण और विकास का समुचित लाभ नहीं पा रहे हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए, विभाग ने वैज्ञानिक विधि से अध्ययन कर गति-सीमा निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की है। आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी के अनुसार विभाग सुबह, दोपहर और शाम के समय वाहनों का दबाव और औसत गति का अध्ययन कर रहा है। इस आधार पर मार्ग की गति-सीमा निर्धारित की जाएगी। कुछ दुर्घटना संभावित मार्गों पर दिन और रात के समय अलग-अलग गति-सीमा कम की जाएगी।
सड़कों की जांच में परिवहन अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भी शामिल हैं। सभी प्रमुख मार्गों पर अब स्पीड लिमिट वायलेशन डिटेक्टर (एसएलवीडी) कैमरे लगाए जाएंगे। वर्तमान में आशारोड़ी, एफआरआई एनआईवीएच, नंदा की चौकी और मोहकमपुर में एसएलवीडी कैमरे कार्य कर रहे हैं। चार इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड रडार गन से बेलगाम गति वाले चालकों का चालान किया जा रहा है। सार्वजनिक सेवाओं में गति-सीमा निर्धारित करने के लिए स्पीड गर्वनर अनिवार्य किया गया है।
आरटीओ के अनुसार, इंटरसेप्टर में स्पीड रडार गन में लगे कैमरे से वाहन पर फोकस किया जाता है। डिवाइस वाहन की फोटो लेकर उसकी गति बताता है और उसी आधार पर ई-चालान किया जाता है। एसएलवीडी कैमरे में वाहन की गति के साथ फोटो आ जाती है, जिसे सॉफ़्टवेयर में अपलोड करने के बाद चालान घर भेजा जाता है। निर्धारित गति-सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने वालों का एमवी एक्ट की धारा-183 के तहत चालान किया जाता है। हल्के वाहन से दो हजार रुपये जबकि मध्यम और भारी वाहन से 4000 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। इसी के साथ चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया जाता है।
देहरादून में मैदानी मार्गों पर वर्तमान गति-सीमा इस प्रकार है:
- घंटाघर-आरटीओ-डायवर्जन: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- डायवर्जन-राजपुर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- सहस्रधारा क्रासिंग-राजपुर रोड-मसूरी बाईपास: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- सर्वे चौक-रायपुर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- बेनी बाजार-ईसी रोड-आराघर-धर्मपुर-रिस्पना-जोगीवाला: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- रिस्पना-हरिद्वार बाईपास-आइएसबीटी: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- आइएसबीटी-ट्रांसपोर्टनगर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- आइएसबीटी-शिमला बाईपास चौक: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- आराघर-हरिद्वार रोड-प्रिंस चौक: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- प्रिंस चौक-सहारनपुर चौक-पटेलनगर-शिमला बाईपास: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- घंटाघर-चकराता रोड-बिंदाल-बल्लूपुर-प्रेमनगर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- धर्मपुर चौक-माता मंदिर-बाईपास चौक: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- रेस्ट कैंप-बन्नू स्कूल-अग्रवाल बेकरी: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- जोगीवाला चौक-रिंग रोड-लाडपुर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- बल्लूपुर चौक-जीएमएस रोड-कमला पैलेस-सेंट ज्यूड्स चौक-ट्रांसपोर्टनगर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- ग्रेट वैल्यू-कैनाल रोड-सहस्रधारा बाईपास: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- नेहरू कालोनी-छह नंबर पुलिया-किदूवाला-रायपुर-सहस्रधारा बाईपास: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- रेसकोर्स-पुलिस लाइन-धर्मपुर: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- वसंत विहार-इंद्रानगर-सीमाद्वार: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- रायपुर-मालदेवता: सभी वाहनों के लिए 30 किमी/घंटा
- कारगी चौक-महंत इंद्रेश अस्पताल-लालपुल
#SpeedLimitModification, #RoadSafetyMeasures, #TrafficRegulations, #DehradunTransportation, #AccidentPrevention
big news
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, आउट ऑफ टर्न नौकरी का शासनादेश जारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर है। खेल नीति-2021 के तहत अब 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। शासन की ओर से इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है।
Table of Contents
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी
प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खेल नीति-2021 के अंतर्गत पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति प्रदान किए जाने को लेकर शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

आउट ऑफ टर्न नौकरी का शासनादेश जारी
प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा कि “खेलगा युवा तो आगे बढ़ेगा युवा” के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार लगातार खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ अपने भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर मिलेगा।
243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी नौकरी
खेल मंत्री ने बताया कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों में 34 स्वर्ण, 115 रजत और 94 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण, गृह, परिवहन, वन तथा शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा।

खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर सकें।
Dehradun
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव, 14 अफसरों की नई तैनाती, देखें पूरी लिस्ट

Uttarakhand Police Transfer : पुलिस मुख्यालय ने उत्तराखंड पुलिस विभाग में 14 अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, इनमें एक सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), सीधी भर्ती के 10 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और पदोन्नति के बाद तैनाती पाने वाले तीन पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं।
Table of Contents
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव
आईपीएस अधिकारी देव व्रत जोशी को सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर हरिद्वार भेजा गया है। वहीं, पदोन्नति के बाद राजेश साह को बागेश्वर, प्रदीप पन्त को 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार और नदीम अतहर को आईआरबी द्वितीय, देहरादून में तैनाती दी गई है।

14 अफसरों की नई तैनाती
प्रशिक्षण पूरा करने वाले 10 पुलिस उपाधीक्षकों को भी उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों और इकाइयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।

Dehradun
उत्तराखंड में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री, बंद स्कूलों पर सरकार को अल्टीमेटम

Uttarakhand News : उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के बंद होने को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी ने ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत दावा किया है कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 826 प्राथमिक सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। इस मुद्दे पर सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण देने के लिए पार्टी ने 10 दिन का समय दिया है।
Table of Contents
उत्तराखंड में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री
CJP के नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेटर श्रेष्ठ सिंह ने रविवार को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 270 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि पहाड़ी जिलों के कई विद्यालयों में बच्चों को पर्याप्त शिक्षक और जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकारी और निजी स्कूलों के बीच उपलब्ध सुविधाओं के अंतर पर भी सवाल उठाया।
बंद स्कूलों पर पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
श्रेष्ठ सिंह ने सरकार से बंद किए गए सभी 826 स्कूलों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूल में मौजूद सुविधाएं, विद्यालय बंद करने का कारण, आसपास की आबादी और सबसे नजदीकी वैकल्पिक स्कूल की दूरी जैसी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है। इसके अलावा CJP ने सरकार से 10 दिनों के भीतर उत्तराखंड एजुकेशन रोडमैप जारी करने की मांग की है।

2 अक्टूबर के बाद आंदोलन की चेतावनी
CJP ने कहा है कि यदि तय समय के भीतर सरकार की ओर से 826 स्कूलों को बंद किए जाने पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है, तो 2 अक्टूबर के बाद शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी के मुताबिक इस रोडमैप में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ-साथ पेयजल, शौचालय, सुरक्षित भवन, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के लिए जिलावार समयसीमा तय की जानी चाहिए।
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग
पार्टी ने ये भी कहा है कि जवाब नहीं मिलने की स्थिति में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे कदम उठाया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले में सरकार की ओर से पक्ष या विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही बंद किए गए स्कूलों की स्थिति और सरकार के निर्णय के कारणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
Dehradun12 hours agoउत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव, 14 अफसरों की नई तैनाती, देखें पूरी लिस्ट
uttarakhand weather15 hours agoउत्तराखंड से कब विदा होगा मानसून? IMD ने दिया बड़ा अपडेट, आज 7 जिलों में बारिश
Haridwar14 hours agoहरिद्वार अस्पताल में आधी रात हंगामा, दो पक्ष आपस में भिड़े, जमकर हुआ हंगामा
Nainital11 hours agoनैनीताल में कल स्कूल-कॉलेज बंद, डीएम ने जारी किया आदेश, जानिए वजह
Nainital13 hours agoज्योलिकोट दूषित पानी मामले में 4 मौतों के बाद जागा प्रशासन, 6 कर्मचारी निलंबित
big news8 hours agoपदक विजेता खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, आउट ऑफ टर्न नौकरी का शासनादेश जारी











































