Uttarakhand
पहाड़ों का मानसून मैदानों की ओर शिफ्ट? उत्तराखंड में बारिश का बदला पैटर्न, वैज्ञानिक भी हैरान

Uttarakhand Monsoon : उत्तराखंड में मानसून का पैटर्न बदल रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक उत्तराखंड में पहाड़ों से ज्यादा अब मैदानी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।
Table of Contents
उत्तराखंड में बदल रहा मानसून का पैटर्न
उत्तराखंड के मानसून को लेकर एक अध्ययन में मौसम के बदलते पैटर्न की तस्वीर सामने आई है। लंबे समय के बारिश के आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि मानसून के दौरान अब पहाड़ी इलाकों की तुलना में मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश वाले दिनों की संख्या अधिक दर्ज हो रही है।
पहाड़ों का मानसून मैदानों की ओर हो रहा शिफ्ट?
बता दें कि ये अध्ययन मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह और मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने किया है, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने वर्ष 1983 से 2023 तक यानी 41 साल के मानसूनी बारिश के आंकड़ों का अध्ययन किया।
इसके लिए उत्तराखंड के चार मौसम केंद्रों को आधार बनाया गया। इनमें देहरादून और पंतनगर को मैदानी क्षेत्र, जबकि मुक्तेश्वर और टिहरी को पहाड़ी क्षेत्र का प्रतिनिधि माना गया।

देहरादून में सबसे ज्यादा भारी बारिश वाले दिन
अध्ययन में भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश वाले दिनों का औसत निकाला गया। इसके अनुसार मानसून के दौरान देहरादून में ऐसे दिनों की औसत संख्या 7.1 रही। पंतनगर में यह आंकड़ा 4.2 दिन दर्ज हुआ।
वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में मुक्तेश्वर में औसतन 2.3 दिन और टिहरी में केवल 1.7 दिन भारी या उससे अधिक बारिश वाले रहे। आंकड़ों की तुलना करने पर मैदानी इलाकों के दोनों केंद्र पहाड़ी क्षेत्रों के दोनों केंद्रों से आगे नजर आए। यानी पिछले चार दशकों के आंकड़ों के आधार पर अध्ययन ये संकेत देता है कि मानसून के दौरान भारी बारिश की घटनाएं मैदानी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा हो रही हैं।
जुलाई-अगस्त में हो रही सबसे ज्यादा बारिश
अध्ययन में जुलाई और अगस्त को उत्तराखंड के मानसून के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीने बताया गया है। जुलाई में राज्य में औसतन 417.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती है, जबकि अगस्त में औसत बारिश करीब 385.7 मिलीमीटर रहती है।
इन दोनों महीनों में भारी बारिश वाले दिनों की संख्या भी अधिक रहती है। साथ ही, जून और सितंबर की तुलना में जुलाई और अगस्त में बारिश के पैटर्न में साल-दर-साल बदलाव अपेक्षाकृत कम देखा गया।

भारी बारिश का बड़ा हिस्सा मैदानी क्षेत्रों में
शोध में भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश को एक साथ ‘चरम बारिश’ की श्रेणी में रखा गया। अध्ययन के मुताबिक मानसून के दौरान होने वाली कुल बारिश में इस तरह की चरम बारिश का हिस्सा देहरादून में औसतन 37 प्रतिशत है।
पंतनगर में यह हिस्सेदारी 33 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके मुकाबले मुक्तेश्वर में 24 प्रतिशत और टिहरी में 19 प्रतिशत बारिश चरम बारिश की श्रेणी में आती है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि अध्ययन में शामिल चार मौसम केंद्रों में मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा भारी या उससे अधिक तीव्रता वाली बारिश के रूप में दर्ज हुआ है।
प्रदे बदलते मौसम पैटर्न पर बढ़ी चिंता
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश के स्वरूप में बदलाव का असर सड़क, यातायात, नदियों और पहाड़ी ढलानों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर कम समय में होने वाली तेज बारिश अचानक जलभराव, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ा सकती है।
हालांकि, ये अध्ययन केवल चार मौसम केंद्रों के 41 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित है। इसलिए पूरे उत्तराखंड में बारिश के बदलते स्वरूप को समझने के लिए अन्य क्षेत्रों और अधिक मौसम केंद्रों के आंकड़ों का अध्ययन भी महत्वपूर्ण होगा।
Rudraprayag
केदारनाथ के लिए इस दिन से फिर शुरू हो सकती है हेली सेवा, तैयारियां हुई तेज

Kedarnath Heli Service : चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ धाम के लिए एक बार फिर हेली सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार 15 सितंबर से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा दोबारा संचालित की जा सकती है।
Table of Contents
केदारनाथ के लिए इस दिन से फिर शुरू हो सकती है हेली सेवा
केदारनाथ के लिए हेली सेवा के संचालन को लेकर 14 अगस्त को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में डीजीसीए, हेली ऑपरेटरों और मौसम विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
इस दौरान केदारनाथ हेली सेवा के साथ-साथ चारधाम चार्टर्ड सेवा को फिर से शुरू करने को लेकर चर्चा की जाएगी। अंतिम फैसला बैठक में मौसम की स्थिति और उड़ान संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
22 अप्रैल को कपाट खुलने के साथ शुरू हो गई थी हेली सेवा
बता दें कि इस वर्ष 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा भी शुरू कर दी गई थी। यात्रियों को गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी स्थित हेलिपैड से केदारनाथ तक पहुंचाने के लिए आठ एविएशन कंपनियां सेवाएं दे रही थीं।

मानसून सीजन में बंद की गई थी हेली सर्विस
मानसून सीजन को देखते हुए डीजीसीए ने हेली ऑपरेटरों को 25 जून तक ही उड़ान संचालन की अनुमति दी थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
15 सितंबर से शुरू हो सकती है केदारनाथ हेली सेवा
अब मानसून के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में हेली सेवाओं को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक 15 सितंबर से केदारनाथ हेली सेवा के साथ चारधाम चार्टर्ड सेवा भी शुरू की जा सकती है। हालांकि उड़ानों के संचालन पर अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों की बैठक और मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
Haridwar
हरिद्वार में SIR पर सियासी रार, फर्जी फॉर्म-7 आपत्तियों पर विपक्ष का जोरदार हंगामा

Haridwar News : हरिद्वार के रोशनाबाद जिला कलेक्टरेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक बैठक के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जमकर सियासी घमासान हुआ। बैठक में मौजूद विपक्षी विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने कथित तौर पर फर्जी और थोक में दाखिल की जा रही फॉर्म-7 आपत्तियों का मुद्दा उठाते हुए निर्वाचन आयोग से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Table of Contents
बूथों पर फर्जी आपत्तियों का दावा
बैठक में पिरान कलियर से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद, लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद, मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, विधायक रवि बहादुर, विरेंद्र जाति, ममता राकेश और कांग्रेसी नेता मनोज धनगर ने जिला प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
फर्जी फॉर्म-7 आपत्तियों पर विपक्ष का जोरदार हंगामा
विधायक फुरकान अहमद ने कहा कि उनकी विधानसभा के बूथ संख्या 85 और 86 में करीब 92 आपत्तियां सामने आई हैं, जिनमें से कई मतदाताओं ने खुद शिकायत दर्ज कराने से साफ इनकार किया है।
वहीं लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद ने उनके क्षेत्र में 36 फर्जी शिकायतों का मामला उठाते हुए निष्पक्ष जांच न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। धनगर समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर ने आरोप लगाया कि बूथ से दूर बैठे लोग मनमाने ढंग से आपत्तियां दाखिल कर रहे हैं।

हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने निर्वाचन आयोग से फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस फर्जीवाड़े पर रोक नहीं लगाई, तो कांग्रेस न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
नियमों के तहत होगा क्रॉस वेरिफिकेशन
विपक्ष के हंगामे और आरोपों के बीच अपर जिलाधिकारी (ADM) जितेंद्र कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि फॉर्म-7 दाखिल करने को लेकर निर्वाचन आयोग की निर्धारित और सख्त गाइडलाइंस हैं। अगर तय सीमा से अधिक आपत्तियां प्राप्त होती हैं, तो उनका घोषणा पत्र, भौतिक सत्यापन और क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों का उल्लंघन करने या गलत शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Haridwar
हरिद्वार में स्पेयर पार्ट्स की दुकान में लगी भीषण आग, तीन बाइक जलकर राख

Haridwar News : शहर में सुबह-सवेरे स्पेयर पार्ट्स की एक दुकान में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
Table of Contents
हरिद्वार में स्पेयर पार्ट्स की दुकान में लगी भीषण आग
मिली जानकारी के मुताबिक सुबह दुकान के अंदर से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही देर में धुआं तेज हो गया और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। आग ने देखते ही देखते दुकान के अंदर रखे स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग में तीन बाइक जलकर राख
सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझ जाने से आसपास स्थित अन्य दुकानों और प्रतिष्ठानों को इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया।
स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान भी आग की चपेट में आकर नष्ट
आग के कारण दुकान के अंदर खड़ी तीन पुरानी बाइक जलकर पूरी तरह राख हो गईं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। हालांकि दमकल कर्मियों की तत्परता के चलते आग को आसपास फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

फायर विभाग के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, आग से हुए कुल नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
एक घंटे की कार्रवाई के बाद आग पर पाया गया काबू
एफएसओ बीरबल सिंह ने बताया कि सुबह दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना प्राप्त होते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई और करीब एक घंटे की कार्रवाई के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। आग के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
Cricket22 hours agoLKK vs NRK Dream11 Prediction Match 16 TPL 2026: Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Cricket21 hours agoTGC vs ITT Dream11 Prediction Match 17 TNPL 2026 : Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Dehradun23 hours agoसीएम धामी से मिले शेफ केशव नेगी, दिल्ली होटल अग्निकांड केस में थे फंसे…
uttarakhand weather7 hours agoउत्तराखंड वालों सावधान! इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, देखें वेदर अपडेट
Cricket5 hours agoAsian Games 2026 Cricket Full Schedule: पुरुष और महिला मैचों की तारीखें, टीम और वेन्यू डिटेल्स
Dehradun4 hours agoदेहरादून में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक गैंगस्टर घायल, एक फरार
Breakingnews5 hours agoहल्द्वानी में नाबालिग से कुकर्म की कोशिश, स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटा
Dehradun7 hours agoदेहरादून में दिव्यांग छात्रों का आंदोलन खत्म, संस्थान ने मांगें मानने का दिया आश्वासन




































