Crime
प्रेमी संग इस हाल में पकड़ी गयी महिला इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर की पत्नी ने घरवालों संग बोला धावा, दोनों की जमकर की पिटाई, पुलिसकर्मी बनाते रहे वीडियो।

आगरा – आगरा कमिश्नरेट में थाना रकाबगंज के आवासीय परिसर में शनिवार को शर्मनाक घटना हुई। थाना प्रभारी शैली राणा के सरकारी आवास पर मुजफ्फरनगर के इंस्पेक्टर आए थे। तभी मुजफ्फरनगर से आए इंस्पेक्टर की पत्नी ने घरवालों संग धावा बोल दिया। दोनों की पिटाई की। पुलिसकर्मी तमाशबीन बने वीडियो बनाते रहे, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इंस्पेक्टर शैली राणा को निलंबित कर दिया गया है। दूसरे इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट भेजी गई है। उधर, घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस आयुक्त ने वीडियो बनाने वाले दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित किया है। दो दरोगाओं समेत छह सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।

रकाबगंज थाने की प्रभारी निरीक्षक शैली राणा महिला थाने के पीछे सरकारी आवास में रहती हैं। शनिवार शाम करीब 4 बजे दो महिलाओं सहित 4-5 युवकों ने उनके घर के दरवाजे को पीटा। दरवाजा खुला तो घर में घुसे चले गए। अंदर से महिला इंस्पेक्टर और मुजफ्फरनगर में तैनात इंस्पेक्टर पवन नागर को घसीटकर बाहर लाए। वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर बनियान पहने थे। युवकों ने पिटाई लगा दी। वहीं महिला इंस्पेक्टर के दोनों हाथ पकड़कर तमाचे जड़े। हाथ मरोड़ दिया। मुजफ्फरनगर के इंस्पेक्टर की पत्नी ने गालीगलौज की। काफी देर तक चीख पुकार मची रही। इसी दरम्यान सूचना मिलने पर एसीपी सदर सुकन्या शर्मा मौके पर पहुंचीं। उसके कुछ देर बाद डीसीपी सिटी सूरज राय भी आ गए।

पूछताछ में एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसका नाम गीता नागर है। महिला इंस्पेक्टर के घर से उसने अपने पति पवन नागर को पकड़ा है। पवन नागर मुजफ्फरनगर में तैनात थे। विजिलेंस में तबादला हो गया है। एक महीने से मेडिकल अवकाश पर हैं। घर से यह कहकर निकले थे कि तबादला रुकवाने जा रहे हैं। कई दिनों से घर पर संपर्क भी नहीं किया था।

उन्हें शक था कि पति आगरा में महिला इंस्पेक्टर के घर होगा। वह अपने भाई ज्वाला नागर, भाभी सोनिया नागर, बेटे अधिराज नागर के साथ आगरा आईं। सीधे महिला इंस्पेक्टर के आवास पर पहुंचीं। बाहर पति की गाड़ी खड़ी थी। उन्होंने महिला इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर की पत्नी के साथ दो पुरुष भी आए थे। वे बाद में भाग गए थे। वीडियो में कैद हैं।
सिपाही देखते रहे, किसी ने नहीं बचाया
इंस्पेक्टर शैली राणा का पूर्व में भी अधीनस्थों से विवाद हो चुका है। इस वजह से बवाल के दौरान पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव नहीं किया। वीडियो बनाते रहे। वीडियो भी सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों ने ही वायरल किए। इंस्पेक्टर की छवि खराब करने में पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। चर्चा तो यह भी है कि थाने से ही एक पुलिसकर्मी ने इंस्पेक्टर की पत्नी से संपर्क किया था। उन्हें आगरा बुलाया था।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
कमिश्नर ने तमाशा देखने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाया। जांच के बाद मारपीट के दौरान वीडियो बनाने पर मुख्य आरक्षी विशाल व हरिकेश को निलंबित कर दिया। दरोगा सुनील लांबा, दरोगा देवेंद्र, मुख्य आरक्षी रेखा महिला थाना, सिपाही अंकित, पीआरवी पर तैनात सिपाही गिरीश व चालक राजेंद्र को लाइन हाजिर किया गया है। घटनास्थल पर मौजूद एक होमगार्ड के खिलाफ रिपोर्ट भेजी जा रही है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
नोएडा में तैनाती के दौरान हुई थी मित्रता
इंस्पेक्टर पवन नागर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति की पूर्व में नोएडा में तैनाती थी। इंस्पेक्टर शैली राणा भी वहां तैनात थीं। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। वह समझ नहीं पा रही हैं कि उनके पति चाहते क्या हैं। पत्नी ने यह आरोप तक लगाए कि उनके पति को यह लालच भी है कि इंस्पेक्टर से मोटी रकम ले लेंगे।
थाने में मुंशी से हुई थी मारपीट
शुक्रवार को रकाबगंज थाने में इंस्पेक्टर शैली राणा और एक मुंशी के बीच विवाद हुआ था। गालीगलौज के बाद नौबत मारपीट तक पहुंच गई। सूचना पर एसीपी सदर सुकन्या शर्मा मौके पर पहुंची थीं। इंस्पेक्टर और मुंशी के बीच में पूर्व में भी विवाद हुआ तब भी दोनों में से किसी को थाने से हटाया नहीं गया।
इंस्पेक्टर निलंबित, जानलेवा हमले में मुकदमा
घटना के बाद पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। एसीपी सदर डॉ. सुकन्या शर्मा ने बताया इंस्पेक्टर शैली राणा को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर पवन नागर की रिपोर्ट भेजी जा रही है। शैली राणा की तहरीर पर घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जानलेवा हमले की धारा के तहत मुकदमा लिखा गया है। इंस्पेक्टर की पत्नी, साला व उसकी पत्नी गिरफ्तार हैं। उन्हें रविवार को जेल भेजा जाएगा।
Haridwar
हरिद्वार में ICICI बैंक के 50 लाख ट्रांजेक्शन फ्रॉड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

Haridwar News : हरिद्वार पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध बैंक निकासी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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ICICI बैंक के 50 लाख ट्रांजेक्शन फ्रॉड का खुलासा
हरिद्वार पुलिस ने एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में ICICI बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच में पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा।
पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक स्कूटी, 12 लाख रुपये की प्लॉट रजिस्ट्री, फर्जी आधार कार्ड, डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड हासिल किया और फोन बैंकिंग से नया एटीएम कार्ड जारी करवाकर नकदी निकाली। इसी रकम से ज्वेलरी खरीदने, जमीन खरीदने और अन्य खर्च किए गए।

बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाता था गैंग
पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ कि गिरोह बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाता था और बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करता था।
पुलिस के अनुसार मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी एटीएम फ्रॉड और अन्य गंभीर मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
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Haridwar
हरिद्वार में प्रधान के पति ने अपने ही भाई को मारी गोली, वारदात को अंजाम देकर आरोपी हुआ फरार

Haridwar Crime : हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लंबे समय से चल रही आपसी रंजिश के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने ही छोटे भाई पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गया।
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हरिद्वार में प्रधान के पति ने अपने ही भाई को मारी गोली
हरिद्वार जिले के बाजुहेड़ी गांव निवासी किशोर सैनी और राजेश सैनी के बीच काफी समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार देर रात दोनों के बीच एक बार फिर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट और फिर गोलीबारी तक पहुंच गई।
वारदार को अंजाम देकर आरोपी हुआ फरार
आरोप है कि विवाद के दौरान गुस्से में आए किशोर सैनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने से राजेश सैनी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और आरोपी मौके से फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

गोली लगने से छोटा भाई गंभीर रूप से घायल
सूचना मिलते ही पिरान कलियर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर के क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गोली चलने की वजह सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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देहरादून में बड़ा खुलासा!, ठगी करता पकड़ा गया पूर्व मुख्य सचिव का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

EX Ias Son Yashvardhan Arrested in dehradun : राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को केंद्र सरकार और सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे यशवर्धन के रूप में हुई है।
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देहरादून में ठगी करता पकड़ा गया पूर्व मुख्य सचिव का बेटा
बता दें कि दिल्ली की रहने वाली एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने प्रभावशाली सरकारी संपर्कों और ऊंचे पद पर होने का दावा करते हुए उससे करीब 4.5 लाख रुपये ले लिए। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लगातार और अधिक रकम की मांग कर रहा था। जांच के दौरान आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
अलग-अलग लोगों के सामने बदलता था अपनी पहचान
पूछताछ में ये बात सामने आई कि आरोपी अलग-अलग लोगों के सामने अपनी पहचान बदलता था। कभी वो खुद को गृह मंत्रालय का अधिकारी बताता, कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अफसर और कभी भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करता था।
देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार
देहरादून पुलिस को ये भी जानकारी मिली है कि वो कई होटलों में ठहरने के बाद भुगतान किए बिना चला जाता था और होटल कर्मचारियों व सुरक्षा कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर धोखाधड़ी करता था।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपी के पास से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, इन वस्तुओं का इस्तेमाल वो लोगों का भरोसा जीतने और खुद को प्रभावशाली अधिकारी साबित करने के लिए करता था।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे और मामले के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।
FAQs (EX Ias Son Yashvardhan Arrested)
1. क्या देहरादून पुलिस ने पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को गिरफ्तार किया है ?
हां देहरादून पुलिस ने यशवर्धन नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है।
2. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
आरोपी पर खुद को केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है।
3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
दिल्ली निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी ने प्रभावशाली सरकारी संपर्कों का झांसा देकर उससे करीब 4.5 लाख रुपये ठग लिए।
4. आरोपी लोगों को कैसे झांसे में लेता था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग लोगों के सामने अपनी पहचान बदलता था और खुद को कभी गृह मंत्रालय, कभी रक्षा मंत्रालय तो कभी सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता था।
5. पुलिस को आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं।
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