Uttarakhand
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़, पुलिस प्रशासन ने की अपील…आज स्थगित करें यात्रा।

उत्तरकाशी – यमुनोत्री धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते सुरक्षा को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने यात्रियों से अपील की है। पुलिस ने अपने एक्स अकाउंट पर सूचना जारी कर कहा कि आज यमुनोत्री धाम में क्षमता के अनुसार पर्याप्त श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। अब और अधिक श्रद्धालुओं को भेजना जोखिम भरा है। जो भी श्रद्धालु आज यमुनोत्री यात्रा पर आने जा रहे हैं, उनसे अपील है कि आज यमुनोत्री जी की यात्रा को स्थगित करें।

यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ से पैदल मार्ग पर हादसे का खतरा है। करीब पांच से छह किमी का यमुनोत्री पैदल मार्ग बेहद संकरा है। जिसका कुछ हिस्सा चट्टान पर तो कुछ हिस्सा लोहे के एंगल पर लिंटर डालकर तैयार किया गया है। जिससे यहां पैदल मार्ग पर दबाव बढ़ने पर हादसे का खतरा बना हुआ है।
यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भीड़ के चलते श्रद्धालुओं के फंसने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर लोग इस वीडियो को तेजी से शेयर कर रहे हैं। जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति प्रशासन व सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर डोली वालों के लिए भी कोई व्यवस्था है। न पिट्ठू वालों के लिए, न यात्रियों के लिए, न घोड़े और न घोड़ा संचालकों के लिए व्यवस्था है।
Dehradun
धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, मेडिकल इंटर्न और खिलाड़ियों कौ सौगात, पढ़ें सभी फैसले

Dhami Cabinet Decisions : देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।
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धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, लिए गए 10 फैसले
धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब मेडिकल इंटर्न को हर महीने 25 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। इससे पहले ये राशि 17 हजार रुपये निर्धारित थी।
अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ेगा
सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क और मानदेय की दरों के पुनर्निर्धारण को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

खिलाड़ियों के लिए 33 पद सृजित
कैबिनेट ने अपर सहायक व्यायाम के 33 पद सृजित करने को मंजूरी दी है। ये पद मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक में आया।
कुल 245 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इन पदों पर युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी।
पढ़ें कैबिनेट के सभी फैसले
- विद्युत नियामक आयोग: वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- कारागार विभाग: अपर महानिरीक्षक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को मंजूरी।
- विधिक माप विज्ञान: सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी।
- मसूरी: जीएमवीएन की पार्किंग की 972 वर्ग गज जमीन गढ़वाल सभा को देने पर मुहर।
- हरिद्वार: सलेमपुर में ईएसआई अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन देने को मंजूरी।
- सेवा संकल्प अभियान: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलेगा अभियान, मंत्री और प्रभारी होंगे शामिल।
Dehradun
स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, आंकड़ा पहुंचा 400 पार, महिलाओं से ज्यादा पुरुष ज्यादा चपेट में

Uttarakhand News : उत्तराखंड में मौसम बदलने के साथ सीजनल बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसी बीच सीजनल इन्फ्लुएंजा यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 25 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 11 मामले अकेले देहरादून जिले से हैं, जबकि 14 मरीज अन्य जिलों में मिले हैं।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन
प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 408 पहुंच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 324 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 82 मरीजों का उपचार चल रहा है। इस बीमारी के कारण प्रदेश में अब तक 2 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा ज्यादा
स्वाइन फ्लू के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग आयु वर्ग के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 से 10 वर्ष की उम्र के 66 बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वहीं 11 से 20 वर्ष की उम्र के 31 मरीज, 21 से 30 वर्ष के 41 मरीज और 31 से 40 वर्ष की उम्र के 34 मरीज संक्रमित पाए गए हैं।
इसके अलावा 41 से 50 वर्ष की उम्र के 44, 51 से 60 वर्ष के 67, 61 से 70 वर्ष के 70, 71 से 80 वर्ष के 42 और 81 से 90 वर्ष की उम्र के 13 मरीजों में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि बच्चों के साथ बुजुर्ग भी संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील बने हुए हैं। खासतौर पर 61 से 70 वर्ष की उम्र के मरीजों की संख्या अन्य कई आयु वर्गों की तुलना में अधिक है।

पुरुषों में संक्रमण का आंकड़ा ज्यादा
स्वाइन फ्लू के मरीजों के आंकड़ों में महिला और पुरुषों के बीच भी अंतर सामने आया है। प्रदेश में अब तक मिले 408 संक्रमित मरीजों में 224 पुरुष और 184 महिलाएं शामिल हैं। यानी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुषों में स्वाइन फ्लू के मामले अधिक सामने आए हैं।
डेंगू और कोरोना पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर
स्वाइन फ्लू के साथ उत्तराखंड में अन्य मौसमी और वायरल बीमारियों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। प्रदेश में डेंगू और कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग के सामने एक साथ कई संक्रामक बीमारियों की निगरानी और रोकथाम की चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता बताई जा रही है।
Roorkee
रुड़की में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 नर्सिंग होम और क्लीनिक किए सील

Roorkee News : हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम ने गुरुवार को कई नर्सिंग होम और क्लीनिकों का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान नियमों से जुड़ी कमियां सामने आने पर तीन संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।
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रुड़की में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ममता नर्सिंग होम, जनता क्लीनिक और शुक्ला क्लीनिक को सील कर दिया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के अन्य निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई।
ये अभियान रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण कार्यालय के नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. रमेश कुंवर के निर्देशन में चलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार के निर्देश पर टीम ने रुड़की क्षेत्र में संचालित विभिन्न निजी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की जांच की।
रिकॉर्ड और मौके की व्यवस्थाओं का किया गया मिलान
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थानों की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के साथ मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं का मिलान किया। टीम ने पंजीकरण, चिकित्सकों की उपलब्धता और संस्थानों के संचालन से जुड़े निर्धारित मानकों की भी जांच की।

3 नर्सिंग होम और क्लीनिक किए सील
विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ संस्थानों में रिकॉर्ड में दर्ज चिकित्सकों में से संबंधित चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और संचालन से संबंधित अन्य मानकों की भी पड़ताल की। जांच के बाद नियमों के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए ममता नर्सिंग होम, जनता क्लीनिक और शुक्ला क्लीनिक को सील कर दिया गया।
निजी अस्पताल संचालकों में बढ़ी हलचल
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद रुड़की क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। विभाग की कार्रवाई को निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि पंजीकरण से लेकर चिकित्सकों और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है।
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