Uttarakhand
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की शानदार जोड़ी, उत्तराखंड को नई ऊंचाई पर ले जाने की शानदार शुरुआत

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक साबित हुई, जिसमें उन्होंने राज्य के पर्यटन, तीर्थाटन और आर्थिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण विजन साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच की जुगलबंदी ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री धामी की प्रशंसा करते हुए उन्हें “छोटा भाई” और “ऊर्जावान मुख्यमंत्री” कहकर संबोधित किया। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार उत्तराखंड सरकार के कार्यों से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है और राज्य सरकार शानदार काम कर रही है। विशेष रूप से, प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार की शीतकालीन तीर्थाटन योजना की सराहना की, जो राज्य के पर्यटन को नई दिशा देगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हर्षिल में आयोजित जनसभा में क्षेत्रवासियों के अपार उत्साह का अनुभव किया। “मोदी-मोदी” के नारे गूंजते रहे, और प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर और मुस्कराकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे उनका स्थानीय जनता के प्रति आत्मीय जुड़ाव साफ नजर आ रहा था।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “घाम तापो पर्यटन” की संकल्पना प्रस्तुत की। इसके साथ ही, उन्होंने सीमांत गांवों को ‘पहला गांव’ बनाने के लिए योजना का भी उल्लेख किया, जिसमें नेलांग और जादुंग जैसे सीमावर्ती गांवों को फिर से बसाने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और विकास की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
उन्होंने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की स्वीकृति का भी जिक्र किया, जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सुगम बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने राज्य में फिल्म शूटिंग, वेडिंग डेस्टिनेशन और कॉरपोरेट मीटिंग्स जैसे नए पर्यटन आयामों पर भी ध्यान केंद्रित किया, जिससे उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र में एक प्रमुख स्थान मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के युवाओं, फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे राज्य के विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने में सहयोग करें। इसके अलावा, उन्होंने माणा में हुए हिमस्खलन की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि आपदा के समय केंद्र सरकार हमेशा उत्तराखंड के साथ खड़ी रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने उत्तराखंड के विकास को नई दिशा दी है और उनकी और मुख्यमंत्री धामी की मजबूत बॉन्डिंग यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को केंद्र सरकार से पूरा समर्थन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में “गंगा मैया की जय” के उद्घोष के साथ जनता का अभिवादन किया, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर जोश और उत्साह का माहौल छा गया।
Nainital
दूध की 5 कंपनियों के सैंपल हुए फेल, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं इनका इस्तेमाल

Nainital News : उत्तराखंड में दूध की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हल्द्वानी में लिए गए अलग-अलग कंपनियों के 5 दूध के नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। यानी की 5 कंपनियों के सैंपल फेल हो गए।
Table of Contents
उत्तराखंड में दूध की 5 कंपनियों के सैंपल फेल
नैनीताल जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में अलग-अलग कंपनियों के दूध के पांच नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिलाधिकारी के निर्देश पर 5 अगस्त 2026 को हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में वितरकों से दूध के सैंपल लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया था।
SNF की मात्रा तय मानक से पाई गई कम
जांच रिपोर्ट में पांचों नमूनों में मिल्क फैट और या सॉलिड नॉट फैट (SNF) की मात्रा तय मानक से कम पाई गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन नमूनों को सबस्टैंडर्ड यानी अवमानक घोषित किया है।

जांच में परम स्टैंडर्ड मिल्क में फैट 3.75% मिला, जबकि मानक 4.5% है। मधुसूदन काऊ मिल्क में फैट 3.11% और SNF 8% पाया गया, जबकि तय मानक 3.2% और 8.3% है। वहीं हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क में फैट 4.27% और SNF 7.21% मिला, जबकि मानक क्रमशः 4.5% और 8.5% निर्धारित है।
कृत्रिम सिंथेटिक रंग की मिलावट नहीं मिली
खुले गाय-भैंस के मिश्रित दूध के नमूने में फैट 2.96% और SNF 6.59% पाया गया। मदर डेयरी काऊ मिल्क में फैट 3.04% मिला, जो निर्धारित 3.2% से कम है। हालांकि, प्रयोगशाला जांच में इन नमूनों में स्टार्च, यूरिया, नमक, न्यूट्रलाइजर, शुगर और कृत्रिम सिंथेटिक रंग की मिलावट नहीं मिली। इसके बावजूद निर्धारित पोषण गुणवत्ता से कम फैट और SNF पाए जाने के कारण संबंधित नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अवमानक घोषित किया गया है।
Rudraprayag
देवप्रयाग में बड़ा हादसा ! केदारनाथ से लौट रही कार तोताघाटी में खाई में गिरी

Rudraprayag News : केदारनाथ धाम के दर्शन कर राजस्थान लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ तोताघाटी के पास हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़ी एक वैगनआर अचानक पीछे की ओर खिसकते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त कार के अंदर एक व्यक्ति मौजूद था, जबकि उसके साथी वाहन से बाहर निकले हुए थे।
Table of Contents
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान हुआ हादसा
रूद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं का वाहन हादसे का शिकार हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से चार लोग केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए थे। शनिवार शाम करीब पौने सात बजे वापसी के दौरान तोताघाटी के पास चालक पंकज कुमार, लखन शाह और ईश्वर तेली कार से उतरकर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान सड़क पर खड़ी कार अचानक ढलान की ओर खिसकने लगी।
साथियों ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन की रफ्तार बढ़ती चली गई और देखते ही देखते कार गहरी खाई में जा गिरी। इस दौरान कार मालिक देवीलाल (46), निवासी सुभाष नगर, भीलवाड़ा, वाहन के अंदर ही मौजूद थे।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू
कार को खाई में गिरता देख साथियों ने तुरंत 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बचेली खाल पुलिस चौकी से टीम आपदा राहत उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने गहरी खाई में उतरकर कार सवार देवीलाल की तलाश शुरू की। देर रात तक रेस्क्यू अभियान जारी रहा। खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण बचाव दल को अभियान के दौरान काफी चुनौती का सामना करना पड़ा।
हादसे के कारण यात्रियों में मचा हड़कंप
अचानक कार के खाई में गिरने से मौके पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार खाई में तलाश अभियान चला रही थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर बचाव कार्य के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।
Chamoli
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू, मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना

Chamoli News : उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा मां नंदा देवी की बड़ी जात शनिवार, 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू हो गई। मां नंदा की डोली के प्रस्थान के साथ ही कुरुड़ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां नंदा को विदाई दी। डोली के साथ बड़ी संख्या में भक्त भी यात्रा पर रवाना हुए।
Table of Contents
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले सिद्धपीठ कुरुड़ में पांच दिनों तक मां नंदा राजराजेश्वरी की विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अनुष्ठान पूरे होने के बाद परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ डोली को कैलाश की ओर रवाना किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। डोली की विदाई के समय भक्त भावुक भी दिखाई दिए।
मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना
मां नंदा की बड़ी जात यात्रा को उत्तराखंड की प्रमुख और कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। यात्रा का मार्ग करीब 280 किलोमीटर लंबा है। इस दौरान मां की डोली पहाड़ी गांवों और विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए हिमालयी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगी।
परंपरागत लोकजात यात्रा में डोली का पड़ाव वेदनी कुंड तक रहता है, लेकिन इस बार बड़ी जात यात्रा को आगे होमकुंड तक ले जाने की तैयारी है। होमकुंड में निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद यात्रा का समापन होगा।

गांवों में होगा डोली का भव्य स्वागत
कुरुड़ से निकलने के बाद मां नंदा की डोली अपने निर्धारित पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी। रास्ते में आने वाले गांवों में श्रद्धालु मां नंदा की डोली का स्वागत करेंगे। जगह-जगह पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन होंगे। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और मां नंदा के जयकारों से यात्रा मार्ग का माहौल भक्तिमय रहेगा।
12 साल बाद आयोजित हो रही बड़ी जात
इस बार की बड़ी जात यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 12 वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस यात्रा में चमोली के अलावा उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही कुरुड़ और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
uttarakhand weather11 hours agoउत्तराखंड में 10 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर, आज छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Chamoli10 hours agoकुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू, मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना
Rudraprayag9 hours agoदेवप्रयाग में बड़ा हादसा ! केदारनाथ से लौट रही कार तोताघाटी में खाई में गिरी
Nainital6 hours agoदूध की 5 कंपनियों के सैंपल हुए फेल, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं इनका इस्तेमाल










































