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एक और महिला चढ़ी बाघ की भेंट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल !

रामनगर: मंगलवार की सुबह कोरबेट नेशनल पार्क के सर्पदुली रेंज में एक महिला पर बाघ के हमले से हड़कंप मच गया। यह घटना ढिकुली क्षेत्र के एक गांव की है, जहां 50 वर्षीय महिला कौशल्या देवी को बाघ ने घातक रूप से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद जहां महिला के परिजनों में मातम पसरा हुआ है, वहीं पूरे गांव में बाघ की दहशत के कारण डर का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, कौशल्या देवी सुबह करीब 8 बजे अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास और लकड़ी लेने गई थीं। उसी दौरान, बाघ ने अचानक हमला कर दिया और महिला को अपनी पकड़ में ले लिया। कौशल्या की चीखें सुनकर साथ में मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया और बाघ को भगाने का प्रयास किया। हालांकि, बाघ ने महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर खींच लिया। इसके बाद महिला के अन्य साथियों ने तुरंत गांव में जाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी, वन्यजीव सुरक्षा दल और ग्रामीणों की एक टीम ने बाघ का पीछा करते हुए जंगल में महिला को ढूंढने का प्रयास किया। घटनास्थल पर पहुंचे वनकर्मियों ने हवा में फायरिंग भी की, ताकि बाघ को डराया जा सके और महिला का पता चल सके। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला का शव लहूलुहान हालत में जंगल में बरामद किया गया।

इस घटना के बाद से गांव में भारी तादाद में लोग एकत्र हो गए और बाघ के बारे में जानकारी लेने के लिए वन विभाग से संपर्क किया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में बाघ की सक्रियता के चलते कैमरा ट्रैप और गश्त की व्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने इस दर्दनाक घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “जाड़ों के समय में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, क्योंकि बाघों को शिकार के लिए मानव आबादी के पास आने के लिए मजबूर होना पड़ता है।” उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की और कहा कि इस क्षेत्र में बाघ की निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, वनकर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है।
राहुल मिश्रा ने बताया कि उच्च अधिकारियों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है, और निर्देश मिलने के बाद बाघ को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से मांग की है कि बाघ को शीघ्र पकड़ा जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने जताई चिंता: कौशल्या देवी की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश और भय दोनों का मिश्रण है। गांववाले बाघ को शीघ्र पकड़ने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनका जीवन सुरक्षित रह सके।
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हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव, जस्टिस मनोज कुमार तिवारी होंगे नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

Nainital News : भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में प्रशासनिक बदलाव से जुड़ी अधिसूचना जारी की है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जस्टिस मनोज कुमार तिवारी होंगे नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस मनोज कुमार तिवारी 9 अक्टूबर 2026 से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। ये बदलाव मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रभावी होगा। जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता 8 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
अधिसूचना की जा चुकी है जारी
इस संबंध में 6 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। नई व्यवस्था के तहत जस्टिस मनोज कुमार तिवारी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जुड़े न्यायिक और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

वरिष्ठ न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस मनोज दे चुके हैं सेवाएं
जस्टिस मनोज कुमार तिवारी उत्तराखंड हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीश के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी नियुक्ति से मुख्य न्यायाधीश के पद पर होने वाले बदलाव के बीच हाईकोर्ट के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वहीं, उत्तराखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत जस्टिस सुभाष उपाध्याय को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कॉलेजियम से मंजूरी मिलने के बाद उनके स्थायी न्यायाधीश बनने की औपचारिक प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। इसे उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायिक प्रशासन से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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नैनीताल में कल स्कूल-कॉलेज बंद, डीएम ने जारी किया आदेश, जानिए वजह

Nainital News : ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव के समापन को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने शहर के शिक्षण संस्थानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा की शोभायात्रा और डोला विसर्जन कार्यक्रम के चलते नैनीताल नगर क्षेत्र में सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ महाविद्यालयों में अवकाश रहेगा।
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नैनीताल में कल स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद
महोत्सव का समापन बुधवार, 23 सितंबर को धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। इस दौरान मां नंदा और सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद डोला विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शिक्षण संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
इन शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा आदेश
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 23 सितंबर को नैनीताल नगर क्षेत्र में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा नगर क्षेत्र के महाविद्यालयों में भी अवकाश रहेगा।

प्रशासन के मुताबिक, महोत्सव की शोभायात्रा और डोला विसर्जन के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ने से यातायात पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। ऐसे में स्कूल-कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को होने वाली संभावित परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि नैनीताल नगर क्षेत्र में आने वाले सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों में अवकाश के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन का उद्देश्य महोत्सव के दौरान भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखना है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो सके और आम लोगों के साथ छात्र-छात्राओं को भी किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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ज्योलिकोट दूषित पानी मामले में 4 मौतों के बाद जागा प्रशासन, 6 कर्मचारी निलंबित

Nainital News : नैनीताल के ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद जल संस्थान और पेयजल निगम के छह अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एक अधिकारी को चेतावनी जारी की गई है।
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ज्योलिकोट दूषित पानी मामले में 4 मौतों के बाद जागा प्रशासन
ज्योलिकोट क्षेत्र में पिछले दिनों दूषित पानी की आपूर्ति का मामला सामने आया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई। प्रभावित लोगों में डायरिया और पीलिया जैसे लक्षण पाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच शुरू की थी।
चार लोगों की मौत, करीब 400 लोग प्रभावित
दूषित पेयजल की वजह से क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रकरण में चार लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 400 लोग डायरिया और पीलिया समेत अन्य बीमारियों से प्रभावित हुए।
मामला सामने आने के बाद पानी के सैंपल की जांच और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। अलग-अलग स्तर पर हुई जांच और अधिकारियों की संस्तुतियों के आधार पर अब जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की गई है।

जल संस्थान के तीन अभियंता निलंबित
कार्रवाई के तहत उत्तराखंड जल संस्थान, हल्द्वानी से जुड़े तीन अभियंताओं को निलंबित किया गया है। इनमें प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत और अपर सहायक अभियंता रवींद्र शामिल हैं। वहीं, अधिशासी अभियंता अनीश एम पिल्लई को चेतावनी जारी की गई है।
पेयजल निगम के तीन अधिकारियों पर भी कार्रवाई
मामले में पेयजल निगम के तीन अभियंताओं पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है। इनमें कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्य और प्रभारी अधिशासी अभियंता शशि पाल सिंह शामिल हैं। इसके अलावा नंदकिशोर को हल्द्वानी में अधीक्षण अभियंता की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे लालकुआं में अपनी पूर्व जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।
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