Dehradun
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की स्टेट नोडल अधिकारियों के साथ बैठक, कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की स्टेट नोडल अधिकारियों के साथ बैठक
सकुशल निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराने को लेकर विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
जिला और स्टेट कंट्रोल रूम को तत्काल एक्टिव करते हुए ड्राई रन शुरू किया जाए
ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों के शत प्रतिशत मतदान का लक्ष्य- सीईओ
देहरादून – मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शनिवार को सचिवालय में सामान्य निर्वाचन 2024 के लिए विभिन्न विभागों के स्टेट नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी नोडल अधिकारियों को उनके विभाग से जुड़ी ड्यूटी को जिम्मेदारी के साथ पूरा करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला और स्टेट कंट्रोल रूम को तत्काल एक्टिव करते हुए ड्राई रन शुरू कर दिया जाए। उन्होंने आबकारी विभाग व पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं प्रवर्तन कार्रवाई हेतु इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS) पर नियमित रिपोर्ट अपलोड कर दी जाए, ESMS को लेकर लिए पुलिस कार्मिकों को थाना चौकी स्तर पर भी ट्रेन किया जाए इसके अलावा आबकारी विभाग के सर्किल इंस्पेक्टर्स को भी इस पोर्टल पर ऑनबोर्ड करते हुए लॉगइन आईडी तैयार कर दी जायें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आबकारी विभाग को जिला स्तर पर लिकर मॉनिटरिंग टीम LMT का गठन कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी स्टेट नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की है कि संबंधित विभागों के मतदान ड्यूटी में शामिल समस्त कार्मिकों का शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कर दिया जाए। उन्होंने विशेषकर मतदान ड्यूटी में तैनात समस्त कार्मिकों व समस्त वाहन चालकों को शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नोडल अफसर परिवहन विभाग को चुनाव ड्यूटी में तैनात वाहन चालकों के शत प्रतिशत मतदान को लेकर विस्तृत प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से मतदानकर्मियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने को लेकर विस्तृत निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए की मतदान ड्यूटी में तैनात कार्मिक का प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड किट समय से तैयार कर दी जाए। इसके अतिरिक्त आपातकाल परिस्थितियों के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल, प्रताप शाह, सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास समेत विभिन्न विभागों के स्टेट नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
Dehradun
दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
Table of Contents
दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
Dehradun
4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
Table of Contents
4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
Dehradun
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Table of Contents
गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।





































