Breakingnews
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्थ सारथी के पौराणिक मंदिर में की पूजा अर्चना, यहां भगवान विष्णु के चार अवतारों की होती है पूजा।

चेन्नई – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ट्रिप्लीकेन, चेन्नई में स्थित भगवान विष्णु के अलौकिक अवतार पार्थसारथी भगवान के पौराणिक मंदिर में पूजा अर्चना की और समस्त प्रदेश वासियों की उन्नति और कुशलक्षेम के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की।

पार्थसारथी मंदिर में भगवान विष्णु के चार अवतारों कृष्ण, राम, नृसिंह और भगवान वराह की पूजा होती है। मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है और इसकी वास्तुकला अद्भुत है।
Uttarakhand
ब्रेकिंग न्यूज : अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर, मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत

Almora News : प्रदेश में बीते 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। अल्मोड़ा में भारी बारिश के कारण एक घर में मलबा घुस गया। जिस कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
Table of Contents
अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर
प्रदेश में हो रही लगातार जारी भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक अंतर्गत वडयूड़ा गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा खिसककर एक मकान में जा घुसा, जिससे घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
सोमेश्वर में मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी का मलबा अचानक नीचे आ गया और सीधे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।

इस हादसे में मृतकों की पहचान प्रेमा देवी, पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या, पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार, पुत्र राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मलबे की चपेट में आई महिला के साथ उनके बेटे और बेटी की भी जान चली गई।
घटना के बाद से गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने मलबे के बीच दबे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। लेकिन तब तक तीनों लोगों की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसर गया है।
Breakingnews
उत्तराखंड में आज भारी बारिश का अलर्ट, पांच जिलों में स्कूल बंद, अलर्ट मोड में प्रशासन

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारी बारिश के अलर्ट के बीच देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
Table of Contents
उत्तराखंड में आज भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में आज भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश के साथ गरज और चमक की संभावना बनी हुई है। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
4 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर रहेगा जारी
1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 4 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

आज प्रदेश के पांच जिलों में छुट्टी
लगातार बारिश के चलते प्रदेश में बने चुनौतीपूर्ण हालात को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और बागेश्वर के जिलाधिकारियों ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जरूरी न हो तो पहाड़ों की यात्रा से बचें
प्रदेश में बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
Breakingnews
Haldwani News: राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड को मिली ऐतिहासिक सौगात,सीएम धामी ने किया खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास

Haldwani News: हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास
हल्द्वानी : राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के पावन अवसर पर उत्तराखंड के खेल परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में आयोजित भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह के दौरान राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का विधिवत शिलान्यास एवं भूमि पूजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही लगभग 150 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी विधिवत शुभारंभ कर दिया गया।
Table of Contents
मुख्यमंत्री धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया शिलान्यास
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा विशिष्ट अतिथि खेल मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं और उनके करियर को संवारने तथा खेल को निखारने में सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने भावुक संदेश देते हुए कहा:
“गौलापार की इस पावन भूमि की मिट्टी उठाकर जब मैंने माथे से लगाई थी, तब वह केवल मिट्टी का कण नहीं, बल्कि राज्य के हर खिलाड़ी का स्वाभिमान और हर माँ का सपना था। आज शिव की कृपा और मुख्यमंत्री धामी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से यह महातीर्थ धरातल पर आकार ले रहा है।”
खेल मंत्री ने कहा कि अब हमारे युवाओं को उच्चस्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान (Sports Science), स्पोर्ट्स मेडिसिन और इंजरी रिकवरी के लिए दिल्ली या विदेशों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मंच दे दिया है, अब खिलाड़ी पसीना बहाकर दुनिया में तिरंगा फहराएं।
पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि का सीधा अंतरण (DBT)
कार्यक्रम के दौरान राज्य के अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि का डी०बी०टी० (DBT) के माध्यम से सीधा हस्तांतरण किया गया। साथ ही ‘मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना‘ के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वर्ष 2024-25 के ‘देवभूमि खेल रत्न’ और ‘देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र व चेक सौंपकर सम्मानित किया गया।
इतिहास रचने जा रहा है पहला बैच: प्रथम बैच के छात्रों से खेल मंत्री ने साधा सीधा संवाद
राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह से पूर्व खेल मंत्री रेखा आर्या ने विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले लगभग 150 विद्यार्थियों के साथ एक आत्मीय एवं संवादपूर्ण सत्र में भाग लिया। इस दौरान खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ऐतिहासिक प्रथम बैच का हिस्सा बनने पर बधाई दी।

संवाद कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री ने ‘बैचलर इन स्पोर्ट्स साइंस’, ‘बैचलर इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट’ और ‘डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग’ के विद्यार्थियों से सीधे प्रश्न पूछे और उनके सुझाव व विचार जाने। उन्होंने बताया कि आधुनिक दौर में खेल केवल मैदान पर दौड़ने-खेलने तक सीमित नहीं है। बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, इंजरी प्रिवेंशन और स्पोर्ट्स मार्केटिंग जैसे विषय आज खेल जगत की रीढ़ हैं।
छात्रों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
‘डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग’ और अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य में ही आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस लैब, अत्याधुनिक एथलेटिक ट्रैक, इंडोर कॉम्प्लेक्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों का मार्गदर्शन मिलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। खेल मंत्री ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल वैज्ञानिकों, फिजियोथेरेपिस्टों और विशेषज्ञों की टीम तैनात की जा रही है।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक महेश नेगी, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सचिव डीके सिंह, कुलदीप बुटोला, मोहन पाठक, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्य, हरीश पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
uttarakhand weather15 hours agoउत्तराखंड में आज बारिश का रेड अलर्ट! बारिश की चेतावनी के चलते कई जिलों में स्कूल बंद
Pauri15 hours agoपौड़ी में उफनती नदियों का कहर, मां-बेटी की मौत, दूसरी महिला की तलाश जारी
Udham Singh Nagar9 hours agoबाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप, संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
Haridwar14 hours agoहरिद्वार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 160 चालान से मचा हड़कंप
Haldwani13 hours agoहल्द्वानी RTO दफ्तर में अचानक चली गोली, प्रशासनिक अधिकारी के फायरिंग करने से मचा हड़कंप
Dehradun7 hours ago2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी को झटका, दो मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा
Dehradun7 hours agoCM धामी ने 26 मदरसों को बांटे प्रमाण-पत्र, कहा – सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, रोजगारपरक शिक्षा जरूरी











































