Dehradun
सीएम धामी ने बुलाई बैठक: दिए निर्देश, कहा कार्यों में लापरवाही बरतने पर होगीं कठोर कार्यवाई।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि 30 नवम्बर तक सड़को को पूर्ण रूप से गड्ढा मुक्त बनाया जाय। सचिव लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सर्कल ऑफिसर सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करें।
उन्होंने निर्देश दिये कि निर्धारित समयावधि में सड़को के गड्ढ़ा मुक्त न होने की स्थिति में और कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों पर मौके पर ही निलंबन की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कभी भी सड़कों के निर्माण कार्यों एवं पैच वर्क से संबधित कार्यों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के कार्यों और आतंरिक सड़क मार्गों के कार्यों में भी युद्धस्तर पर कार्य किये जाएं। शहर में सड़कों के निर्माण कार्य रात्रि के समय तेजी से किये जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये जो भी सड़के बनाई जा रही हैं, उनमें गुणवत्तापूर्वक कार्य हो, इसकी निगरानी के लिए सचिव लोक निर्माण विभाग को नोडल अधिकारी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां पर भी निर्माण कार्य प्रगति पर है वहां पर बैरिकेटिंग सही तरह से लगे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि लोगों को आवागमन के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। सड़कों पर डिवाईडर, रिफ्लेक्टर, साइनेज लाईटिंग की अच्छी व्यवस्थाएं रखने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और आपदा प्रबंधन पर 6वीं अन्तरराष्ट्रीय कांग्रेस दो बड़े आयोजन होने इसके दृष्टिगत भी सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में पानी का बहाव अधिक होता है, ऐसे क्षेत्रों में व्हॉइट टापिंग तकनीक का प्रयोग किया जाए। सड़कों से संबंधित जो भी योजनाएं बनाई जा रही हैं, वे आगामी 50 साल की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह भी सुनिश्चित किया जाए की सड़कों पर बिजली के तार न झूल रहे हों। सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान बिजली के पोल को भी सड़कों से बाहर शिफ्ट किया जाए। सड़कों पर किसी को भी अतिक्रमण न करने दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन एवं तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके लिए रोड कनेक्टिविटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विस्तार और विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा।
सिलक्यारा में राहत एवं बचाव में जुटी एजेंसियों को दी जाए हर संभव मदद
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सिलक्यारा उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों के राहत एवं बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों को हर संभव मदद दी जाए। श्रमिकों के परिजनों से भी निरंतर समन्वय स्थापित कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जिला प्रशासन उत्तरकाशी के साथ लगातार समन्वय बनाकर किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र सहायता करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों के साथ समन्वय बना कर रखें।
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उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची, 9.31 लाख वोटर सूची से बाहर

Uttarakhand News : उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 9,31,685 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं रह गया है, उनके पास दोबारा मतदाता बनने का विकल्प मौजूद रहेगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा।
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उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत उत्तराखंड में 8 जून से हुई थी। उस समय राज्य की मतदाता सूची में करीब 79 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद आयोग ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 71,33,785 रह गई थी।
9.31 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर
पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए। इन प्रपत्रों को 7 जुलाई तक भरकर जमा कराया गया। इसके बाद ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही मतदाताओं को अपने नाम और विवरण को लेकर दावे व आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया।
आयोग के अनुसार, 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। वहीं, 10 जुलाई से 28 सितंबर के बीच इन दावों और आपत्तियों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया।

अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को जोड़ा
पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 15 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, उत्तराखंड के पांच जिलों में यूपी के सीमावर्ती जिलों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया के चलते अंतिम सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाकर 3 अक्टूबर कर दी गई।
अब एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची सामने आ गई है। इसमें कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। खास बात ये है कि अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया है।
अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी
ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। निर्वाचन विभाग अब नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाएगा। वहीं, जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल

Dehradun News : देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
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त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
त्यूणी तहसील क्षेत्र में हुए इस हादसे में कार में चालक समेत कुल तीन लोग सवार थे। बताया गया कि कार सड़क से नीचे करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण रेस्क्यू टीम को शव और घायलों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एसडीआरएफ ने घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही त्यूणी थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने खाई में उतरकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव के साथ दोनों घायलों को भी खाई से बाहर निकाला गया।

दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल
रेस्क्यू के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी त्यूणी भेजा गया। हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 39 वर्षीय दुर्गेश चौधरी के रूप में हुई है। वो उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के फतापुर का रहने वाला था।
वहीं, घायलों की पहचान 27 वर्षीय सुनील मंडल और ऋषभ के रूप में हुई है। सुनील मंडल दिल्ली के महावीर एन्क्लेव के निवासी बताए गए हैं, जबकि ऋषभ देहरादून का रहने वाला है।
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देहरादून में किराये के मकान में चल रहे सैक्स रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

Dehradun News : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला में किराये के एक मकान में चल रहे कथित देह व्यापार के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया है।
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देहरादून में किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़
देहरादून पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में देह व्यापार का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में इस पूरे मामले का कथित मुख्य संचालक भी शामिल है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग को भी वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को दिल्ली से मसूरी घुमाने की बात कहकर देहरादून लाया गया था। आरोप है कि इसके बाद उसे देह व्यापार के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसे एक कमरे में रोककर रखा गया था।
पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर को मुखबिर से हरभजवाला स्थित नीलकंठ एन्क्लेव में देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एक मकान में दबिश दी। मौके से तीन महिलाएं और तीन पुरुष मिले। तलाशी के दौरान पुलिस ने 18 हजार रुपये नकद के साथ आपत्तिजनक सामग्री और कुछ दवाइयां भी बरामद कीं।
महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार बुलाते थे देहरादून
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मकान को किराये पर लेकर कथित तौर पर देह व्यापार का संचालन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मामले का कथित सरगना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार देहरादून बुलाता था। ग्राहकों से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया जाता था और उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं।

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक की पसंद तय होने के बाद महिलाओं को किराये के कमरे या ग्राहक द्वारा बताए गए स्थान पर भेजा जाता था। इसी दौरान पुलिस ने उस नाबालिग को भी बरामद किया, जिसे कथित तौर पर दिल्ली से देहरादून लाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, नाबालिग को आरोपी का एक साथी दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने लेकर आया था। यहां उस पर गलत काम के लिए दबाव बनाने का आरोप है। नाबालिग के विरोध करने पर उसे कमरे में रोककर रखा गया। पुलिस ने उसे मुक्त कराकर संरक्षण में ले लिया है।
मामले में पटेलनगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।





































