Dehradun
सीएम धामी ने लाभार्थियों के साथ किया वर्चुअल संवाद, उधम सिंह नगर के लाभार्थियों ने दी जानकारी।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत रविवार को जनपद उधम सिंह नगर के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी कमला ने कहा कि उन्होंने एन.आर.एल.एम के तहत पहले एक लाख रूपये और उसके बाद दो लाख रूपये का सीसीएल लिया। उनके समूह से 10 महिलाएं जुड़ी हैं, कोरोना काल में सरकार द्वारा समूह को दो बार 06-06 हजार रूपये की धनराशि दी गई। कमला ने कहा कि उनकी मासिक 20 से 25 हजार रूपये की बचत हो जाती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थी विक्की सिंह ने बताया कि पहले वे टूटी-फूटी झोपड़ी में रहते थे। उन्हें पीएम आवास योजना के लाभ मिला और घर में बर्तन खरीदने के लिए राज्य सरकार की ओर से भी 05 हजार रूपये मिले। इसके अलावा उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ लिया है।

तपन मजूमदार ने कहा कि उन्हें नजूल नीति का लाभ मिला। इसका लाभ लेने के लिए उन्हें किसी भी ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इसकी सभी औपचारिकताएं जल्द पूर्ण हुई। कविता तिवारी ने कहा कि उन्होंने 10 लाख रूपये के कृषि यंत्र लिये, जिसमें उन्हें 08 लाख रूपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रक्रिया शुरू करने के बाद सब्सिडी का लाभ बहुत जल्दी मिल गया था। उधम सिंह नगर के सलमान और हिना ने उनके बच्चे का निःशुल्क ईलाज होने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य मुख्य सेवक होने के नाते वे लोगों से विभिन्न योजनाओं का निरंतर फीडबैक लेते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया गया था। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देश भर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। महज कुछ ही दिनों में इस यात्रा ने लाखों गांवों की यात्रा तय की है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस यात्रा के माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साढ़े 9 वर्षों में अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, दूरदर्शी सोच एवं योजनाओं से हर वर्ग को लाभान्वित किया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाएं लोगों के लिए काफी सहायक सिद्ध हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज किसी को भी सरकार के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं है, सरकार स्वयं आगे बढ़कर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से आह्वाहन किया कि सभी पात्र लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए अन्य लोगों को भी जागरूक किया जाए। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हम सबको अपना योगदान देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हुआ है।
इस अवसर पर अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, आनन्द स्वरूप, वर्चुअल माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी उधम सिंह नगर विशाल मिश्रा एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित थे।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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अंकिता केस पर उत्तराखंड में बवाल, लोकभवन पहुंचे कांग्रेसी नेता, पुलिस ने हिरासत में लिया

Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामले में कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने लोकभवन पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
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अंकिता केस पर प्रेस वार्ता के बाद लोकभवन पहुंची कांग्रेस
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इसके बाद पार्टी के नेता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोकभवन पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे लोकभवन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह करने की धमकी भी दी।
कथित VIP की नियुक्ति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP को लेकर सवाल उठने के बावजूद संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने स्वयं इस प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की थी, ऐसे में नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब मातृशक्ति को एकजुट होकर न्याय की मांग उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, अंकिता को न्याय नहीं मिलने के कारण पूरे देश की नजरें उत्तराखंड पर हैं और इस मामले से प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।

हरीश रावत बोले- अस्मिता से जुड़ा है मामला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी प्रकरण को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अपने गौरव की रक्षा के लिए अपनी जान गंवाई और अब यह सभी की जिम्मेदारी है कि मामले को न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।
हरीश रावत ने कहा कि अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का संघर्ष है। उन्होंने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की निंदा भी की।
हरक सिंह रावत ने गिरफ्तारी को बताया तानाशाही
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने अंकिता के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी की मांग है कि नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेगा उत्तराखंड विधानसभा का सदन, राज्यपाल ने दी सत्र को मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, ये उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र होगा। सत्र की तिथि निर्धारित होने के साथ ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सत्र कितने दिन चलेगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित कार्यसूची का भी अभी खुलासा नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।

सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा
गैरसैंण की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र राज्य की विधायी गतिविधियों के लिहाज से अहम है। सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच किन विषयों पर प्रमुखता से बहस होगी, यह विस्तृत कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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