Dehradun
सीएम धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर की बैठक, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिया जोर….

देहरादून – चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा से सबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण की जाएं। यात्रा के दृष्टिगत सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्राकाल के दौरान यातायात प्रबंधन और यात्रा मार्गों पर पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। ग्रीन चारधाम यात्रा का अभियान शुरू किया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर देश और दुनिया की नजर रहती है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य किये जाएं। यह यात्रा राज्य की लाइफलाइन है और आर्थिकी का बड़ा माध्यम है। पिछले साल की यात्रा में आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना पर कार्य किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो। चारधाम यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग टैस्ट की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग समय पर घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करे। साथ ही यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त संख्या में गर्म पानी और चारे की व्यवस्था उपलब्ध रहे। यात्रा शुरू होने से पहले संकरे मार्गों का चौड़ीकरण और जिन स्थानों पर सड़क निर्माण से सबंधित कार्य चल रहे हैं, उन्हें पूर्ण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रूकना न पड़े। यातायात प्रबंधन की दृष्टि से रोकना भी पड़े, तो उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करें कि चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉटर के टिकटों की ब्लैकमेलिंग न हो, ब्लैकमेलिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यात्रा मार्गों पर शौचालयों की पूर्ण व्यवस्था के साथ पिंक टॉयलेट की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा भी स्वच्छता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मार्च माह में विभागीय सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने राज्य में ग्रीन चारधाम यात्रा की शुरूआत करने के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का चारधाम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये। चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल कनेक्टिविटी, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधनों और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मौसम के रियल टाइम अपडेट सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। इस अवसर पर सीएम ने यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों के डीएम से यात्रा मार्ग से जुड़ी विभिन्न तैयारियों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इनके आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित किया जाए। गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान पर भी कार्य किया जाए। 2026 में होने वाली नंदा राजजात और 2027 के कुंभ के लिए भी अभी से तैयारी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों से कहा कि उन्होंने राज्य के जिस तहसील, पुलिस थाने, ब्लॉक या अन्य क्षेत्रों से नौकरी की शुरूआत की है, उन्हें गोद लेकर उनके विकास में योगदान दें। अपनी नौकरी के शुरूआत के इन क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर जन समस्याओं का समाधान करें, सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी करें।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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अंकिता केस पर उत्तराखंड में बवाल, लोकभवन पहुंचे कांग्रेसी नेता, पुलिस ने हिरासत में लिया

Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामले में कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने लोकभवन पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
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अंकिता केस पर प्रेस वार्ता के बाद लोकभवन पहुंची कांग्रेस
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इसके बाद पार्टी के नेता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोकभवन पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे लोकभवन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह करने की धमकी भी दी।
कथित VIP की नियुक्ति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP को लेकर सवाल उठने के बावजूद संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने स्वयं इस प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की थी, ऐसे में नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब मातृशक्ति को एकजुट होकर न्याय की मांग उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, अंकिता को न्याय नहीं मिलने के कारण पूरे देश की नजरें उत्तराखंड पर हैं और इस मामले से प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।

हरीश रावत बोले- अस्मिता से जुड़ा है मामला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी प्रकरण को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अपने गौरव की रक्षा के लिए अपनी जान गंवाई और अब यह सभी की जिम्मेदारी है कि मामले को न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।
हरीश रावत ने कहा कि अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का संघर्ष है। उन्होंने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की निंदा भी की।
हरक सिंह रावत ने गिरफ्तारी को बताया तानाशाही
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने अंकिता के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी की मांग है कि नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेगा उत्तराखंड विधानसभा का सदन, राज्यपाल ने दी सत्र को मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, ये उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र होगा। सत्र की तिथि निर्धारित होने के साथ ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सत्र कितने दिन चलेगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित कार्यसूची का भी अभी खुलासा नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।

सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा
गैरसैंण की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र राज्य की विधायी गतिविधियों के लिहाज से अहम है। सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच किन विषयों पर प्रमुखता से बहस होगी, यह विस्तृत कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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