Dehradun
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ सरकार — सीएम धामी ने SEOC पहुंचकर दिए युद्धस्तर पर राहत कार्यों के दिए निर्देश

सीएम धामी मंगलवार देर रात पहुँचे आपदा परिचालन केंद्र ( SEOC) , अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ है सरकार” – सीएम पुष्कर सिंह धामी
राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर” – मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश
देहरादून समेत राज्यभर में SDRF और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया – सीएम धामी
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने सीएम धामी से की बातचीत, हरसंभव मदद का आश्वासन
लापता लोगों की खोज और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश – सीएम
राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नुकसान का लिया जायज़ा, कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश की स्थिति पर रखी नजर
SDRF व बिजली विभाग की कार्यशैली की मुख्यमंत्री ने की सराहना
अगले 3 दिनों में सभी जिलों में रहे पूरी तरह सतर्कता, मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ किया जाए” – सीएम धामी
आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित
सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए
स्वास्थ्य विभाग को भी आपदा के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए
देहरादून: देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की आदतन जानकारी ली |
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन NDRF, SDRF के अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Dehradun
ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला

Dehradun News : उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्रेन में यात्री के सामान की चोरी के मामले में रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश दिया है। हालांकि, आयोग ने मानसिक उत्पीड़न के लिए जिला आयोग की ओर से तय किए गए 25,000 रुपये के अतिरिक्त मुआवजे को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही मुआवजे पर ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत सालाना कर दी गई।
Table of Contents
ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा
बता दें कि ये पूरा मामला लीला धर डोभाल और उनके परिवार से जुड़ा है। परिवार के सदस्य उदयपुर से नई दिल्ली जा रहे थे। दो जुलाई को मथुरा रेलवे स्टेशन पर मेवाड़ एक्सप्रेस के धीमे होने के दौरान कुछ अज्ञात लोग एसी कोच बी-2 में दाखिल हुए और लीला धर डोभाल व वीणा डोभाल का कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गए।
राज्य आयोग ने सुनाया फैसला
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, घटना के समय कोच के दरवाजे खुले थे। उन्होंने कोच अटेंडेंट, रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और टीटीई की अनुपस्थिति को भी सुरक्षा में कमी का कारण बताया। दूसरी ओर, रेलवे ने अपनी ओर से किसी तरह की लापरवाही होने से इनकार किया था।
इस मामले में देहरादून जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 11 मई 2022 को शिकायतकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिला आयोग ने रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा, मानसिक पीड़ा के लिए 25,000 रुपये और मुकदमेबाजी पर हुए खर्च के रूप में 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया था। रेलवे ने इस आदेश को राज्य आयोग में चुनौती दी।

आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य आयोग ने माना कि रात के समय आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही को दर्शाता है। आयोग ने यह भी कहा कि कोच अटेंडेंट या पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति सुरक्षा व्यवस्था में कमी का संकेत है। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के एक फैसले का हवाला देते हुए राज्य आयोग ने स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई चोरी के मामले में रेलवे को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
हालांकि, राज्य आयोग ने जिला आयोग के फैसले में संशोधन करते हुए मानसिक पीड़ा के लिए निर्धारित 25,000 रुपये की राशि हटा दी। इसके साथ ही मुआवजे पर वार्षिक ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दी गई। रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का निर्देश बरकरार रखा गया।
Dehradun
बड़ी खबर : UKSSSC ने अचानक टालीं दो परीक्षाएं, अभ्यर्थी जरूर जान लें ये अपडेट

Uttarakhand Jobs : उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने समूह ग के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित दो लिखित परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
Table of Contents
UKSSSC ने अचानक टालीं दो परीक्षाएं
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर लोगों को लिए बड़ खबर सामने आ रही है। यूकेएसएसएससी ने दो परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक की परीक्षा के साथ ही 1 नवंबर 2026 को होने वाली सहायक लेखाकार और अन्य संबंधित पदों की परीक्षा शामिल है।
अपरिहार्य कारणों से लिया गया फैसला
आयोग की ओर से 18 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में परीक्षाएं स्थगित करने की जानकारी दी गई। सचिव एनएस डुंगरियाल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, अपरिहार्य कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया है। दोनों परीक्षाओं की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी। ऐसे में संबंधित भर्तियों के अभ्यर्थियों को अब संशोधित परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।

25 अक्टूबर को प्रस्तावित परीक्षा में कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक के पद शामिल थे। वैयक्तिक सहायक के पद सिविल न्यायालय और कुटुंब न्यायालय से संबंधित हैं। वहीं, 1 नवंबर को विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार और अन्य पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित होनी थी।
इन पदों की परीक्षा 25 अक्टूबर को ही होगी
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी भर्ती परीक्षाएं स्थगित नहीं की गई हैं। लाइनमैन, मनोवैज्ञानिक, प्रशिक्षक और अनुदेशक पदों के लिए परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर 2026 को ही आयोजित की जाएगी।
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को तय कार्यक्रम के मुताबिक अपनी तैयारी जारी रखनी होगी। वहीं, स्थगित परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को नई तारीखों की जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले अपडेट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी गई है।
Dehradun
BJP को लगेगा एक और झटका ? कांग्रेस में आने वाला है बड़ा नेता, हरक सिंह का दावा

Uttarakhand News : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। पूर्व बीजेपी नेता रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद अब कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने बीजेपी को एक और झटका लगने का दावा किया है।
Table of Contents
BJP को लगेगा एक और झटका ?
हरक सिंह रावत ने दावा किया है ति बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशपाल बेनाम से उनकी दो-तीन बार बातचीत हो चुकी है और वो उनके संपर्क में हैं। हरक सिंह रावत के मुताबिक, यशपाल बेनाम बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं और भविष्य में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस में उनकी संभावित एंट्री को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
कांग्रेस में आने वाला है बड़ा नेता
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी पर हरक सिंह रावत ने कहा कि नौटियाल पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन बाद में बीजेपी में चले गए थे। अब उनकी पार्टी में वापसी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच पहले चर्चा हुई थी।

इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य नेताओं की राय ली गई थी। इसके बाद दिल्ली में पार्टी आलाकमान की मौजूदगी में रामशरण नौटियाल को कांग्रेस में शामिल कराया गया।
हरक सिंह रावत ने नौटियाल की वापसी का किया स्वागत
हरक सिंह रावत ने नौटियाल की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी और बीजेपी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। वहीं, यशपाल बेनाम को लेकर उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
हरक सिंह ने बेनाम को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यशपाल बेनाम कांग्रेस में शामिल होंगे या उत्तराखंड की राजनीति में कोई नया मोड़ आएगा।
Uttarakhand17 hours agoउत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 23 से 26 अक्टूबर तक के लिए अलर्ट जारी
Uttarkashi17 hours agoउत्तरकाशी में जंगल में बैल चराने गए व्यक्ति की खाई में गिरने से मौत, जंगली जानवर के हमले की आशंका
Breakingnews15 hours agoपिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग
Uttarakhand16 hours agoउत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
Dehradun13 hours agoट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला
Pauri11 hours agoकोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार








































