Politics
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में किया प्रतिभाग, जनजाति समाज के लोगो के साथ किया नृत्य।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राणा थारू विकास भवन, खटीमा में राणा थारू परिषद, खटीमा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राणा थारू परिषद के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं कलाकारों द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य एवं होली के रंग लगाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने जनजाति समाज के लोगो के साथ होली नृत्य भी किया।

बड़ी संख्या में आए लोगों को होली की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष जनजाति महोत्सव बनाने की घोषणा की है ताकि थारू जनजाति का इतिहास इसी प्रकार आगे बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशियों के त्योहार होली में हमें विकसित भारत का संकल्प लेना है, जनजाति गौरव दिवस के शुरू होने से विकसित भारत का संकल्प शुरू हुआ। देश एवं राज्य के साथ ही जनजाति समाज निरंतर आगे बढ़ रहा है। जनजाति समाज के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। देशभर में एकलव्य विद्यालय बन रहे हैं, इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए खटीमा में एकलव्य विद्यालय खोला गया है। एकलव्य विद्यालयों हेतु अलग से बजट का प्रावधान किया जा रहा है। समाज के ऐसे महान लोग जिन्हें कोई नही जानता , उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। आज देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं,जो आदिवासी समाज से हैं। आज सभी प्रतिभाओं का सम्मान हो रहा है। महाराणा प्रताप का वीरता से भरे जीवन के बारे में जन-जन को पता होना चाहिए। महाराणा प्रताप ने जो संघर्ष किया आज वो बच्चों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के विराट सपने और विराट संकल्प हैं। विकास को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। देश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के साथ हमारे समाज की संस्कृति भी आगे बढ़ रही है। हमारा जनजाति समाज आगे बढ़े, इसके लिए छात्रवृत्ति, प्रतिभा सम्मान की व्यवस्था, एवं कई अन्य योजनाओ का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बना है। भारत का मान सम्मान स्वाभिमान पूरी दुनिया में बड़ा है। आने वाले कुछ वर्षों में भारत दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रधानमंत्री निरंतर मेहनत, एवं संकल्प के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए तपस्या कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का हर पल देश को समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हिंदुस्तान का सर्वश्रेष्ठ राज्यों की पंक्ति में अग्रिम श्रेणी पर आए इसके लिए जनजाति समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनजाति समाज विकास की यात्रा का सहभागी है। राज्य में समान नागरिक संहिता विधेयक पास किया गया है। धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है। जिसमें 10 साल की सजा का प्रावधान है, देवभूमि में कोई दंगाई न रहे इसके लिए दंगारोधी कानून भी हमारी सरकार लेकर आई है।
हमारे जनजाति समाज के गौरवशाली इतिहास के दृष्टिगत ही केंद्र एवं राज्य सरकार जनजाति समाज को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रही है। जनजाति समाज हमारी प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज के लोग जब आगे बढ़ते हैं तो उन्हें बेहद खुशी होती है।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, विधायक गोपाल सिंह राणा, दान सिंह राणा, जिला अध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, प्रेम सिंह राणा, दान सिंह रावत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
Uttarakhand
उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में पार्टी 22 अक्टूबर से उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू करने जा रही है। यात्रा का शुभारंभ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से
न्याय यात्रा का पहला दल 22 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगा।
ये दल रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यात्रा लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा से होते हुए रुद्रपुर पहुंचेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को रुद्रपुर, बाजपुर और काशीपुर होते हुए जसपुर में यात्रा आयोजित की जाएगी। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ इस चरण का समापन होगा।
चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के अन्य विधायकों के नेतृत्व में दूसरा दल 22 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यह दल नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर से होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचेगा।

24 अक्टूबर को चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र और कोटद्वार में न्याय यात्रा आयोजित की जाएगी। वहीं, 25 अक्टूबर को लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल में कार्यक्रम होगा। इसके बाद 26 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर बैठक की जाएगी।
प्रीतम सिंह संभालेंगे तीसरे दल की कमान
तीसरे दल का नेतृत्व कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह करेंगे। यह दल 22 अक्टूबर को देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को सहसपुर और विकासनगर विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। 24 अक्टूबर को चकराता विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 25 अक्टूबर को कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा होगी, जबकि 26 अक्टूबर को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद प्रीतम सिंह 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र में हिस्सा लेंगे।कांग्रेस की इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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2027 चुनाव से पहले भाजपा में हलचल! जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। सोमवार,को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी का आगामी चुनाव और चकराता क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
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1.रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल
2.कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
3.भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में थामा पार्टी का हाथ
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामशरण नौटियाल ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामशरण नौटियाल का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी में शामिल किया।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे रामशरण नौटियाल
रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। अब लगभग 12 साल बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। भाजपा से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने की बात कही थी। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब कांग्रेस में शामिल होने के साथ विराम लग गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वापसी का चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। साथ ही, आगामी चुनाव में कांग्रेस उन्हें किस तरह की भूमिका देती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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दुष्यंत गौतम ने संभाली सिक्किम के राज्यपाल की कमान, गंगटोक में ली शपथ

देहरादून।सिक्किम में नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम ने पदभार संभाल लिया है। सोमवार को गंगटोक स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने राज्यपाल पद की शपथ ली सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी इस समारोह में मौजूद रहे। इसके साथ ही सिक्किम में दुष्यंत कुमार गौतम की नई संवैधानिक पारी की शुरुआत हो गई है।

लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
सिक्किम की राजधानी गंगटोक स्थित लोक भवन में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इससे एक दिन पहले रविवार को गौतम गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे, जहां राज्य के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, गंगटोक नगर निगम के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

भाजपा संगठन से राज्यसभा तक का सफर
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में पार्षद के रूप में काम कर चुके हैं। मार्च 2020 में वह हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और अगस्त 2022 तक सांसद रहे। अब सिक्किम के राज्यपाल के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है।
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