Dehradun
देहरादून: “हेल्थ कोंक्लेब” में दिग्गजों का लगा जमावड़ा, चौबीस वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अभूतपूर्व कार्य।

देहरादून – चौबीस वर्षों में उत्तराखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है चाहे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचने की बात हो चाहे अंतिम गाँव से व्यक्ति को लाकर बड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करना हो आज ज़रूरत पड़ने पर आवश्यकतानुसार तत्काल एंबुलेंस के साथ एयर एंबुलेंस भी उपलब्ध कराया जा रहा है यह बात उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धनसिंह रावत ने कही । धन सिंह रावत डाक्टर्स डे पर आयोजित हेल्थ कोंक्लेब पर कही ।

उन्होंने कहाँ आज दूरस्थ जगहों से भी बीमार लोगो को लाने के लिए डंडी कंडी की भी व्यवस्था की गई है । उन्होंने कहाँ की आज आयुष्मान कार्ड से हर ज़रूरत मंद को तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा रही है । इस अवसत पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने राज्य में चल रहे स्वास्थ्य सेवा के साथ एनी विकास कार्यों को भी बताया ।
प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि आज कोई भी कार्य वित्त की कमी के करण रुकने नहीं दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि आज राज्य में पर्याप्त वित्त की व्यवस्था है और राज्य प्रगति के पाथ पर अग्रसर ही ।

आई टीवी ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक पर कड़े प्रहार किए । उन्होंने कहा डाक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है और आज वही संदेह के घेरे में है ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने स्वास्थ्य में पर्यावरण के महत्व को समझाया उन्होंने कहाँ स्वस्थ रहने के लिए खुश रहना ज़रूरी है इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच के साथ प्रशंचित रहे । इंडिया न्यूज़ के हेल्थ कोंक्लेब में प्रदेश के कई दिग्गजों ने सिरकत किया । कार्यक्रम में उत्तराखंड में चुनिंदा उन डाक्टरों को भी सम्मानित किया गया जो सही मायने में पहाड़ और पहाड़ के लोगों की सेवा को समर्पित है

प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टर के बी जोशी , महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर सुमिता प्रभाकर , प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डाक्टर महेश कुड़ियाल , डाक्टर अमित जोशी , डाक्टर अवनी कमल ,डाक्टर इंद्रसेन श्रीवास्तव , डाक्टर सिद्धांत खन्ना , डाक्टर अरविंद चौधरी , डाक्टर राजकुमार , डाक्टर मुकुल ,डाक्टर राहुल बयाना मुख्य रहे । कार्यक्रम में आई जी सीआरपीएफ भानु प्रताप सिंह , निवर्तन मेयर सुनील उनियाल गामा , महिला एवम् बाल संरचना आयोग की अध्यक्ष डाक्टर गीता खन्ना , बफ़ बोर्ड के चेयरमैन शदाब शम्स ,राज्यमंत्री मधु भट्ट , पूर्व मंत्री राज कुमार पुरोहित, कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी,भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजीव वर्मा , पुरुषोत्तम भट्ट अध्यक्ष अपना परिवार सहित प्रदेश के कई सम्मानित लोग मौजूद रहे ।
Dehradun
देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले, कई चौकियों के प्रभारी बदले

Dehradun News : देहरादून में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत 28 उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को बदला गया है। वहीं, पुलिस लाइन और एसएसपी कार्यालय में तैनात कुछ उपनिरीक्षकों को भी फील्ड में नई तैनाती दी गई है।
Table of Contents
देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले
तबादला सूची के अनुसार, आशारोड़ी चौकी प्रभारी विवेक भंडारी को सहसपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कालसी चौकी प्रभारी संदीप पंवार को सेलाकुई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। आराघर चौकी प्रभारी अश्वनी बलोनी अब ऋषिकेश की त्रिवेणीघाट चौकी का जिम्मा संभालेंगे, जबकि त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार को आराघर चौकी भेजा गया है।
कई चौकियों के प्रभारी बदले
एसएसपी कैंप कार्यालय में तैनात रविंद्र नेगी को हर्रावाला चौकी प्रभारी बनाया गया है। कुठालगेट, मयूर विहार, लालतप्पड़, श्यामपुर और बालावाला चौकियों में भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।

इस फेरबदल के तहत अन्य उपनिरीक्षकों को भी अलग-अलग थानों और पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एसएसपी के इस फैसले से जिले की पुलिस चौकियों और फील्ड स्तर पर तैनाती में बदलाव हुआ है।

big news
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी, मंत्री ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय

Uttarakhand News : उत्तराखंड की 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी है! लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहीं इन महिलाओं के लिए सरकार ने विधानसभा में बड़ा जवाब दिया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लिखित जवाब में कहा है कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी।
Table of Contents
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी
उत्तराखंड में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? अगर सरकार मानदेय बढ़ाएगी, तो कितनी धनराशि की बढ़ोतरी की जाएगी ?
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय
इस सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी। हालांकि, कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा। यानी मानदेय बढ़ाने की बात तो सरकार ने कही है, लेकिन बढ़ोतरी की रकम और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने मिलते हैं 9 हजार रूपए
आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 9 हजार 300 रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यानी कुल 9 हजार 800 रुपये प्रतिमाह। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 5 हजार 250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। यानी कुल 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह। ऐसे में मानदेय बढ़ाने की सरकार की बात से इन महिलाओं की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि बढ़ोतरी कितनी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सके।
Dehradun
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला, STF ने दिल्ली से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Dehradun News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा गया है। वह परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात था और उस पर नकल कराने वाले गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है।
Table of Contents
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में एक और गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम और भूमिगत चैंबर में छिपाए गए लैपटॉप, राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सी सर्वर) की मदद से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इसके जरिए बाहर बैठे लोगों से परीक्षा के प्रश्न हल कराए जाते थे।
मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड जांचने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का निवासी है। एसटीएफ के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और परीक्षा के दौरान निगरानी रखने की थी।
आरोप है कि अंकित कुमार ने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को दूर से एक्सेस करने के लिए जरूरी आईपी संबंधी जानकारी नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई थी। एसटीएफ मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।







































